Friday, March 1, 2024
Homeदेश-समाजबेंगलुरु दंगों के लिए जानबूझकर चुना था कृष्ण जन्माष्टमी का दिन, SDPI ने रची...

बेंगलुरु दंगों के लिए जानबूझकर चुना था कृष्ण जन्माष्टमी का दिन, SDPI ने रची थी देश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश: NIA

आरोप पत्र के अनुसार, SDPI अनुच्छेद-370 हटाने, सीएए व एनआरसी, अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और तत्काल तीन तलाक जैसे कुछ मुद्दों पर केंद्र सरकार के फैसलों से नाराज था।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में बेंगलुरु की विशेष अदालत में एक आरोप पत्र दाखिल किया है। इस आरोप पत्र में कहा गया कि बेंगलुरु में पिछले साल 12 अगस्त को हुई हिंसा, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) द्वारा रची गई देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की एक बड़ी साजिश थी।

11 अगस्त को 3000 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने कॉन्ग्रेस विधायक आर अखंड श्रीनिवास मूर्ति, उनकी बहन और डीजे हल्ली व केजी हल्ली पुलिस थानों में आग लगा दी थी। भीड़ सोशल मीडिया पर विधायक के एक रिश्तेदार की तरफ से अपलोड की गई भड़काऊ पोस्ट को लेकर नाराज थी।

एक व्यक्ति ने इस मामले की जाँच एनआईए से कराने के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसके बाद राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी। एनआईए के मुताबिक, एजेंसी ने मामले में 247 लोगों को आरोपित बनाया है। 

विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर गहरी साजिश को किया उजागर

एनआईए के आरोप पत्र के मुताबिक, अल्पसंख्यक समुदाय के चार हजार से ज्यादा लोगों द्वारा हिंसा का तात्कालिक कारण पुलकेशीनगर के विधायक आर अखंड श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे नवीन की कथित इंटरनेट मीडिया पोस्ट थी, लेकिन असल में एसडीपीआइ कैडर ने हिंदू देवताओं के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट और उन्हें टैग करके नवीन को उकसाया था। आरोप पत्र में कहा गया, “बेंगलुरु SDPI अनुच्छेद-370 हटाने, सीएए व एनआरसी, अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और तत्काल तीन तलाक जैसे कुछ मुद्दों पर केंद्र सरकार के फैसलों से नाराज था। वे देश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और उसके जरिए देश में अशांति फैलाने की फिराक में थे।”

SDPI ने आपराधिक और हिंदू समुदाय को भड़काने की साजिश रची थी

प्रमुख अभियुक्त फिरोज पाशा के SDPI में शामिल होने के बाद मुहम्मद शरीफ, मुजम्मिल पाशा और एसडीपीआई बेंगलुरु के अन्य नेताओं ने एक आपराधिक साजिश रची। इसके तहत उन्होंने फिरोज पाशा के फेसबुक अकाउंट के जरिए हिंदू देवताओं का अपमान करने वाले कुछ संदेशों को पोस्ट करके हिंदू समुदाय को भड़काने का फैसला किया। उन्होंने जानबूझकर 11 अगस्त, 2020 की तारीख चुनी क्योंकि उस दिन हिंदुओं का पवित्र त्योहार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी थी।

फिरोज पाशा हिंसक हमले की योजना पर अमल के लिए पूरी तरह तैयार था: NIA

जाँच एजेंसी ने बताया कि एसडीपीआई का कैडर किसी भी स्थिति और हिंसक हमले की योजना पर अमल के लिए पूरी तरह तैयार था। इसी के तहत फिरोज पाशा ने 11 अगस्त की दोपहर को वीडियो और आडियो क्लिप पोस्ट की थी। इसके बाद फिरोज ने नवीन को पोस्ट में टैग कर लिया, जिस पर नवीन ने उसी आक्रामक अंदाज में पैगंबर के खिलाफ प्रतिक्रिया व्यक्त की। 

नवीन के जवाब को देखने के बाद फिरोज ने मुस्लिम समुदाय और संगठनों के नेताओं से नवीन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने और पुलिस व सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाने के लिए संपर्क किया। रात में फिरोज पाशा ने एसडीपीआई कैडर और अन्य को नवीन व मूर्ति के घरों के साथ-साथ केजी हल्ली व डीजी हल्ली पुलिस थानों पर हमला करने के लिए भेजा था।

वहीं, आरोप पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए, कर्नाटक के गृह मंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा कि यह एसडीपीआई की एक साजिश थी और सोशल मीडिया ऐसे संगठनों के लिए एक आसान औजार बन गया है। बोम्मई ने संवाददाताओं से कहा, “ये (सोशल मीडिया के) आका भारत में ही नहीं, बल्कि बाहर भी हैं। मुझे भरोसा है कि न्याय होगा।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

2 से ज्यादा बच्चे होने पर नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी… SC ने माना नियम बिलकुल सही: खारिज की राजस्थान के पूर्व सैनिक की याचिका

किसी व्यक्ति को दो से ज्यादा बच्चे होने के कारण सरकारी नौकरी न देना कहीं से संविधान के खिलाफ नहीं है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के एक मामले की सुनवाई में कहा।

‘मैंने लोगों को बुलाकर ED अधिकारियों पर हमले का आदेश दिया’: शाहजहाँ शेख ने कबूला जुर्म, महिलाओं को धमकाने वाला उसका करीबी अमीर अली...

TMC से निलंबित शाहजहाँ शेख ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने भीड़ को ईडी अधिकारियों और सुरक्षबलों पर हमले के लिए भीड़ को उकसाया था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
418,000SubscribersSubscribe