Homeदेश-समाजNIA ने दर्ज किया मानव तस्करी का पहला मामला, बांग्लादेशी महिलाओं के यौन शोषण...

NIA ने दर्ज किया मानव तस्करी का पहला मामला, बांग्लादेशी महिलाओं के यौन शोषण में 3 गिरफ़्तार

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपित पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और अभी हैदराबाद में रह रहे थे। इनके कब्जे से पॉंच महिलाएँ मुक्त भी कराई गई हैं। तीनों पर सेक्स रैकेट चलाने का भी आरोप है।

राष्ट्रीय जॉंच एजेंसी (एनआईए) ने बांग्लादेशी महिलाओं की तस्करी और उनके यौन शोषण के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मोहम्मद यूसुफ खान, उसकी पत्नी बिठी बेगम और सोजिब के खिलाफ 17 सितंबर को एनआईए ने मामला दर्ज किया। ह्यूमन ट्रैफिकिंग अधिनियम के तहत एनआईए की यह पहली कार्रवाई है।

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपित पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और अभी हैदराबाद में रह रहे थे। इनके कब्जे से पॉंच महिलाएँ मुक्त भी कराई गई हैं। तीनों पर सेक्स रैकेट चलाने का भी आरोप है। NIA द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, तीनों आरोपित हैदराबाद में वेश्यावृत्ति का रैकेट चला रहे थे।

गौरतलब है कि सीमा से सटे बांग्लादेशी जिलों की गरीब महिलाओं को दलाल लालच देकर अपने जाल में फॉंसते हैं। उन्हें गैर कानूनी तरीके से सीमा पार कराकर लाया जाता है। फिर भी इन महिलाओं को कोलकाता, मुंबई, गोवा सहित देश के अन्य हिस्सों में कोठों पर बेच दिया जाता है।

बीते दशक में करीब 12-30 साल की 500,000 बांग्लादेशी महिलाएँ गैर कानूनी तरीके से भारत लाई गई हैं। बता दें कि मोदी सरकार यौनकर्मियों और मानव तस्करी से बचे लोगों को बैंकिंग सुविधाएँ प्रदान करने की योजना बना रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘श्मशान का भी व्यवसाय’… ईशा फाउंडेशन को पटना में एशिया के सबसे बड़े शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर हंगामा, जानें- ऑपइंडिया...

पटना के बांसघाट शवदाह गृह को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए सरकार ने ईशा फाउंडेशन को जिम्मेदारी क्यों दी और क्या हैं सुविधाएँ।

वेनेजुएला में तबाही के बाद भारत के ‘भूदेव’ की आई याद, हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ये सिस्टम बचा सकता है लाखों की जान: समझें...

भूकंप की जानकारी देने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग मोबाइल ऐप और सिस्टम ‘भूदेव’ तैयार किया है।
- विज्ञापन -