Thursday, January 27, 2022
Homeदेश-समाजशादी कर चुके हैं... फिर भी live-in रिलेशन में प्रेमी/प्रेमिका साथ रहते हैं, तो...

शादी कर चुके हैं… फिर भी live-in रिलेशन में प्रेमी/प्रेमिका साथ रहते हैं, तो यह अपराध नहीं: पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही IPC की धारा 497 (विवाहेतर संबंध अपराध) को असंवैधानिक करार दे चुका है। ऐसे में प्रेमी जोड़े (भले ही शादीशुदा हो) को सुरक्षा देने से इनकार नहीं किया जा सकता।

अगर आप वयस्क हैं, पहले से शादीशुदा भी हैं… तो भी किसी दूसरे/दूसरी के साथ live-in रिलेशन में रह सकते हैं। और अगर आप ऐसा करते हैं तो आप कोई अपराध नहीं कर रहे होते हैं। शादीशुदा होने के बावजूद भी live-in रिलेशन में रहने की यह समाज की परिभाषा नहीं है बल्कि पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट का फैसला है।

पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट ने विवाहेतर संबंधों पर अहम फैसला सुनाया है। पंजाब का एक प्रेमी जोड़ा अपनी सुरक्षा के लिए हाइकोर्ट तक पहुँचा था। यह फैसला इसी मामले में दिया गया। साथ ही याचिका दायर करने वाले प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का भी आदेश कोर्ट ने दिया।

Live-in रिलेशन और इलाहाबाद हाई कोर्ट

इस पूरे मामले में कानूनी दिक्कत यह थी कि शादीशुदा होने के बावजूद यह जोड़ा live-in रिलेशन में रह रहा था। और दूसरी दिक्कत थी पिछले महीने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दिया एक फैसला।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले पर कहा था कि live-in रिलेशन में रह रहे ऐसे प्रेमी जोड़े को सुरक्षा नहीं दी जा सकती है, जिसमें कोई एक भी पहले से शादीशुदा हो। इसके पीछे इलाहाबाद हाई कोर्ट ने देश के सामाजिक ताने-बाने को तर्क में रखा था।

राजस्थान हाई कोर्ट ने भी पिछले महीने एक फैसला दिया था। फैसले का आधार वही – “इलाहाबाद हाई कोर्ट वाला देश का सामाजिक ताना-बाना” था। अपने फैसले में राजस्थान हाई कोर्ट ने शादीशुदा लेकिन live-in रिलेशन में रहने वाली महिला को सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था।

इलाहाबाद हाई कोर्ट से असहमत

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे सहमत नहीं हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने तर्क देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही IPC की धारा 497 (विवाहेतर संबंध अपराध) को असंवैधानिक करार दे चुका है। ऐसे में याचिका प्रेमी जोड़े को सुरक्षा देने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के अनुसार सहमति से live-in रिलेशन में रहना (विवाहित होने के बावजूद ) किसी भी स्थिति में गैरकानूनी नहीं है। जज अमोल रतन सिंह के बेंच ने इस मामले में पंजाब सरकार को भी आदेश भेजा। खन्ना जिले के एसएसपी को आदेश दिया गया कि वह live-in रिलेशन में रहने वाले जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

क्या था मामला

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जो याचिका दाखिल की गई थी, उसके अनुसार live-in रिलेशन में रहने वाले जोड़े में से एक शादीशुदा है। साथ ही उसके तलाक से जुड़ा मामला भी हाई कोर्ट में लंबित है। याचिका दाखिल करने वाले जोड़े में से एक ने बताया था कि उनकी पत्‍नी और उनके घरवालों से जान का खतरा है। आरोप यह भी लगाया था कि पत्‍नी की शिकायत के आधार पर पुलिस के द्वारा live-in रिलेशन में रहने वाले जोड़े को लगातार परेशान किया जा रहा था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

धर्मांतरण के दबाव से मर गई लावण्या, अब पर्दा डाल रही मीडिया: न्यूज मिनट ने पूछा- केवल एक वीडियो में ही कन्वर्जन की बात...

लावण्या की आत्महत्या पर द न्यूज मिनट कहता है कि वॉर्डन ने अधिक काम दे दिया था, जिससे लावण्या पढ़ाई में पिछड़ गई थी और उसने ऐसा किया।

आजम खान एंड फैमिली पर टोटल 165 क्रिमिनल केस: सपा ने शेयर की पूरी लिस्ट, सबको ‘झूठे आरोप’ बता क्लीनचिट भी दे दी

समाजवादी पार्टी ने आजम खान, उनकी पत्नी तज़ीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान का आपराधिक रिकॉर्ड शेयर किया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
153,853FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe