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जींस पहनने पर दुकानदार नुरुल अमीन ने युवती को कह दिया ‘वेश्या’, की बदसलूकी: इयरफोन खरीदने गई थी पीड़िता

“मैं एक जोड़ी ईयरफोन खरीदने उसके घर गई थी। लेकिन उसे मुझ पर चिल्लाते और मुझे डाँटते हुए देखकर मैं चौंक गई। पहले तो मुझे समझ नहीं आया कि माजरा क्या है। फिर उसने मुझ पर तंज कसा और कहा कि मुझे जींस नहीं पहननी चाहिए।"

असम के विश्वनाथ चरियाली जिले से कट्टरपंथ का ताजा मामला सामने आया है। यहाँ के एक गाँव में मुस्लिम लड़की द्वारा बुर्का की जगह जींस पहनने पर एक दुकान के मालिक नुरुल अमीन (60) ने उसके साथ बदसलूकी की। इसके बाद उसके बेटों ने पाड़िता के पिता के साथ भी मारपीट की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना 25 अक्टूबर की है। उस दिन पीड़ित युवती ईयरफोन खरीदने के लिए लिए आरोपित की दुकान पर गई थी। जिस वक्त वह उसकी दुकान पर गई उसने जींस पहन रखी थी। जींस में आरोपित अधेड़ ने जब युवती को देखा तो वह उससे जलील करने लगा और उस पर चिल्लाया। उसने अपने घर में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान खोल रखा है। उसकी दुकान बिश्वनाथ के वार्ड नंबर 12 में दैनिक बाजार में स्थित है।

युवती ने कहा, “मैं एक जोड़ी ईयरफोन खरीदने उसके घर गई थी। लेकिन उसे मुझ पर चिल्लाते और मुझे डाँटते हुए देखकर मैं चौंक गई। पहले तो मुझे समझ नहीं आया कि माजरा क्या है। फिर उसने मुझ पर तंज कसा और कहा कि मुझे जींस नहीं पहननी चाहिए।”

पीड़िता ने कहा, “मैं सलवार कमीज, जींस, कपड़े आदि सहित सभी प्रकार के कपड़े पहनती हूँ। मैं यह नहीं कह रही हूँ कि बुर्का या हिजाब पहनना कुछ बुरा है, फिर भी उसे मुझ पर कुछ भी लागू करने का कोई अधिकार नहीं है।” युवती ने कहा कि मेरे कपड़े मेरे चरित्र को परिभाषित नहीं करते हैं।

लड़की ने कहा कि 60 साल के नूरुल अमीन ने कपड़े सेलेक्शन के चलते उसे वेश्या कहा। बहरहाल, इस घटना के बाद पीड़िता ने अपने परिवार को इसके बारे में बताया, जिससे दोनों के परिवारों के बीच काफी विवाद भी हुआ। घटना के दो दिन बाद बच्ची के पिता को नूरुल अमीन और उसके बेटों ने बेरहमी से पीटा। लड़की का कहना है कि वह उसकी प्रतिक्रिया को देखकर पूरी तरह सदमे में है। हालाँकि, अच्छी बात यह रही कि पीड़िता के परिवार के लोगों ने इस मामले में उसका साथ दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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