Friday, June 14, 2024
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हिंदू धर्म अपनाकर सायमा और खुशनुमा ने अपने-अपने प्रेमियों संग की शादी: बोली- अब तीन तलाक का डर नहीं, सुरक्षा की भी माँग

खुशबू बताती हैं, “मेरे घरवाले इस शादी के लिए बिल्कुल भी नहीं मान रहे थे। अमन ने भी अपने घर वालों को बताया तो वो भी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद मैंने विधायक गुड़िया कठेरिया से हमारी शादी के लिए गुहार लगाई। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि हम आपकी शादी कराएँगे।"

उत्तर प्रदेश से दो महिलाओं ने घरवापसी (Ghar Wapasi) करके अपने हिंदू प्रेमियों से शादी कर ली। पहला मामला बरेली का है। यहाँ की रहने वाली सायमा हिंदू धर्म अपनाकर शालिनी बन गई है और गुरुवार (23 मार्च 2023) को अपने प्रेमी शरद के साथ विवाह कर लिया। दूसरा मामला औरैया जिले का है। सहबाजपुर क्षेत्र की रहने वाली खुशनुमा ने खुशबू बनकर अपने हिंदू प्रेमी अमन से शादी रचाई और मंदिर में पूजा-अर्चना की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली के देवरनिया थाना क्षेत्र के गाँव रहपुरा की निवासी शालिनी और उसके प्रेमी शरद उर्फ विपिन कुमार बालिग हैं और सहमति से विवाह किया है। उन्होंने इसका दस्तावेज भी दिखाए हैं। सायमा ने बताया कि हिंदू धर्म में उसकी पहले से ही आस्था है। अब शरद से शादी करने के बाद उसे तीन तलाक का डर भी नहीं रहेगा।

बताया जा रहा है कि इन दोनों के घर गाँव में आसपास है। ये काफी समय से एक-दूसरे को चाहते थे, लेकिन दोनों के परिवार वाले उनकी शादी के खिलाफ थे। इसके बाद दोनों ने मंदिर में शादी करने का निर्णय लिया। शालिनी ने सीएम योगी आदित्यनाथ और बरेली प्रशासन से सुरक्षा की माँग की भी माँग की है। शालिनी ने कहा कि उसे और उसके पति को कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार उसके पिता और भाई होंगे।

वहीं, ओरैया की खुशबू का कहना है कि वह अमन से बहुत प्यार करती है। काफी समय से उससे शादी का प्रयास कर रही थी। इसके लिए दोनों अपने घरवालों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन कभी धर्म तो कभी किसी और बात के कारण उनका विवाह नहीं हो पा रहा था।

दोनों का कहना है कि उन्होंने कुछ बड़े लोगों से गुहार लगाई और उन्होंने उनकी बात सुनी। इसके बाद अमन और खुशबू ने मंदिर में 7 फेरे लिए। खुशबू एक हॉस्पिटल में काम करती थी। यहीं पर फफूँद के गाँव भर्रापुर का लड़का अमन भी काम करता था। वह दिव्यांग है। काम के दौरान दोनों में बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।

खुशबू बताती हैं, “मेरे घरवाले इस शादी के लिए बिल्कुल भी नहीं मान रहे थे। अमन ने भी अपने घर वालों को बताया तो वो भी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद मैंने विधायक गुड़िया कठेरिया से हमारी शादी के लिए गुहार लगाई। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि हम आपकी शादी कराएँगे।”

उन्होंने आगे कहा, “विधायक के आश्वासन के बाद हमें कुछ तसल्ली हुई। इसके बाद विधायक ने दोनों के परिवार वालों से बातचीत की। फिर हमारे परिवार वाले शादी के लिए राजी हो गए। हमने मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से शादी की। विधायक ने शादी में पहुँचकर हमें आशीर्वाद भी दिया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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