Wednesday, June 29, 2022
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मदरसे से हथियार मिलने पर बोला मौलवी- रामनवमी पर जब तलवारें लहराई जाती है तो कुछ नहीं बोलते

बिजनौर के एक मदरसे से पिछले दिनों अवैध हथियारों का जखीरा मिला था। बताया जाता है कि हिकमत की आड़ में यहाँ हथियारों की सप्लाई की जाती थी। इसी मदरसे के बचाव में मौलवी रशीद ने हिन्दू त्योहार का हवाला दिया है।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक मदरसे से बुधवार (जुलाई 10,2019) को अवैध हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था। इसका बचाव करते हुए एक मौलवी ने हिन्दू त्योहार का हवाला देते हुए कहा है कि जब रामनवमी पर तलवारें लहराई जाती हैं, तब तो कुछ नहीं होता।

टाइम्स नॉउ से बातचीत के दौरान मौलवी रशीदी ने कहा, “देखिए होता क्या है कि मुस्लिम बच्चे पकड़े जाते हैं तो पुलिस या एनआईए उन्हें प्रेस के सामने लाकर सीधा आतंकवादी घोषित कर देती है। ऐसे ही मदरसे वाला केस है, जहाँ फौरन कह दिया गया कि यहाँ हथियार मिले हैं। ठीक है अगर मिले भी, तो यह जाँच का मसला है। हथियार कैसे मिले? कहाँ से मिले? हथियार कैसे आए? यह सब पता किया जाना चाहिए। हो सकता है जाँच में यह निकले कि ये लाइसेंसी बंदूक थे। लेकिन मैं ये जानना चाहता हूँ कि जब रामनवमी पर बंदूकें लहराई जाती हैं तो उस वक्त क्यों कुछ नहीं बोला जाता? वो भी अवैध हथियार हैं।

गौरतलब है जिस मदरसे के बचाव में मौलवी रशीद उतरे हैं वहाँ से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। साथ ही मदरसे के बाहर से पुलिस को स्विफ्ट डिजायर गाड़ी भी मिली थी जिस पर ‘शिवसेना’ लिखा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने मदरसा संचालक मुहम्मद साजिद समेत 6 आरोपितों को पकड़ा था। बताया जाता है कि हिकमत (इलाज) की आड़ में मदरसे से हथियारों की सप्लाई की जाती थी।

छापेमारी के दौरान मदरसे से 36 बोर का एक पिस्टल व आठ कारतूस, 315 बोर के तीन तमंचे व 32 कारतूस, 32 बोर का एक रिवॉल्वर व 16 कारतूस बरामद हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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