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नक्‍सलियों ने शृंगीऋषि धाम के पुजारी को अगवा कर की बेरहमी से हत्या, जनेऊ और पैर के अँगूठे से हुई क्षत-विक्षत शव की पहचान

नक्सलियों ने कजरा थाना क्षेत्र के शृंगी ऋषि धाम के पुजारी नीरज झा की हत्या कर उनके शव को जंगल स्थि‍त हनुमान थान के समीप फेक दिया। स्थानीय लोग नक्सलियों की इस बर्बरता से काफी आक्रोश में हैं। इस घटना ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है।

बिहार के लखीसराय से एक पुजारी की बेरहमी से की गई हत्या का मामला सामने आया है। नक्सलियों ने कजरा थाना क्षेत्र के शृंगी ऋषि धाम के पुजारी नीरज झा की हत्या कर उनके शव को जंगल स्थि‍त हनुमान थान के समीप फेक दिया। स्थानीय लोग नक्सलियों की इस बर्बरता से काफी आक्रोश में हैं। इस घटना ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक सप्‍ताह पहले 23 अगस्त को कजरा थाना क्षेत्र के बाबा शृंगी ऋषि धाम से पुजारी नीरज झा का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद नक्सलियों ने उनके ही फोन का इस्तेमाल कर परिजनों से एक करोड़ रुपए की माँग की थी। नक्सलियों के भय से पुजारी के स्वजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी।

परिजनों ने बताया कि पिता राजेंद्र झा और माँ, बेटे की वापसी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन, घर पर शव आने से उनका रो-रोकर बुरा हाल है। नक्सलियों ने नीरज झा की हत्या कर शव को हनुमान थान के समीप फेंक दिया था, जिसके बाद पुलिस को रविवार रात को सूचना मिली कि एक अज्ञात शव हनुमान थान के पास क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा है। उसके बाद काफी संख्या में पुलिस जंगल स्थित हनुमान थान गई और शव को कजरा थाना ले आई। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे पहचानने में परिजनों को भी परेशानी हो रही थी।

नक्सलियों द्वारा पुजारी की हत्या को इतनी दरिंदगी से अंजाम दिया गया था कि मृतक के भाई पंकज झा ने जनेऊ और पैर के अँगूठे से नीरज की पहचान की है।

वहीं लखीसराय के एएसपी (अभियान) अमृतेश कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर नक्सल प्रभावित चानन, पीरीबाजार, कजरा के जंगलों मे सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुजारी नीरज झा हत्याकांड मामले में शामिल सभी आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

इससे पहले भी नक्सलियों ने एक शिक्षक सहित तीन लोगों का अपहरण किया था, जिनमें शिक्षक को बाद में छोड़ दिया गया था। वहीं लखीसराय-मुंगेर सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ भी हुई। बाद में यह रिपोर्ट सामने आई थी कि नक्सलियों द्वारा पंचायत के मुखिया और साहूकार को भी छोड़ दिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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