Tuesday, July 27, 2021
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‘सुशांत सिंह राजपूत मामले में अभी तक किसी भी पहलु को नकारा नहीं गया, हर एंगल से चल रही है जाँच’: CBI

ये जवाब ऐसे समय में आया है, जब मंगलवार को दिल्ली में CBI मुख्यालय के सामने सुशांत सिंह राजपूत के समर्थकों ने न्याय की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर भी 'हल्ला बोल फॉर SSR' नामक ट्रेंड चलाया गया। महाराष्ट्र ने गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी CBI से पूछा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या थी या हत्या?

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जाँच अभी भी CBI कर रही है, लेकिन फैंस का इंतजार अब जवाब देने लगा है। इस सम्बन्ध में राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने पत्र लिखा था, जिसका जवाब अब CBI ने दिया है। इसमें कहा गया है कि अभी तक हर एंगल से जाँच चल रही है और संस्था ने किसी भी पहलु को नकारा नहीं है। जाँच एजेंसी ने बताया कि वो पूरे प्रोफेशनल तरीके से वैज्ञानिक तकनीकों का सहारा लेते हुए जाँच में आगे बढ़ रही है।

ये जवाब ऐसे समय में आया है, जब मंगलवार (दिसंबर 29, 2020) को दिल्ली में CBI मुख्यालय के सामने सुशांत सिंह राजपूत के समर्थकों ने न्याय की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही सोशल मीडिया पर भी ‘हल्ला बोल फॉर SSR’ नामक ट्रेंड चलाया गया। महाराष्ट्र ने गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी CBI से पूछा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या थी या हत्या? उन्होंने कहा कि जाँच हाथ में लिए एजेंसी को 6 महीने हो गए हैं, ऐसे में अब रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

CBI ने कहा कि इस मामले में जुलाई 25, 2020 को पटना के राजीव नगर थाने में केके सिंह की शिकायत के बाद FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद बिहार सरकार की सिफारिश के बाद इस मामले की सीबीआई जाँच के लिए एजेंसी को सौंपी गई। एजेंसी ने बताया कि परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने कई बार घटनास्थल का दौरा किया और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की देखरेख में घटनास्थल का निरीक्षण हुआ।

जाँच एजेंसी ने बताया, “फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने कूपर हॉस्पिटल का भी दौरा किया और किया और जाना कि पोस्टमॉर्टम के लिए किन प्रक्रियाओं को अपनाया गया था। पीड़ित परिजनों और अन्य सूत्रों ने जो भी आपत्ति दर्ज कराई, उस पर जाँच की गई। सभी सम्बंधित गवाहों से पूछताछ हुई। सेल टॉवर लोकेशन और डिजिटल उपकरणों के डेटा की जाँच के लिए लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल किया गया। जाँच टीम अलीगढ़, फरीदाबाद, हैदराबाद, मुंबई, मानेसर (गुरुग्राम) और पटना – हर सम्बंधित जगह गई।”

इसी महीने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग एंगल सामने आने के बाद केस की जाँच में जुटी एनसीबी ने लंबे समय से फरार चल रहे ड्रग तस्कर रीगल महाकाल को गिरफ्तार कर लिया है था, जिसे इस केस में एनसीबी की सबसे बड़ी कार्रवाई माना गया था। रीगल अपने साथी व रिया और शौविक को ड्रग पहुँचाने वाले अनुज केशवाणी के साथ दूसरे लोगों को ड्रग सप्लाई किया करता था। अब तक एनसीबी ने 20 से ज्यादा गिरफ्तारियाँ की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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