संतों संग राम जन्मभूमि न्यास पहुँचे मुस्लिम समर्थक, मंदिर निर्माण के लिए तराशे पत्थरों को किया साफ़

खुद को बहादुर शाह जफर का वंशज बताने वाले प्रिंस हबीबुद्दिन तूसी भी कह चुके हैं कि अगर राम मंदिर बना तो वह उसके लिए सोने की ईंट देंगे।

सर्वोच्च न्यायालय में राम मंदिर को लेकर चल रही सुनवाई के मध्य मुस्लिम समाज के वह लोग जो मंदिर बनने के समर्थन में हैं आज राम जन्मभूमि न्यास कार्यशाला पहुँचे और मंदिर निर्माण हेतु तराशे गए पत्थरों की सफाई की।

जानकारी के मुताबिक बबलू खान के नेतृत्व में 6 दर्जन मुस्लिम लोग न्यास पर पहुँचे और बड़ी संख्या में उन्होंने राम मंदिर न्यास में श्रम दान किया। इस दौरान मौक़े पर महंत परमहंस दास, महंत बृजमोहन दास, महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती सहित विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा भी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी भी अयोध्या में राम मंदिर बनवाए जाने का खुला समर्थन कर चुके हैं। जिसके कारण इस्लामिक कट्टरपंथी उन्हें आलोचनाओं का शिकार बना चुके हैं। वहीं इसके अलावा खुद को बहादुर शाह जफर का वंशज बताने वाले प्रिंस हबीबुद्दिन तूसी भी कह चुके हैं कि अगर राम मंदिर बना तो वह उसके लिए सोने की ईंट देंगे।

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तूसी तो यहाँ तक स्पष्ट कह चुके हैं कि वो चाहते हैं सुप्रीम कोर्ट राम जन्मभूमि की जमीन उन्हें सौंप दें। क्योंकि वहीं इस भूमि के आधिकारिक हकदार हैं।

बता दें इन दिनों राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में कोर्ट प्रतिदिन सुनवाई कर रहा है। माना जा रहा है कि नवंबर के अंत तक इस विषय पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। दोनो पक्षों द्वारा अपनी दलीले दी जा रहीं हैं। मामले की सुनवाई खुद सीजेआई रंजन गोगोई कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशने का काम तेज़ कर दिया गया है और इसके लिए अतिरिक्त कारीगरों को भी बुलाया जा रहा है। जिसके मद्देनजर राम मंदिर के मुस्लिम समर्थक भी इसमें अपना योगदान दे रहे हैं।

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