Friday, April 16, 2021
Home देश-समाज NIA ने गौतम नवलखा से ISI एजेंट फई से लिंक को लेकर की पूछताछ:...

NIA ने गौतम नवलखा से ISI एजेंट फई से लिंक को लेकर की पूछताछ: पत्रकार बावेजा सहित कई ‘बुद्धिजीवियों’ ने इवेंट में लिया था हिस्सा

भीमा-कोरेगाँव हिंसा का आरोपित अर्बन नक्सली गौतम नवलखा फिलहाल राष्ट्रीय जाँच एजेंसी की हिरासत में है। गौतम नवलखा ने कश्मीर ने आतंकी गतिविधि को बढ़ावा देने के साथ ही भारत विरोधी भावनाओं का भी प्रसार किया। जिसके बाद NIA ने उसके खिलाफ पाकिस्तान के साथ संबंध होने की बात कही थी।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने अर्बन नक्सली गौतम नवलखा से सईद गुलाम नबी फई से लिंक को लेकर पूछताछ की। फई कुख्यात अपराधी और संयुक्त राज्य अमेरिका में आईएसआई का एजेंट है। बता दें कि गुलाम नबी फई कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने और कश्मीर की आजादी के लिए प्रोपेगेंडा फैलाने में सबसे आगे रहा है।

भीमा-कोरेगाँव हिंसा का आरोपित अर्बन नक्सली गौतम नवलखा फिलहाल राष्ट्रीय जाँच एजेंसी की हिरासत में है। गौतम नवलखा ने कश्मीर ने आतंकी गतिविधि को बढ़ावा देने के साथ ही भारत विरोधी भावनाओं का भी प्रसार किया। जिसके बाद NIA ने उसके खिलाफ पाकिस्तान के साथ संबंध होने की बात कही थी।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस अटॉर्नी नील एच मैकब्राइड के 2011 के हलफनामे का हवाला देते हुए, एनआईए ने गौतम नवलखा से पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के उच्च-स्तरीय अधिकारियों के साथ उसकी मुलाकात के बारे में पूछताछ की, जिसे खुद गुलाम नबी फई पोषित करता है।

अमेरिकी अटॉर्नी नील मैकब्राइड के अनुसार, गुलाम नबी फई पाकिस्तानी खुफिया विभाग के लिए एक अग्रिम मोर्च के रूप में काम करता है और कश्मीर पर ISI के प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देता है। इससे पहले फई ने स्वीकार किया था कि उसे पाकिस्तान की सरकार की तरफ से फंडिंग मिलती है।

इसके अलावा एनआईए गौतम नवलखा के लगातार संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्राओं की भी जाँच कर रहा है, जहाँ वह गुलाम नबी फई की कश्मीरी अमेरिकन परिषद (KAC) द्वारा आयोजित कश्मीर पर भारत विरोधी सेमिनार में भाग लेने के लिए जाया करता था।

फई के संगठन- ‘कश्मीरी अमेरिकन काउंसिल (KAC)’ को भारत के खिलाफ कश्मीर के बारे में संयुक्त राज्य अमेरिका की नीति को गलत तरीके से प्रभावित करने के लिए पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी, ISI द्वारा वित्त पोषित किया जाता है।

एनआईए अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी को यह भी पता चला है कि नवलखा गुलाम नबी फई के समर्थन में खड़ा था और उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थन में एफबीआई को भी खत लिखा था।

हरिंदर बावेजा, वेद भसीन, जस्टिस सच्चर ने भी इवेंट में लिया था हिस्सा

बता दें कि सिर्फ गौतम नवलखा ने ही नहीं, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजिंदर सच्चर, हिंदुस्तान टाइम्स के ‘पत्रकार’ हरिंदर बावेजा और कश्मीर टाइम्स के एडिटर इन चीफ वेद भसीन ने भी 2010 में कश्मीरी अमेरिकन परिषद के सम्मेलन में भाग लिया था

गुलाम नबी फई द्वारा आयोजित सम्मेलनों में भारत विरोध बहुत स्पष्ट था और भारत के पत्रकारों, बुद्धिजीवियों ने अक्सर भारत को कश्मीर में एक दमनकारी शक्ति के रूप में चित्रित किया है।

2010 में आयोजित इसके एक सम्मेलन में अपनाए गए एक प्रस्ताव में कहा गया था कि प्रतिभागियों ने “सर्वसम्मति से” कश्मीर में बिगड़ते मानव अधिकारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और भारत सरकार को नागरिक क्षेत्रों से सेना को वापस लेने के लिए बाध्य किया। इसने पारदर्शी तरीके से निष्पक्ष हत्याओं की जाँच करने की भी माँग की थी। इस सम्मेलन में गौतम नवलखा, हरिंदर बावेजा सहित अन्य भारतीय बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया था।

कौन है गुलाम नबी फई?

