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बरेली में मजार पर अवैध निर्माण, कब्रिस्तान में खड़ी हुई 20 फीट ऊँची बिल्डिंग: BJP सांसद की शिकायत के बाद 100 पर FIR, डर से स्थानीय मुस्लिमों ने खुद तोड़ी छत और पिलर

नई मजार पर जनवरी, 2025 में ही रातों-रात छत डाल गई। इस निर्माण कार्य के लिए ना प्रशासन की कोई अनुमति ली गई और ना ही उसे सूचना दी गई। यह पूरा मामला तब खुला जब बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार इस गाँव के पास से गुजरे। उन्होंने इस जगह को देख कर जानकारी इकट्ठा की।

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मजार पर अवैध पक्का निर्माण करवा दिया गया। रातों रात यहाँ पर सीमेंट का लेंटर डाल दिया गया। जब इस मामले में बरेली के सांसद ने शिकायत की तो प्रशासन ने जाँच करके नोटिस भेज दिया। इसके बाद मुस्लिमों ने अवैध मजार को खुद तोड़ना चालू कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार, बरेली के शाही थाना क्षेत्र में गणेशपुर में गाँव में यह घटना हुई। यहाँ एक कब्रिस्तान के भीतर एक पुरानी मजार बनी हुई थी। यह मजार लगभग 30-40 साल पुरानी है। यहाँ के मुस्लिमों ने इसके चारों तरफ से 20 फीट ऊँचे पिलर रातों रात खड़े किए।

इस पर जनवरी, 2025 में ही रातों-रात छत डाल गई। इस निर्माण कार्य के लिए ना प्रशासन की कोई अनुमति ली गई और ना ही उसे सूचना दी गई। यह पूरा मामला तब खुला जब बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार इस गाँव के पास से गुजरे। उन्होंने इस जगह को देख कर जानकारी इकट्ठा की।

इसके बाद उन्होंने प्रशासन से विषय में शिकायत की। एसडीएम ने इसके बाद मामले की जाँच के आदेश दिए। प्रशासन जब जाँच की तो निर्माण अवैध निकला। इसके बाद तुंरत इस निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए गए। लेकिन यहाँ निर्माण को तोड़ने के लिए प्रशासन कोई कार्रवाई करता इससे पहले ही लोग तोड़ने लगे।

मुस्लिमों ने यहाँ निर्माण में लगी बाँस-बल्ली हटा कर सीमेंट के पिलर और छत तोड़ने चालू कर दिए। मुस्लिमों ने कहा कि उन्होंने पुरानी मजार की हिफाजत के लिए यह नया निर्माण किया था। हालाँकि, इस संबंध में कोई कागज प्रशासन की जाँच पर नहीं दिखाए गए।

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए गाँव के 100 लोगों पर शांतिभंग की धाराओं में FIR दर्ज की है। इनको 5 लाख के मुचलके पर छोड़ा गया है। पुलिस ने कहा है कि मजार तोड़ने को लेकर कोई विवाद नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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