Wednesday, June 19, 2024
Homeदेश-समाज'सिनेमा का टिकट ब्लैक करता था मुख़्तार अंसारी, नाना नहीं थे ब्रिगेडियर': स्थानीय लोगों...

‘सिनेमा का टिकट ब्लैक करता था मुख़्तार अंसारी, नाना नहीं थे ब्रिगेडियर’: स्थानीय लोगों ने ही खोली माफिया की पोल, एक ने बताया – मेरे परिवार में 6 को मरवा डाला

हमने न सिर्फ स्थानीय जनप्रतिनिधियों बल्कि मुस्लिम वर्ग के लोगों से भी जानकारी हासिल की। आखिरकार हमने पाया कि न तो मुख़्तार अंसारी के नाना ब्रिगेडियर थे और न ही वह खानदानी रईस था।

कभी पूर्वांचल को रक्तांचल बना देने वाले माफिया मुख़्तार अंसारी के आपराधिक इतिहास की पड़ताल में हमने मई 2023 के पहले हफ्ते में मऊ, गाजीपुर, चंदौली और वाराणसी जिलों में की। इस दौरान हमने मुख़्तार समर्थक मीडिया के उन दावों को भी जमीनी तौर पर परखा, जिसमें उसे रॉबिनहुड, पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी के खानदान से, खानदानी रईस, ब्रिगेडियर उस्मान के घराने से और विरासत में सियासत वाला जैसे नामों से नवाजा जाता रहा है।

हमने न सिर्फ स्थानीय जनप्रतिनिधियों, बल्कि मुस्लिम वर्ग के लोगों से भी जानकारी हासिल की। आखिरकार हमने पाया कि न तो मुख़्तार अंसारी के नाना ब्रिगेडियर थे और न ही वह खानदानी रईस था।

मीडिया ने फैलाया ये झूठ

ऑपइंडिया ने मुख़्तार के परिवारिक बैकग्राउंड पर मऊ जिले के अशोक सिंह से बात की। अशोक सिंह के भाई मुन्ना सिंह की मुख़्तार अंसारी ने हत्या करवाई थी। अशोक सिंह ने हमें बताया कि मुख़्तार अंसारी न तो ख़ानदारी अमीर है और न ही किसी फौजी परिवार से। साथ ही अशोक सिंह ने मीडिया से मऊ और गाजीपुर आकर जमीनी पड़ताल कर के रिपोर्ट पब्लिश करने की अपील की।

अफ़ज़ाल की साईकिल स्टैंड, मुख़्तार टिकट ब्लैकिया

अशोक सिंह ने हमें आगे बताया कि आपराधिक दुनिया में आने से पहले मुख़्तार का भाई अफ़ज़ाल अंसारी गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में सच्चिदानंद राय की टॉकीज पर साइकिल स्टैंड का ठेका लिया करता था। अशोक सिंह का दावा है कि इसी टॉकीज पर मुख़्तार अंसारी टिकट ब्लैक किया करता था।

पहला चुनाव पुरानी कार से

अशोक सिंह ने 1995-96 का समय याद करते हुए बताया कि तब मुख़्तार ने अपना पहला चुनाव लड़ा था। उन्होंने बताया कि पहले चुनाव में मुख़्तार अंसारी ने एक पुरानी मारुति 800 से प्रचार किया था। बकौल अशोक सिंह, मुख़्तार की न तो कोई फैक्ट्री है और न कोई व्यापार तो ऐसे में जाँच एजेंसियों को उसके पैसे की पड़ताल करनी चाहिए क्योंकि उसने अपराध से अकूत पैसे जुटाए हैं।

डिप्टी SP मऊ धनंजय मिश्रा ने भी ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि एक खास वर्ग का नेता होने के अलावा बाकी मुख़्तार में कोई योग्यता नहीं है।

ब्रिगेडयर उस्मान या हामिद अंसारी का रिश्तेदार नहीं

अशोक सिंह ने दावा किया कि मुख़्तार अंसारी का ब्रिगेडियर उस्मान, पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी या पूर्व कॉन्ग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मुख़्तार अंसारी से कोई भी रिश्ता नहीं है। उन्होंने कहा, “मुख़्तार अंसारी के दादा का नाम कासिम अंसारी था। मुख़्तार अंसारी की ननिहाल गाजीपुर में सैदपुर के पास है जबकि बिर्गेडियर उस्मान मूल रूप से घोषी में बीवीपुर के थे। पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी सिर्फ मुख़्तार के गाँव के हैं, जिनसे मुख़्तार का कोई भी रक्त संबंध नहीं है।”

अशोक सिंह ने दावा किया कि मुख़्तार अपनी अंसारी बिरादरी में से लोगों को खोज कर उन्हें अपना रिश्तेदार बता देता है।

