Homeदेश-समाजतेलंगाना में नगरपालिका की क्रूरता: 100 कुत्तों को ज़हर देकर मार डाला, ज़मीन में...

तेलंगाना में नगरपालिका की क्रूरता: 100 कुत्तों को ज़हर देकर मार डाला, ज़मीन में दफनाया

वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी ट्रक में से मरे हुए कुत्तों को उठा कर नीचे पटक रहे हैं। वीडियो बनाती हुई लड़की इस दृश्य को देख कर सिसक रही है। कर्मचारियों ने उसे बताया कि...

तेलंगाना से एक अमानवीय घटना सामने आई है। सिद्दिपेट के नगरपालिका कर्मचारियों को मरे हुए कुत्तों को असंवेदनशील तरीके से ज़मीन में गाड़ते हुए देखा गया। ट्विटर पर डाले गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी ट्रक में से मरे हुए कुत्तों को उठा कर नीचे पटक रहे हैं। वीडियो बनाती हुई लड़की इस दृश्य को देख कर सिसक रही है। कर्मचारियों ने उसे बताया कि उन्हें नगरपालिका के अधिकारियों द्वारा कुत्तों को मार डालने को कहा गया है। कर्मचारियों ने कहा कि नगरपालिका द्वारा इलाक़े से कुत्तों का कथित आतंक ख़त्म करने के लिए उन्हें मार डालने का आदेश दिया गया। कुल 100 कुत्तों को ज़मीन में गाड़ दिया गया।

इससे पहले तेलंगाना के विकाराबाद में 30 अन्य कुत्तों को मार कर गाड़ देने का मामला सामने आया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक कुल 100 कुत्तों को ऐसे ही निर्मम तरीके से मारा जा चुका है। इस मामले में एक स्थानीय ने कहा, “मैं इस बात को देख कर हैरान थी कि मेरे सारे कुत्ते गायब हैं। उनमें से कोई भी आक्रामक नहीं था और किसी ने भी कभी कोई हिंसक परिस्थिति नहीं पैदा की। अगर लोगों ने शिकायत की ही थी तो नगरपालिका वालों को ‘एनिमल बर्थ कण्ट्रोल’अपनानी चाहिए थी।” बता दें कि उन सभी कुत्तों को ज़हर देकर मारा गया था।

इस घटना की जानकारी मिलते ही हैदराबाद से जानवरों के हितों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक टोली घटनास्थल के लिए निकल गई और उन्होंने सबूत इकट्ठा करने के साथ-साथ ‘Cruelty against animal Act and section 428 and 429’ के तहत पुलिस थाने में केस भी दर्ज कराया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी जाँच के दौरान भी 30 कुत्तों को ज़मीन में गाड़े जाने की घटना को प्रत्यक्ष रूप से देखा। कई लोगों का कहना है कि यह कार्य कर रहे लोगों में से एक भी नगरपालिका का कर्मचारी नहीं था। किसी ने भी ऐसे यूनिफॉर्म नहीं पहन रखे थे।

पूछने पर उन्होंने बताया कि वे देहाड़ी पर काम करने वाले मजदूर हैं और उन्हें पहले से ही मरे कुत्ते दिए गए थे। एक प्रेस नोट के मुताबिक़, स्थानीय नगरपालिका के अधिकारी इन कुत्तों को ज़हर देकर मारने में शामिल हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

JNU छात्रों को बांग्लादेश की तर्ज पर उकसा रही जिहादन आरफा, राहुल गाँधी ने DU को धमकाया: जानिए कैसे छात्रों को हिंसा की तरफ...

राहुल गाँधी और आरफा खानुम का यूनिवर्सिटी की एडवाइजरी का न सिर्फ विरोध करना, बल्कि धमकाया और छात्रों को उकसाना बांग्लादेश जैसा ही है।

‘प्रतिरोध की राजनीति’ से ‘सड़क की लोकतांत्रिक राजनीति’ तक: योगेंद्र यादव, ये भीड़-तंत्र को सामान्यीकृत करने की खतरनाक कोशिश

क्या योगेंद्र यादव की 'प्रतिरोध की राजनीति' लोकतांत्रिक विरोध है या भीड़तंत्र को वैधता देने की कोशिश?क्या सड़क को संसद से ऊपर रखने की तैयारी?
- विज्ञापन -