Sunday, April 21, 2024
Homeदेश-समाजमालदीव से केरल लौटी गर्भवती महिला ने भारतीय नौसेना से कहा- Thank You

मालदीव से केरल लौटी गर्भवती महिला ने भारतीय नौसेना से कहा- Thank You

भारतीय नौसेना ने आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर की मदद से मालदीव में रह रहे करीब 1800 से 2000 लोगों को स्वदेश वापस लाने की योजना बनाई है। इसके लिए नौसेना के जहाजों को चार बार चक्कर लगाने होंगे। इसमें दो चक्कर कोच्चि के लिए और दो चक्कर तूतीकोरिन के लिए होंगे।

मालदीव में फँसे भारतीयों को लेकर नौसेना का जहाज जलाश्व रविवार (अप्रैल 10, 2020) को सुबह माले से कोच्चि बंदरगाह पहुँचा। इसके साथ ही कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन के दौरान विदेशी सरजमीं से भारतीयों को निकालने का भारतीय नौसेना का पहला बड़ा अभियान पूरा हो गया।

बता दें कि नौसेना ने विदेश में फँसे लोगों को लाने के लिए समुद्र सेतु नाम से अभियान चलाया है। इस जहाज से 19 गर्भवती महिलाओं समेत 698 भारतीय यात्रियों को स्वदेश लाया गया। जहाज पर दवाओं के साथ अन्य चिकित्सा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थे।

जहाज में सवार एक गर्भवती महिला ने इसके लिए भारतीय नौसेना का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विमान में खाना, दवाई, सैनिटाइजर, मेडिकल सुविधाएँ जैसी हर की सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर आप मालदीव में हैं और किसी तरह की मुश्किल में हैं या प्रेगनेंट हैं, तो वो शिप में वापस आ सकती हैं। यहाँ पर उनका काफी अच्छे से ख्याल रखा जाता है। महिला ने इसके लिए खास तौर पर भारतीय नौसेना को धन्यवाद दिया।

ऑपरेशन के पहले चरण के तहत नौसेना के दो बड़े युद्धपोत माले पहुँचे थे। उनमें से आईएनएस जलाश्व 698 भारतीयों को लेकर शुक्रवार (मई 8, 2020) को केरल के कोच्चि के लिए रवाना हुआ था। भारतीय नौसेना ने आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर की मदद से मालदीव में रह रहे करीब 1800 से 2000 लोगों को स्वदेश वापस लाने की योजना बनाई है।

इसके लिए नौसेना के जहाजों को चार बार चक्कर लगाने होंगे। इसमें दो चक्कर कोच्चि के लिए और दो चक्कर तूतीकोरिन के लिए होंगे। स्वदेश वापसी में जबसे ज्यादा प्राथमिकता जरूरतमंद लोगों को ही दी जा रही है। इनमें बच्चे, बूढ़े, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएँ शामिल हैं।

नौसेना के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी फैलने के कारण भारत सरकार विदेशों में फँसे भारतीयों को वापस लाना चाहती है। इसके लिए सरकार ने नौसेना को जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिए थे।

विदेश से लाए गए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के लिए सभी बंदोबस्त कर लिए गए हैं। इनमें केरल के 440 लोग और बाकी देश के अन्य हिस्सों के लोग हैं। आईएनएस जलाश्व से आए लोगों में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश के नागरिक भी शामिल हैं।

केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार विदेश से लौटने वालों को एक सप्ताह के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। इसके बाद एक सप्ताह उन्हें अपने घर में आइसोलेशन में रहना होगा। किसी में कोरोना के लक्षण मिलने पर उसे फौरन कोरोना का इलाज करने वाले अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जब राष्ट्र में जगता है स्वाभिमान, तब उसे रोकना असंभव’: महावीर जयंती पर गूँजा ‘जैन समाज मोदी का परिवार’, मुनियों ने दिया ‘विजयी भव’...

"हम कभी दूसरे देशों को जीतने के लिए आक्रमण करने नहीं आए, हमने स्वयं में सुधार करके अपनी ​कमियों पर विजय पाई है। इसलिए मुश्किल से मुश्किल दौर आए और हर दौर में कोई न कोई ऋषि हमारे मार्गदर्शन के लिए प्रकट हुआ है।"

कलकत्ता हाई कोर्ट न होता तो ममता बनर्जी के बंगाल में रामनवमी की शोभा यात्रा भी न निकलती: इसी राज्य में ईद पर TMC...

हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रैफिक के नाम पर शोभा यात्रा पर रोक लगाना सही नहीं, इसलिए शाम को 6 बजे से इस शोभा यात्रा को निकालने की अनुमति दी जाती है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe