Wednesday, September 28, 2022
Homeदेश-समाजपुल के नीचे कीचड़ में मजदूरों की जिंदगी लॉकडाउन, गुरुद्वारे से 1 टाइम खाना:...

पुल के नीचे कीचड़ में मजदूरों की जिंदगी लॉकडाउन, गुरुद्वारे से 1 टाइम खाना: दिल्ली में प्रवासी बेहाल

बांद्रा की हालत देखने के बाद केजरीवाल ने प्रवासी मजदूरों व कामगारों से अपील करते हुए कहा- "दिल्ली सरकार ने आपके आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था की है। मैं आपसे आप जहाँ हैं, वहीं रहने का अनुरोध करता हूँ।" अब देखना ये है कि मजदूरों के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।

राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों की हालत बेहद खराब है। सैकड़ों कामगार यमुना किनारे एक पुल के नीचे रहने को विवश हैं। वे करीब एक सप्ताह से इसी दयनीय स्थिति में गुजारा कर रहे हैं। भोजन के लिए वे पास ही स्थित एक गुरुद्वारे पर आश्रित हैं। सरकारी सहायता नाम की कोई चीज उन्हें अब तक नहीं मिली है। इसने लाखों लोगों को रोजाना भोजन उपलब्ध कराने के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दावों की पोल खोल दी है।

पत्रकार अरविन्द गुणाशेकर ने सोशल मीडिया पर इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने ट्विटर पर मजदूरों की समस्या को उजागर करते हुए लिखा कि ये दिहाड़ी कामगार दयनीय स्थिति में रह रहे हैं। यमुना नदी के किनारे स्थित एक पुल के नीचे एक-दो नहीं, बल्कि ऐसे सैकड़ों मजदूर रह रहे हैं। उन्हें दिन में बस एक समय ही भोजन नसीब हो पाता है और वो भी पास के एक गुरुद्वारे से मिलता है। गुणाशेकर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को टैग कर उनसे इस मामले में हस्तक्षेप की माँग की है।

मजदूरों की ऐसी हालत देख कर लोगों ने दिल्ली सरकार की आलोचना की है। लोगों ने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री ये दावे कर रहे हैं कि वो प्रवासी मजदूरों की देखभाल करेंगे और उनकी सरकार सभी को पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध करा रही है। लेकिन, सच्चाई ये है कि यमुना किनारे कीचड़ में रहने को मजबूर मजदूरों की सुनने वाला कोई नहीं है। कब तक वो गुरुद्वारे के भरोसे वहाँ पर ऐसे ही पड़े रहेंगे?

इधर मुंबई में मजदूरों के जुटाव के बाद दिल्ली पुलिस भी सतर्क हो गई है। यहाँ भी मजदूरों का गुस्सा कभी भी बाहर आ सकता है, इसीलिए पुलिस पहले से इंतजाम कर रही है ताकि ऐसी किसी भी घटना से बचा जा सके। बांद्रा की हालत देखने के बाद केजरीवाल ने भी प्रवासी मजदूरों व कामगारों से अपील करते हुए कहा- “दिल्ली सरकार ने आपके आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था की है। मैं आपसे आप जहाँ हैं, वहीं रहने का अनुरोध करता हूँ।” अब देखना ये है कि मजदूरों के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लोगों में डर पैदा करने के लिए RSS कार्यकर्ता से लेकर हिंदू नेता तक हत्या: मर्डर से पहले PFI-SDPI के लोग रचते थे साजिश,...

देश के लोगों द्वारा लंबे समय से जिस चीज की माँग की जा रही थी, अंतत: केंद्र की मोदी सरकार ने PFI पर प्रतिबंध लगाकर उसे पूरा कर दिया।

‘मन की अयोध्या तब तक सूनी, जब तक राम न आए’: PM मोदी ने याद किया लता दीदी का भजन, अयोध्या के भव्य ‘लता...

पीएम मोदी ने बताया कि जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन संपन्न हुआ था, तो उनके पास लता दीदी का फोन आया था, वो काफी खुश थीं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,793FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe