Saturday, July 20, 2024
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कब्जा हटाने आया था प्रशासन, धू-धूकर जल गई माँ-बेटी: कानपुर की घटना, SDM और SHO सहित 60 पर FIR

पीड़ित परिवार का कहना है कि गाँव के कुछ लोगों के दबाव में प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर उनका घर गिराने पहुँचा था। इसके विरोध में माँ-बेटी ने खुद को आग लगा ली।

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में माँ बेटी ने खुद को आग लगा ली। घटना के समय स्थानीय प्रशासन ग्राम समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटाने पहुँचा था। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। आत्मदाह से नाराज लोगों ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों सहित कुल 60 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। घटना सोमवार (13 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना रूरा थाना क्षेत्र के गाँव मड़ौली की है। यहाँ के रहने वाले कृष्ण गोपाल दीक्षित पर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध अतिक्रमण का आरोप था। पीड़ित का कहना है कि उनके किए गए निर्माण के खिलाफ गाँव के ही कुछ लोग आए दिन अधिकारियों से शिकायत करते रहते थे। कृष्ण गोपाल के मुताबिक उन्ही शिकायतकर्ताओं के दबाव में सोमवार को पूरा प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर उनका घर गिराने पहुँच गया। कृष्ण गोपाल के मुताबिक कुछ लोगों के दबाव में ही प्रशासन पिछले माह 14 जनवरी को भी उनके घर पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करने पहुँचा था।

अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई में न सिर्फ SDM बल्कि तहसीलदार, लेखपाल जैसे राजस्व अधिकारी मौजूद थे, बल्कि स्थानीय थानेदार के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन भी मौजूद था। जैसे ही कृष्ण गोपाल दीक्षित की पत्नी प्रमिला और बेटी नेहा ने बुलडोजर बढ़ते देखा वैसे ही उन्होंने खुद को घर में बंद कर आत्मदाह की चेतावनी दी। इस चेतावनी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

हालाँकि प्रमिला की धमकी का प्रशासनिक अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने अपनी कार्रवाई जारी रखी। कुछ ही समय बाद प्रमिला ने खुद और अपनी बेटी नेहा को झोपडी में बंद कर आग लगा ली। आग की लपटें देख कर प्रशसनिक अधिकारी रुके, लेकिन तब तक जलता छप्पर मृतका के ऊपर गिर गया। इस हादसे में प्रमिला और उनकी बेटी की जलकर मौत हो गई। प्रमिला के पति कृष्ण गोपाल ने अपनी पत्नी और बेटी को बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन वे असफल रहे। इस प्रयास में वे खुद भी झुलस गए। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि माँ-बेटी को जलता देख कुछ अधिकारी भाग निकले थे।

हादसे के बाद नाराज ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों पर पथराव कर दिया। पुलिस ने नाराज लोगों लोगों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन हंगामा जारी रहा। पथराव में अशोक सिंह नाम के लेखपाल को चोटें भी आईं। हंगामे के बीच समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने इस मामले में योगी सरकार को निशाने पर लिया है।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक मृतका के बेटे शिवम की तहरीर पर कुल 60 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। इसमें SDM, SHO, लेखपाल के साथ गाँव के भी 4 अन्य लोगों को नामजद किया गया है। FIR IPC की धारा 302, 307, 436, 429, 323 और 34 के तहत दर्ज हुई है। पुलिस के मुताबिक नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

ग्रामीणों ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई के साथ मृतक के परिजनों को मुआवजे की भी माँग की है। ऑपइंडिया ने इस मामले में रूरा थाने में बात की। हमें बताया गया कि अभी तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुराने SHO को हटा दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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