Wednesday, April 1, 2020
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‘कुछ लोग नहीं चाहते मेरे पिता की मौत का रहस्य सुलझे’, बोस की बेटी ने की मोदी से अस्थियों के DNA टेस्ट की माँग

अनिता ने कहा- "हालाँकि मेरे पास ऐसा कोई सबूत नहीं है कि कॉन्ग्रेस की सरकारों ने इस मुद्दे की अनदेखी की लेकिन पिछली सरकारों में 'कुछ लोग' नहीं चाहते थे कि यह रहस्य सुलझे और इसकी अनदेखी की गई।"

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के निधन से जुड़े विवाद के बीच बृहस्पतिवार अगस्त 22, 2019 को उनकी बेटी अनीता बोस फाफ ने नेताजी की मृत्यु से जुड़े रहस्य को सुलझाने के प्रयासों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। इसके साथ ही नेता जी की बेटी अनीता बोस ने पीएम मोदी से जापान के रेनकोजी मंदिर में रखी नेताजी की अस्थियों की डीएनए जाँच कराने का अनुरोध किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नेता जी की मृत्यु से रहस्य उठाने के लिए नेता जी की बेटी अनिता बोस ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने की माँग करते हुए दावा किया कि पिछली सरकारों में कुछ ‘खास लोग’ नहीं चाहते थे कि इस रहस्य से कभी पर्दा उठे। माना जाता है कि जापान के रेनकोजी मंदिर में रखी अस्थियां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हैं। अस्थियों के DNA टेस्ट की जाँच की माँग करते हुए अनीता ने कहा कि इससे उनके पिता की मौत की सच्चाई सामने आ सकेगी।

अनीता जर्मनी में रह रही प्रख्यात अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोई और बात साबित नहीं हो जाती, वह भी इस बात में यकीन करती हैं कि उनके पिता की मृत्यु 18 अगस्त 1945 को विमान दुर्घटना में हुई थी। साथ ही उन्होंने कहा कि हालाँकि बहुत लोग इसे नहीं मानते इसलिए वो जरूर चाहती हैं कि जाँच हो।

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अनीता बोस ने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि रेनकोजी मंदिर में रखी अस्थियों के डीएनए परीक्षण की अनुमति देने के लिए अनुरोध करने की खातिर वह प्रधानमंत्री से और जापानी अधिकारियों से भी मिलना चाहेंगी।

नेता जी की बेटी की यह टिप्पणी 18 अगस्त को केंद्र सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के एक ट्वीट पर पैदा हुए विवाद के बाद आया है। पीआईबी ने एक ट्वीट में कहा था कि पीआईबी महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी पुण्यतिथि पर याद करता है।

‘पिछली सरकारों में कुछ लोग नहीं चाहते थे कि यह रहस्य सुलझे’

नेताजी के परिवार के एक वर्ग द्वारा विरोध किए जाने के बाद इस ट्वीट को वापस ले लिया गया था। अनिता ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि क्या उन्हें लगता है कि पिछली सरकारों ने (कॉन्ग्रेस सरकार सहित) नेताजी की मौत के रहस्य को जानबूझकर नजरअंदाज किया? लेकिन अनिता ने कहा- “हालाँकि मेरे पास ऐसा कोई सबूत नहीं है कि कॉन्ग्रेस की सरकारों ने इस मुद्दे की अनदेखी की लेकिन पिछली सरकारों में ‘कुछ लोग’ नहीं चाहते थे कि यह रहस्य सुलझे और इसकी अनदेखी की गई।”

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