Thursday, May 30, 2024
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दक्षिणी दिल्ली में अतिक्रमण पर चलने लगा बुलडोजर: 9 मई को शाहीन बाग और जामिया की बारी, अवैध रोहिंग्या-बांग्लादेशियों की बढ़ी मुश्किल

SDMC के मेयर मुकेश ने कहा था, “आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस की सरकारों ने घुसपैठियों और बांग्लादेशियों को बसाने का काम किया किया, मगर दिल्ली की चिंता कभी नहीं की। दिल्ली वाले पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, मगर AAP सरकार और उनके विधायक पानी पहुँचा रहे है रोहिंग्याओं को।”

CAA-NRC के विरोध के नाम पर राजधानी दिल्ली को अन्य राज्यों से काटने की साजिश स्थल के रूप में महीनों तक इस्तेमाल किए गए शाहीन बाग में अतिक्रमण हटाने के निर्णय लिया गया है। अतिक्रमण हटाओ अभियान दक्षिणी दिल्ली के कई हिस्सों में बुधवार (4 मई 2022) से शुरू होकर 13 मई तक चलेगा। इस संबंध में दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी को सूचित कर दिया गया है।

दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग, जसोला, सरिता विहार, ओखला, कालिंदी कुंज, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी जैसे कई इलाकों में नगर निगम ने यह अभियान शुरू किया है। निगम में स्थायी समिति के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह ने बताया कि इस बारे में संबंधित इलाके के डीसीपी को पत्र लिखकर सूचित कर दिया गया है। इस अभियान के तहत सड़कों और सरकारी जमीनों पर बने स्थायी और अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।

शाहीन बाग में अतिक्रमण हटाने का काम 9 मई को होगा। वहीं, बुधवार को पहले चरण में एमबी रोड और उसके आसपास का इलाका और करणी सिंह शूटिंग रेंज के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाएगा। 5 मई को कालिंदी कुंज मुख्य मार्ग, कालिंदी कुंज पार्क से जामिया नगर पुलिस स्टेशन तक, 6 मई को श्रीनिवासपुरी प्राइवेट कॉलोनी से ओखला रेलवे स्टेशन गाँधी कैंप तक, 10 मई को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से बौद्ध धर्म मंदिर, गुरुद्वारा रोड में और उसके आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाए जाएँगे। वहीं, 11 मई को लोधी कॉलोनी, मेहरचंद मार्केट, साईं मंदिर एवं उसके आसपास और फिर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, 12 मई को दिनसेन मार्ग, इस्कॉन मंदिर मार्ग और उसके आसपास के क्षेत्र तथा 13 मई खड्डा इलाके से अतिक्रमण हटाने का काम किया जाएगा।

इसके पहले जसोला और सरिता विहार में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने के निर्णय लिया गया था, लेकिन MCD को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मुहैया नहीं हो पाने के कारण इसे टाल दिया गया था। SDMC के मेयर मुकेश सूर्यन ने ने बताया था कि कानून-व्यवस्था के लिए पुलिकर्मियों की पहले से ही ड्यूटी लगी होने के कारण पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो पाया था। इस कारण जसोला और सरिता विहार में अभियान रद्द कर दिया गया है। SDMC को भेजे पत्र में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि सरिता विहार थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित की जाने वाली तारीख से कम-से-कम 10 दिन पहले सूचना दी जाए, ताकि इसके लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों की व्यवस्था की जा सके।

जहाँगीरपुरी में बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने के बाद SDMC के मेयर मुकेश ने कहा था कि शाहीन बाग में लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण किया हुआ है, जबकि सरिता विहार, कालिंदी कुंज में कॉलोनियों को काटकर अवैध कब्जा किया हुआ है। सुर्यन कहते हैं, “हम दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। दिल्ली में रोहिंग्या व बांग्लादेशियों ने कई जगह पर कब्जा किया हुआ है। हमने इस संबंध में सर्वे किया था। अब उसकी रिपोर्ट आ गई है, जितनी जगह पर अतिक्रमण हुआ है वहाँ कार्रवाई होगी।”

दिल्ली की पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए दक्षिणी दिल्ली के मेयर ने आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “70 सालों में कॉन्ग्रेस और 7 सालों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली वालों के लिए कभी कुछ नहीं सोचा। दोनों ही सरकारों ने घुसपैठियों और बांग्लादेशियों को बसाने का काम किया किया, मगर दिल्ली की चिंता कभी नहीं की। दिल्ली वाले पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। मगर AAP सरकार और उनके विधायक पानी पहुँचा रहे है रोहिंग्याओं को। नाइट शेल्टर्स में बस आती है उन्हें खाना देने।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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