Homeदेश-समाजयोगी सरकार के 'ऑपरेशन नेस्तनाबूत' के डर से बाहुबली विधायक ने खुद ही अपने...

योगी सरकार के ‘ऑपरेशन नेस्तनाबूत’ के डर से बाहुबली विधायक ने खुद ही अपने अवैध कॉम्प्लेक्स पर चलवाया हथौड़ा

राज्य सरकार की कुर्की से सहमे विधायक ने बिल्डिंग को पूरी तरह से ध्वस्त होने से बचाने के लिए खुद ही ऊपरी दो मंजिल को तोड़ने का ठेका दे दिया है। कहा जा रहा है कि पिछले कुछ समय में विजय मिश्रा के करोड़ों के आशियाने को जमींदोज किया जा चुका है।

योगी सरकार में ‘ऑपरेशन नेस्तनाबूत’ के तहत हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाईयों के चलते भू-माफिया, बाहुबलियों में खौफ पैदा हो चुका है। जिसका ताजा उदाहरण शुक्रवार (12 दिसंबर,2020) को समाजवादी पार्टी से बगावत कर भदोही से दबंग बाहुबली निर्दलीय विधायक विजय मिश्रा के साथ देखने को मिला। जिन्होंने प्रयागराज में स्थित अपने अवैध शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर खुद ही हथौड़ा चलावा दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, विधायक विजय मिश्रा की प्रयागराज शहर के अल्लाहपुर इलाके में पुलिस चौकी के ठीक सामने बनी चार मजिला इमारत है। कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट समेत नीचे की दो मंजिल पर बीस से ज्यादा दुकानें और शोरूम हैं। जबकि ऊपर की दो मंजिल पर ऑफिस और लॉज बना हुआ हैं। बिल्डिंग का विकास प्राधिकरण से सिर्फ दो मंजिल का ही नक्शा पास था, जबकि विधायक ने ऊपर की दो मंजिल अवैध तरीके से बनवाई थी।

बता दें राज्य सरकार की कुर्की से सहमे विधायक ने बिल्डिंग को पूरी तरह से ध्वस्त होने से बचाने के लिए खुद ही ऊपरी दो मंजिल को तोड़ने का ठेका दे दिया है। कहा जा रहा है कि पिछले कुछ समय में विजय मिश्रा के करोड़ों के आशियाने को जमींदोज किया जा चुका है। जिसके बाद यह अवैध 4 मंजिला कॉम्प्लेक्स सरकारी अमले की रडार पर था। जिसके मद्देनजर उन्होंने यह फैसला लिया।

विजय मिश्रा के परिजनों ने करोड़ों की इस संपत्ति को बचाने की पुरजोर कोशिश की थी। मामला कोर्ट तक गया, लेकिन अदालत से भी उन्हें किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिली।
इसके बाद विजय मिश्रा के परिवार ने हाईकोर्ट में अंडरटेकिंग देकर अवैध निर्माण को खुद ही गिराए जाने की बात कही है। तकरीबन डेढ़ दर्जन मजदूर और इंजिनियर अवैध निर्माण को गिराने में लगे हुए हैं। कहीं हथौड़े चल रहे हैं तो कहीं ड्रिल मशीन के जरिए दरवाजों और खिड़कियों को तोड़ा जा रहा है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में माफिया, बाहुबलियों, गैंगस्टरों के खिलाफ योगी सरकार का ऑपरेशन जारी है। मुख़्तार अंसारी, अतीक अहमद और उनसे जुड़े कई गुंडे माफियाओं की बिल्डिंगों को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किया जा चुका है। इतना ही नहीं, योगी सरकार ने अवैध निर्माण कार्यों को ढहाने में हुए खर्च भी उन्हीं लोगों से वसूल रही है। CM योगी की इस कार्रवाई का खौफ पूरे प्रदेश में साफ तौर पर देखा जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सिनेमाई परदे पर यूरोप की सुलगती हकीकत है Citizen Vigilante Movie: समझें- क्यों परेशान हैं दुनिया भर के इस्लामी कट्टरपंथी और लेफ्ट लिबरल?

लिबरल और वामपंथी समीक्षक 'सिटीजन विजिलांते' फिल्म को चाहे कितनी भी कम रेटिंग क्यों न दें, इस फिल्म ने अपना काम कर दिया है।

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा हैक हो सकता है तो EVM क्यों नहीं हैक हो सकती? लेफ्ट-लिबरल्स के ‘लॉजिक’ पर माथा गरम करने से पहले...

BAT-BMS ऐप को EVM से जोड़कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पड़ताल। जानिए कैसे काम करता है ऐप, क्यों हुई कार्रवाई और EVM इससे कैसे अलग है।
- विज्ञापन -