Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र पुलिस बल सबसे अधिक भ्रष्ट, करप्शन में 26 फीसदी का इजाफा: ACB के...

महाराष्ट्र पुलिस बल सबसे अधिक भ्रष्ट, करप्शन में 26 फीसदी का इजाफा: ACB के आँकड़ों से खुलासा

आँकड़ों के अनुसार, एसीबी द्वारा इस साल जनवरी की शुरुआत से 24 अप्रैल तक 254 नए मामले दर्ज किए गए और इनमें शामिल 342 लोगों की गिरफ्तारी हुई जो पिछले साल की समान अवधि के 201 नए मामलों और 282 गिरफ्तारियों की तुलना में कहीं अधिक है।

2021 की शुरुआत से महाराष्ट्र राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, यह जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जारी सांख्यिकीय रिपोर्ट [पीडीएफ] से सामने आई है।

01 जनवरी, 2021 से 24 अप्रैल, 2021 तक के आँकड़ो का हवाला देने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, भ्रष्टाचार के मामलों में अधिकतम गिरफ्तारी पुलिस विभाग से हुई और उसके बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों का नंबर है।

एक चौंकाने वाले खुलासे के मुताबिक, पुलिस विभाग में शामिल रिश्वत की राशि 11,58,100 रुपए और उसके बाद नगर निगमों में 10,05,500 रुपए और राजस्व विभाग में 9,45,400 रुपए दर्ज की गई है।

254 दर्ज मामलों में रिश्वत की कुल राशि 61.89 लाख रुपए है।

आँकड़ों के अनुसार, एसीबी द्वारा इस साल जनवरी की शुरुआत से 24 अप्रैल तक 254 नए मामले दर्ज किए गए और इनमें शामिल 342 लोगों की गिरफ्तारी हुई जो पिछले साल की समान अवधि के 201 नए मामलों और 282 गिरफ्तारियों की तुलना में कहीं अधिक है।

दर्ज किए गए 254 मामलों में से 53 मामले राजस्व विभाग के खिलाफ दायर किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 73 अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है।

रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि भ्रष्टाचार के 50 मामलों में पुलिस विभाग से 77 गिरफ्तारियाँ की गई हैं, जबकि विभिन्न नगर निगमों के खिलाफ 22 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 33 अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है।

अधिकतम मामले औरंगाबाद (79), नासिक (58), पुणे (57), ठाणे (40) और मुंबई (32) जैसे शहरों से दर्ज किए गए हैं।

एसीबी के एक अधिकारी ने एक बयान में खुलासा किया, “पुलिस और राजस्व विभाग पिछले कुछ सालों से भ्रष्टाचार के मामलों में शीर्ष स्थान पर हैं। पिछले साल लॉकडाउन के कारण कम मामले दर्ज किए गए थे और जैसे ही लॉकडाउन हटाया गया, मामले फिर से बढ़ने लगे। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों द्वारा की जा रही माँगों में न पड़ें और आगे आकर एसीबी से शिकायतें करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज हो सकें। हम नियमित रूप से नागरिकों को भ्रष्टाचार को उखाड़ने के बारे में अधिक जागरूक बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं।”

CBI ने दर्ज की अनिल देशमुख के खिलाफ FIR

इस बीच, भ्रष्टाचार के आरोपों में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख के खिलाफ भी सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है।

पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख के खिलाफ जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने डॉ. जयश्री पाटिल द्वारा दायर जनहित याचिका के आधार पर सीबीआई जाँच के आदेश के बाद प्रारंभिक जाँच की जा रही है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले को ‘असाधारण और अभूतपूर्व’ करार देते हुए यह भी कहा था कि उसके आदेश के बाद शुरू की गई प्रारंभिक जाँच के बाद सीबीआई कार्रवाई का फैसला करने के लिए स्वतंत्र होगी। इसलिए, इसने सीबीआई को तब मामले में एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी, यदि उसे परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों में अनिल देशमुख के खिलाफ सबूत मिला हो।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉकरोचों के प्रदर्शन में घुसी नेहा बोरा कौन है? जानिए AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष का चिट्ठा- उमर खालिद को बताती है बेचारा, ब्राह्मणों से...

आइए जानते हैं CJP के प्रदर्शन में घुसकर वामपंथी एजेंडे को हवा देने वाली नेहा बोरा कौन हैं और कैसे वो ब्राह्मणों के खिलाफ जहर उगलती आईं हैं।

गाजियाबाद के सीवर प्लांट में पोलियो वायरस मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, किसी बच्चे में संक्रमण नहीं: जानिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने कैसे बढ़ाई...

गाजियाबाद के सीवर में पोलियो वायरस मिला। यह वायरस पोलियो वैक्सीन के कमजोर अंश से विकसित होता है जो कमजोर टीकाकरण वाले इलाकों में फैलता है।
- विज्ञापन -