Monday, November 28, 2022
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‘हिंदुओं के मुहल्ले में बन गए 40 मुस्लिम घर’: मुस्लिम भीड़ ने ‘मासूम का ताजिया’ में मचाया उत्पात: तोड़ा पुलिस बैरिकेड और हिंदू कॉलोनी का गेट

घटना को लेकर दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष सुनील यादव ने ट्वीट किया, "मुस्लिम समुदाय की उन्मादी भीड़ ने केजरीवाल के विधानसभा क्षेत्र नई दिल्ली की बीके दत्त कॉलोनी के सारे गेट तोड़ दिए हैं। समुदाय विशेष के लोगों ने महानवमी के दिन जमकर उत्पाद मचाया है।

दक्षिण दिल्ली के बीके दत्त कॉलोनी में वृहस्पतिवार (14 अक्टूबर 2021) को ‘मासूम का ताज़िया’ लेकर निकली भीड़ सुरक्षा के लिए तैनात दिल्ली पुलिस से भिड़ गई। रास्ते में लगे बैरिकेड के पास तैनात पुलिसकर्मियों से बहस करने के बाद भीड़ बैरिकेड तोड़कर जबरन आगे बढ़ने लगी। इस मामले से संबंधित वीडियो को दिल्ली भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील यादव ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है।

इस घटना को कॉलोनी में ‘भय का माहौल’ बताते हुए सुनील यादव ने दिल्ली पुलिस से सुरक्षा की माँग की है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “मुस्लिम समुदाय की उन्मादी भीड़ ने केजरीवाल के विधानसभा क्षेत्र नई दिल्ली की बीके दत्त कॉलोनी के सारे गेट तोड़ दिए हैं। समुदाय विशेष के लोगों ने महानवमी के दिन जमकर उत्पाद मचाया है। हिन्दू समाज के लोग डर के मारे घरों में कैद हैं। भय का जबरदस्त माहौल बना हुआ है।” इसी के साथ सुनील यादव ने #SaveBKDuttPeoples नाम से हैशटैग भी चलाया है।

भाजपा नेता सुनील यादव ने इस घटना का एक दूसरा वीडियो भी शेयर किया है। इसमें उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधा है। ट्वीट में लिखा है, “केजरीवाल की विधानसभा नई दिल्ली के बी.के दत्त में मुस्लिम समुदाय के लोग लगातार हुड़दंग मचा रहे हैं लोग भय के डर में जी रहे हैं। कहाँ हैं केजरीवाल जी आप? आपके क्षेत्र के लोग भय के साये में हैं। छठ पूजा को केजरीवाल परमिशन नहीं देते, लेकिन हुड़दंगियों को खुली परमिशन दी हुई है।” सुनील यादव के इस ट्वीट को दिल्ली भाजपा के आधिकारिक हैंडल ने रीट्वीट भी किया है।

सुनील यादव ने अपना और अपने परिवार की सुरक्षा की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मुस्लिम समुदाय के लोग घर के सामने बेवजह एकत्रित होकर हंगामा कर रहे हैं। पूरे परिवार में भय का वातावरण बन रहा है। परिवार वालों को डर लग रहा है कि कहीं ये लोग कोई हादसा न कर दें। दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष होने के नाते कृपया दिल्ली पुलिस व संबंधित अधिकारी सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।”

इस घटना को पत्रकार नामित त्यागी ने भी अपने हैंडल पर शेयर किया है। नामित ने लिखा, “आज दिल्ली के बीके दत्त कॉलोनी में उन्मादी भीड़ ने दंगे जैसे हालात बना दिए। समुदाय विशेष के लोगों ने महानवमी के दिन बिना अनुमति के जमकर उत्पाद मचाया। भड़काऊ भाषण दिए गए। हिन्दू समाज के लोग डर के मारे घरों में कैद हैं।”

इस घटना पर DCP दक्षिण दिल्ली ने मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की बात कही है। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा, “मासूम का ताज़िया पर मुस्लिम समुदाय के लोग हर साल करबला, ज़ोर बाग पर इकट्ठा होते हैं। इस साल कोविड-19 के चलते भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बंदोबस्त भी लगाया गया था। इसी के चलते करबला के रास्ते के कुछ गेट पुलिस द्वारा बंद किए गए थे।”

उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, “एक बंद गेट के पास रास्ता ना मिल पाने की वजह से भीड़ इकट्ठा हो गई थी। भीड़ ने बैरिकेड हटाकर रास्ता बना लिया था व कुछ लोग अंदर घुस गये थे। हालात को तुरंत सामान्य कर दिया गया था। इस सम्बंध में एक मुक़दमा भी दर्ज किया गया है।”

इस पूरे मामले पर ऑपइंडिया ने भाजपा नेता सुनील यादव से बात की। सुनील यादव ने बताया कि बीके दत्त कॉलोनी क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त के नाम पर है। यह कॉलोनी पाकिस्तान से भारत में शरण लिए हिन्दुओं के लिए सरकार द्वारा दी गई थी। इस कॉलोनी में पहले मुस्लिम समाज के मात्र 4 घर थे, जो धीरे-धीरे 40 की संख्या में कैसे हो गए ये किसी को नहीं पता।

सुनील यादव ने आगे बताया कि जिस जुलूस में विवाद हुआ, वो नई परम्परा चलाई गई है। कुछ साल पहले यह जुलूस नहीं निकलता था। कॉलोनी का नाम धीरे-धीरे मौखिक रूप से बटुकेश्वर दत्त के बजाय कर्बला कॉलोनी होता जा रहा है। भीड़ के भय के कारण कोई भी आवाज भी नहीं उठा पाता।

कल हुए विवाद पर बात करते हुए सुनील यादव ने कहा कि जानबूझकर महिलाओं को आगे किया गया था। महिलाओं के आगे होने के कारण पुलिस बल भी बैकफुट पर होता है। इन्हीं के पीछे हुड़दंग मचाने वाले छिपे होते हैं। अक्सर पुलिस बल भी इनकी भीड़ के आगे लाचार दिखता है।

भाजपा नेता ने ये भी बताया कि जुलूस में अक्सर बाहरी लोग शामिल होते हैं। पुलिस से विवाद और बैरिकेड तोड़ना कोई नई बात नहीं, बल्कि ऐसा हर साल होता रहता है। घटना के समय पूरी कॉलोनी के लोग डरकर खुद को घरों में बंद रखते हैं।

ऑपइंडिया ने इस मामले में दिल्ली के लोधी कॉलोनी थाने से बात की। पुलिस ने बताया कि घटना की एफआईआर दर्ज की गई है, जिसका FIR संख्या 193/2021 है। नामजद आरोपितों के नाम बहादुर अब्बास और जहीरुल हसन हैं। बहादुर अब्बास अंजुमन हैदरी दरगाह के जनरल सेक्रेटरी हैं और जहीरुल हसन इसी संस्था के मैनेजर। इन सभी के साथ अज्ञात लोगों पर धारा 186, 353, 188, 269 और महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। खबर लिखे जाने तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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