गुलाम नबी फई अमेरिका में रहने वाला पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादी है जिसे FBI ने 2011 में गिरफ्तार किया था और फिर दो साल की जेल काटनी पड़ी थी।

फई को पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में कश्मीरी स्वतंत्रता की पैरवी करने के लिए दोषी ठहराया गया था।

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस और एफबीआई के दस्तावेजों के मुताबिक, 2011 में गिरफ्तार किए गए फई को आईएसआई और पाकिस्तान सरकार से 1990 से 35 लाख डॉलर (26 करोड़ रुपए) मिल चुके थे। 7 दिसंबर 2011 को एक शपथपत्र वर्जिनिया कोर्ट में दाखिल करके मैकब्राइड ने कहा, ”पिछले 20 सालों से मिस्टर फई ने पाकिस्तानी इंटलिजेंस से लाखों डॉलर लिए और अमेरिकी सरकार से झूठ बोला।”

इसमें आगे कहा गया है कि पेड ऑपरेटिव के तौर पर वह अमेरिका के निर्वाचित अधिकारियों से भी मिला, हाई-प्रोफाइल कॉन्फ्रेंस को फंड किया और वॉशिंटन में नीति निर्माताओं के सामने कश्मीरी मुद्दे को उछाला। सभी आरोपों में दोषी पाए जाने के बाद फई को 2012 में दो साल की सजा सुनाई गई और बाहर आने के बाद 3 साल तक निगरानी की गई। 

गुलाम नबी फई को संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत विरोधी कश्मीरी लॉबी का सार्वजनिक चेहरा माना जाता है। उसने कश्मीर के मुद्दे पर भारत सरकार के खिलाफ लॉबिंग करने के लिए हाई-प्रोफाइल इवेंट आयोजित किए हैं। कथित तौर पर, फई की कई गतिविधियों का पैसा आईएसआई से आया था। पाकिस्तानी सरकार उसे प्रति वर्ष $ 500,000 से $ 700,000 का भुगतान कर रही थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

CPI(M) ने TMC के लोगों को मारा पर वो BJP से अच्छे: डैमेज कंट्रोल करने आए डेरेक ने किया बेड़ा गर्क

प्रशांत किशोर ने जब से क्लब हाउस में TMC को डैमेज किया है, उसे कंट्रोल करने की कोशिशें लगातार हो रहीं। यशवंत सिन्हा से लेकर...

ईसाई मिशनरियों ने बोया घृणा का बीज, 500+ की भीड़ ने 2 साधुओं की ली जान: 181 आरोपितों को मिल चुकी है जमानत

एक 70 साल के बूढ़े साधु का हँसता हुआ चेहरा आपको याद होगा? पालघर में हिन्दूघृणा में 2 साधुओं और एक ड्राइवर की मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर मीडिया चुप रहा। लिबरल गिरोह ने सवाल नहीं पूछे।

जिन ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काता था लालू, उसकी रिहाई के लिए उन्हीं से पूजा-पाठ करवा रहे बेटे: बेल पर सुनवाई

लालू की रिहाई के लिए तेजस्वी यादव ने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और वासुकीनाथ धाम में प्रार्थना की। तेज प्रताप नवरात्र कर रहे हैं।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आगे आए अखाड़े, कुम्भ समाप्ति की घोषणा: जमातियों से तुलना करने वालों को झटका

निरंजनी अखाड़ा, आनंद अखाड़े ने ये घोषणा की है। दोनों अखाड़ों ने अप्रैल 17 को हरिद्वार में कुम्भ की समाप्ति की घोषणा की। कई अखाड़े आ सकते हैं साथ।

दिल्ली सरकार के App पर हॉस्पिटल में कई बेड्स खाली, हकीकत में एक भी नहीं: CM केजरीवाल ने झूठ बोला?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में हॉस्पिटल बेड्स की कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके एकदम उलट है।

द प्रिंट की ‘ज्योति’ में केमिकल लोचा ही नहीं, हिसाब-किताब में भी कमजोर: अल्पज्ञान पर पहले भी करा चुकी हैं फजीहत

रेमेडिसविर पर 'ज्ञान' बघार फजीहत कराने वाली ज्योति मल्होत्रा मिलियन के फेर में भी पड़ चुकी हैं। उनके इस 'ज्ञान' के बचाव में द प्रिंट हास्यास्पद सफाई भी दे चुका है।

प्रचलित ख़बरें

सोशल मीडिया पर नागा साधुओं का मजाक उड़ाने पर फँसी सिमी ग्रेवाल, यूजर्स ने उनकी बिकनी फोटो शेयर कर दिया जवाब

सिमी ग्रेवाल नागा साधुओं की फोटो शेयर करने के बाद से यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। उन्होंने कुंभ मेले में स्नान करने गए नागा साधुओं का...

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

जहाँ इस्लाम का जन्म हुआ, उस सऊदी अरब में पढ़ाया जा रहा है रामायण-महाभारत

इस्लामिक राष्ट्र सऊदी अरब ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच खुद को उसमें ढालना शुरू कर दिया है। मुस्लिम देश ने शैक्षणिक क्षेत्र में...

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,237FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe