Homeदेश-समाजमेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम… हत्या के वक्त अधूरे रह गए थे...

मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम… हत्या के वक्त अधूरे रह गए थे जो माफिया ब्रदर्स के शब्द, 1 साल बाद अतीक अहमद के बेटे अली ने उसे पूरा किया

अतीक के बेटे अली ने बताया कि उसका चाचा अशरफ गुड्डू मुस्लिम को गद्दार कहना चाहता था। अतीक का मानना था कि उमेश पाल की हत्या के दौरान असद को गाड़ी के बाहर नहीं निकलना था लेकिन उसे गुड्डू मुस्लिम ने ही इशारा कर कर बाहर निकलवाया था।

भारत के दुर्दांत माफियाओं की लिस्ट में शुमार अतीक अहमद की मौत हुए 1 साल पूरे हो चुके हैं। ठीक 1 साल पहले 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में 3 हमलावरों ने मीडियाकर्मी बन कर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोलियों से भून दिया था। हत्या के ठीक पहले अतीक ने गुड्डू मुस्लिम के बारे में कुछ बोलना चाहा था लेकिन गोली लगने की वजह से शब्द अधूरे रह गए थे। अब अतीक के जेल में बंद बेटे अली ने बताया है कि उसके अब्बा गुड्डू मुस्लिम के बारे में क्या बताना चाह रहे थे। वहीं उस कब्रिस्तान की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है जहाँ अतीक अपने भाई अशरफ और बेटे असद के साथ दफन है।

एक साल पहले अतीक अपने भाई अशरफ के साथ प्रायगराज के मेडिकल कॉलेज में पुलिस कस्टडी में लाया गया था। तब, पत्रकारों ने उस से असद के जनाजे में न जाने को ले कर सवाल किया था। इसके जवाब में अतीक बोला कि वह इसलिए नहीं गया था क्योंकि उसे ले ही नहीं जाया गया था, तभी बीच में अशरफ ने टोकते हुए कहा, “मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम…।” इसके बाद दोनों भाइयों की हत्या हो गई थी। तब से लोगों में यह जानने की इच्छा थी कि आखिर गुड्डू मुस्लिम के बारे में अशरफ क्या बोलना चाहता था। मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस सूत्रों से बताया गया है कि अतीक अहमद के बेटे अली ने बताया है कि अशरफ कहना चाहता था कि गुड्डू मुस्लिम गद्दार है।

अतीक और अशरफ का मानना था कि उमेश पाल की हत्या के दौरान असद को गाड़ी के बाहर नहीं निकलना था लेकिन उसे गुड्डू मुस्लिम ने ही इशारा कर कर बाहर निकलवाया था। बकौल अली उसके अब्बा अतीक और चाचा अशरफ नहीं चाहते थे कि उमेश पाल की हत्या के दौरान असद गाड़ी से बाहर निकले। अतीक ये मान कर चल रहा था कि गुड्डू मुस्लिम ने ही उसके बेटे को गाड़ी से बाहर आने का इशारा किया था। इसी वजह से दोनों गैंगस्टर भाइयों का मानना था कि गुड्डू मुस्लिम ने उनके साथ गद्दारी की है।

अतीक अहमद को इस बात का भी शक था कि उनके बेटे असद की पुलिस को मुखबिरी गुड्डू मुस्लिम ने की है। वह मानता था कि असद की लोकेशन गुड्डू के अलावा और किसी को भी नहीं पता थी। आखिरकार 13 अप्रैल 2023 को UP STF ने असद को झाँसी में मार गिराया था। बमबाज गुड्डू मुस्लिम अभी भी फरार चल रहा है। वहीं अतीक की मौत के 1 साल पूरे होने पर प्रयागराज के उस कब्रिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है जहाँ वो अपने भाई अशरफ और बेटे असद के साथ दफन है।

कालिंदीपुरम में पड़ने वाले इस कब्रिस्तान के आसपास सादे वेश में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आशंका इस बात की भी जताई गई है कि फरार चल रही अतीक की बीवी शाइस्ता और अशरफ की बीवी जैनब अपने बेटों सहित कब्रिस्तान आ सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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