मुख़्तार द्वारा जिन MLA कृष्णानंद राय की हत्या करवाई गई थी, उनके भतीजे और भाजपा नेता आनंद राय उर्फ़ मुन्ना ने भी ऑपइंडिया को बताया कि मुख़्तार न तो किसी फौजी के परिवार से है और न ही किसी स्वतंत्रता सेनानी के घर से। मुन्ना राय के मुताबिक, जिन भी नामचीन लोगों को मुख़्तार अंसारी अपना रिश्तेदार बता कर प्रचारित करता है उनका उस से कोई लेना-देना नहीं है।

अपनी बिरादरी में सभी बड़े नामों को बताता है रिश्तेदार

मुख़्तार के गृह जनपद गाजीपुर से सपा नेता हैदर अली उर्फ़ टाइगर ने ऑपइंडिया से हुई बात की। उन्होंने बताया कि मुख़्तार अंसारी ने अपनी बिरादरी में झूठी रिश्तेदारियाँ खुद से जोड़ रखी हैं, जबकि उसकी रिश्तेदारी में कोई भी फौजी नहीं है। हैदर अली के अनुसार मुस्लिमों की जिस जाति से मुख्तार अंसारी आता है उसमें आबादी कम हैं इसलिए वो तमाम बड़े नामों से अपनी दूर की रिश्तेदारी खुद से जोड़ लेते हैं। हैदर अली ने यह भी सवाल किया कि अगर मुख़्तार अंसारी खानदानी रईस होते तो उनके बड़े भाई किसी और के सिनेमा हॉल पर नौकरी क्यों करते थे ?

पुलिस से हिसाब-किताब की सोच रखने वाला देशभक्त कैसे ?

मुख़्तार अंसारी द्वारा कत्ल कराए गए वाराणसी के निवासी सतीश सिंह के बेटे अजय सिंह ने भी ऑपइंडिया को बताया कि मीडिया के कुछ लोगों ने फर्जी में मुख़्तार अंसारी को रॉबिनहुड के रूप में प्रचारित कर रखा है। अजय सिंह ने मुख़्तार अंसारी को आपराधिक ही नहीं बल्कि दंगाई सोच वाला बताया। अजय सिंह ने सवाल किया कि जिसका बेटा पुलिस वालों से हिसाब करने की धमकी दे रहा हो उसके घर से देशभक्ति की आशा कैसे की जा सकती है।

मऊ से भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य प्रिंस यादव ने ऑपइंडिया को बताया कि मुख़्तार के कुल या खानदान से ब्रिगेडियर उस्मान या किसी स्वतंत्रता सेनानी का कोई वास्ता नहीं है। बकौल प्रिंस यादव मुख़्तार अंसारी के गुर्गे उसके बारे में ऐसी फर्जी बातें फैलाते रहते हैं, जिन्हें अक्सर लोग सत्य मान लेते हैं।

देशभक्त नहीं बल्कि पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों का कातिल

मुख़्तार अंसारी द्वारा अपने परिवार में 6 हत्याओं के पीड़ित विजय शंकर सिंह ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि मुख़्तार न तो किसी देशभक्त परिवार से है और न ही किसी फौजी के खानदान से। बकौल विजय शंकर सिंह, मुख़्तार अंसारी ने उनके 2 भाइयों का कत्ल करवाया जिसमें एक पुलिस में तैनात थे और दूसरे पैरामिलिट्री के पूर्व जवान थे। विजय शंकर सिंह ने सवाल किया कि क्या ये काम देशभक्त परिवार वाले करते हैं?

ननिहाल में ब्रिगेडियर नहीं बल्कि अपराधी

त्रिभुवन सिंह के बेटे शक्ति सिंह ने हमसे बात करते हुए दावा किया कि मुख़्तार अंसारी के ननिहाल में लोगों पर कई आपराधिक केस दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे आपराधिक परिवार से ब्रिगेडियर उस्मान को जोड़ना भी गलत होगा। शक्ति सिंह ने मुख़्तार को आपराधिक के साथ दंगाई सोच वाला भी बताया।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अच्छा! तो आपने मुझे हराया है’: विधानसभा में नवीन पटनायक को देखते ही हाथ जोड़ कर खड़े हो गए उन्हें हराने वाले BJP के...

विधानसभा में लक्ष्मण बाग ने हाथ जोड़ कर वयोवृद्ध नेता का अभिवादन भी किया। पूर्व CM नवीन पटनायक ने कहा, "अच्छा! तो आपने मुझे हराया है?"

‘माँ गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, मैं काशी का हो गया हूँ’: 9 करोड़ किसानों के खाते में पहुँचे ₹20000 करोड़, 3...

"गरीब परिवारों के लिए 3 करोड़ नए घर बनाने हों या फिर पीएम किसान सम्मान निधि को आगे बढ़ाना हो - ये फैसले करोड़ों-करोड़ों लोगों की मदद करेंगे।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -