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चंपारण के मदरसे से देश विरोधी प्लानिंग, NIA ने मौलवी को दबोचा: 5 बोरी उर्दू किताबें बरामद, 100 लड़कियों को दे रहा था ‘तालीम’

असगर अली पलनवा थाना के सिसवनिया गाद गाँव का रहने वाला है और जामिया मारिया मिसवा मदरसा में बच्चों को तालीम देने का काम करता था। ढाका के पचपकड़ी में स्थित जामिया मारिया मिसवा मदरसा का संचालन वर्ष 2013 से हो रहा है।

बिहार के पटना में हाल में ही ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)’ के कुछ संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है। जिसके बाद उनके खतरनाक मंसूबों के बारे में देश को पता चला है। इस गिरफ्तारी के बाद से बिहार की पुलिस व जाँच एजेंसी NIA सक्रिय है। NIA अपनी तरफ से लगातार जाँच कर रही है।

इसी सिलसिले में मंगलवार (19 जुलाई, 2022) को पटना से ढाका पहुँची एनआईए की टीम ने पचपकड़ी रोड स्थित जामिया मारिया मिसवा मदरसा से तीन लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान सिकरहना डीएसपी राजेश कुमार समेत एसडीओ व कई पुलिस अधिकारी थाना पर मौजूद रहे।

पटना से आई एनआईए की टीम जामिया मारिया मिसवा मदरसा ढाका के पचपकड़ी पहुँची और मदरसा के मौलवी मुफ्ती असगर अली को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही मदरसा के दो अन्य लोगों को भी कस्टडी में लेकर ढाका थाना पहुँची। हालाँकि पूछताछ के बाद उन दोनों को छोड़ दिया गया और अली असगर को लेकर जाँच एजेंसी पटना आ गई है। जहाँ उससे दोबारा पूछताछ की जाएगी। मौलाना पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।

बताया जा रहा है कि एफआईआर में अली का नाम भी है। पुलिस इस सिलिसिले में उसके घर पर भी दबिश देने पहुँची थी, जहाँ पाँच बोरे में उर्दू की किताबें मिली हैं। ये किताबें आपत्तिजनक बताई जा रही हैं, जिनकी आगे जाँच की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि वे कैसी मजहबी किताबें हैं। 

असगर अली पलनवा थाना के सिसवनिया गाद गाँव का रहने वाला है और जामिया मारिया मिसवा मदरसा में बच्चों को तालीम देने का काम करता था। ढाका के पचपकड़ी में स्थित जामिया मारिया मिसवा मदरसा का संचालन वर्ष 2013 से हो रहा है। इस मदरसे में लगभग 100 मुस्लिम लड़कियों को तालीम दी जाती है। अली असगर ढाका बड़ी मस्जिद के नायाब इमाम मोहम्मद नेसार के कमरे में रहता है। मस्जिद के नायाब इमाम ढाका थाना क्षेत्र के जमुआ के रहने वाले हैं।

ढाका पहुँची एनआईए की टीम को लेकर एसपी डॉ. कुमार आशीष ने भी कुछ बताने से इनकार किया है। डीएसपी सिकरहना राजेश कुमार ने सिर्फ एनआईए की टीम के आने की पुष्टि की, मगर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नाम पर देश विरोधी गतिविधियाँ चल रही थी, जिसका खुलासा होने का बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे बिहार में लगातार कार्रवाई कर रही हैं। 

इससे पहले इस मामले में बिहार की पटना पुलिस ने फुलवारी शरीफ से पाँच लोगों की गिरफ्तारी की थी। इस मामले में कुल 26 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। बिहार पुलिस की फुलवारी शरीफ कार्यालय में छापेमारी के दौरान पुलिस को आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे, जिनमें से एक का शीर्षक था – ‘2047 इंडिया टुवर्ड्स रूल ऑफ इस्लामिक इंडिया’। इसके अलावा इनके पास से पीएफआई के पर्चे भी बरामद किए गए थे।

पीएम मोदी के पटना दौरे से 15 दिन पहले से ही इन आतंकियों को फुलवारी शरीफ में ट्रेनिंग दी जा रही थी। पीएम मोदी को मारने की साजिश को लेकर उन्होंने 6 और 7 जुलाई को बैठकें कीं। हालाँकि, बिहार पुलिस का कहना है कि पीएम मोदी को सीधा खतरा नहीं था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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