Sunday, July 21, 2024
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‘हिंदू महिलाओं की इज्जत लूटने के लिए रात का इंतजार कर रही थी कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़’: भुक्तभोगी महिला का सनसनीखेज खुलासा

पानीपत की एक पीड़ित महिला ने कहा था, “उन्होंने (मुस्लिम भीड़ ने) हमारे बस पर पथराव किया। हमारे बच्चे हमें बचाने के लिए नीचे उतरे। निहत्थे होने के बावजूद भी उन्होंने (अभिषेक चौहान ने) हमें बचाने की पूरी कोशिश की। वो डरे नहीं कि उनके हाथ में हथियार नहीं है। बहादुरी से मुकाबला किया और हमारा बच्चा बलिदान हो गया।”

हिंदुओं की जलाभिषेक यात्रा पर हमले के बाद हरियाणा के नूहं में हिंसा फैल गई थी। 31 जुलाई 2023 को धार्मिक शोभायात्रा पर कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा हमला किया गया, जिसमें कई मौत हो गई और पुलिस सहित दर्जनों लोग घायल हो गए। नूहं का मुस्लिम बहुल इलाका अशांति का केंद्र था, जो धीरे-धीरे राज्य गुरुग्राम और सोहना जैसे अन्य क्षेत्रों तक फैल गया।

इस हिंसा के दौरान कई लोगों ने अपने कटु अनुभवों को साझा किया है। इसी कड़ी में, एक हिंदू महिला ने अपने एक साक्षात्कार में उस दिन की दिल दहला देने वाली घटना को बयान किया है। महिला ने बताया कि कैसे स्त्रियाँ अपनी इज्जत बचाने में कामयाब रहीं।

महिला ने अपने इंटरव्यू में बताया, “जब आसपास की झाड़ियों से गोलियाँ चलने लगीं तो हिंदू भाई बाहर थे। बिजली विभाग द्वारा बिजली काट दी गई। वे (मुस्लिम) हिंदू महिलाओं की इज्जत लूटने (रेप) के लिए सूरज डूबने और रात होने का इंतजार कर रहे थे। ये हम ही जानते हैं कि कैसे हमने अपनी इज्जत बचाई।”

घटना के बारे में बताते हुए हिंदू महिला कई बार रो पड़ी। उसने बताया, “हमने अपने भाइयों को मरते देखा। हम जानते हैं कि हमारे भाइयों को कैसे गोली मारी गई। हमारे पास उनके घावों को ढँकने के लिए पट्टियाँ भी नहीं थीं। इसलिए हमने उन पर अपनी चुन्नी और दुपट्टा बाँध दिया।” हिंदुओं पर की जाने चौतरफा गोली-बारी को याद करके महिला अब भी सिहर उठती है।

महिला ने सवालिया लहजे में आगे कहा, “क्या हम मरने के लिए वहाँ गए थे? क्या हम वहाँ दर्शन नहीं कर सकते? ये लोग (मुस्लिम) अपना जुलूस निकालते हैं। क्या हम में से किसी को उन पर आपत्ति है? हमारे पास पीने का पानी तक नहीं था। हमने शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले जल से अपना गला तर किया।”

महिला ने कहा, “उस दौरान बिजली काट दी गई थी। हम क्या कर सकते थे? वे हिंसा के लिए हम पर आरोप लगा रहे हैं। यदि हम ऐसा करना चाहते तो क्या हम अपने बच्चों को साथ लाते? क्या हम मरने के लिए अपनी माताओं और बुजुर्गों को अपने साथ वहाँ लाएँगे? क्या महिलाओं और बच्चों का हमारे लिए कोई मूल्य नहीं है?”

जीवित बचने के सवाल पर महिला ने बताया, “उस समय तक वहाँ कोई पुलिस नहीं थी। बाद में प्रशासन के पहुँचने के पर हम वहाँ से किसी तरह बच के निकले। हमें अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों के नीचे और खेतों के बीच से रेंगकर निकलना पड़ा। हमें जानवरों की तरह सरकारी बसों में ठूँस दिया गया था।”

उन्होंने कहा, “हमारे जले हुए गाड़ियों के धुएँ से आसमान काला हो गया था। इतना काला कि मौसम ख़राब होने पर भी आसमान में इतना अंधेरा नहीं होता। मैं सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर अनुरोध करना चाहती हूँ कि हम 2024 में तभी वोट करेंगे, जब आप मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को बर्खास्त करेंगे।”

महिला ने आगे कहा, “हम भाजपा को तभी वोट देंगे, जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे योग्य और कुशल किसी व्यक्ति को यहाँ रखेंगे। वर्तमान मुख्यमंत्री 2000-2500 महिलाओं को नहीं बचा सके तो दूसरों को कैसे बचाएँगे? हमने सोमवार का व्रत किया था और पानी भी नहीं पी थी। हम वहाँ बेहोश हो रहे थे।”

कट्टरपंथियों ने पानीपत बजरंग दल के प्रखंड संयोजक अभिषेक चौहान उर्फ अभिषेक राजपूत की हत्या कर दी। अभिषेक को पहले गोली मारी गई, फिर उनका गला काट दिया गया था। अभिषेक की बहादुरी को लेकर एक अन्य महिला ने कहा था कि वह महिलाओं को बचाने के खातिर अपनी जान गँवा दी।

पानीपत की एक महिला ने मीडिया से बात करते हुए खुद को हिंसा की भुक्तभोगी बताया। महिला ने कहा, “उन्होंने (मुस्लिम भीड़ ने) हमारे बस पर पथराव किया। हमारे बच्चे हमें बचाने के लिए नीचे उतरे। निहत्थे होने के बावजूद भी उन्होंने (अभिषेक चौहान ने) हमें बचाने की पूरी कोशिश की। वो डरे नहीं कि उनके हाथ में हथियार नहीं है।”

महिला ने आगे कहा, “बस में सारी औरतें और बच्चे थे। उन्होंने (अभिषेक राजपूत) ने बहादुरी से मुकाबला किया। हमारा बच्चा बलिदान हो गया। हमें गर्व है कि ये बच्चा हमारे पानीपत का था।” लोगों ने अभिषेक के लिए बलिदानी का दर्जा देने की माँग की।

गौरतलब है कि मीडिया में मुस्लिमों और उनके सेक्युलर सहयोगियों ने हिंसा के लिए बार-बार बजरंग दल के सदस्य मोनू मानेसर उर्फ ​​मोहित यादव को दोषी ठहराया। मोनू मानेसर ने एक वीडियो संदेश जारी करके साफ कहा कि वह जुलूस में मौजूद नहीं थे। उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

वहीं, VHP ने स्थानीय कॉन्ग्रेस विधायक मम्मन खान और आफताब पर हिंसा के उकसाने का आरोप लगाया और इनके द्वारा किए गए कई ट्वीट को साझा किया। विश्व हिंदू परिषद के महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि मामन खाँ ने चार महीने पहले विधानसभा में कहा था कि किसी की हिम्मत है तो मेवात में घुसकर दिखा दे।

वीएचपी महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि एक और कॉन्ग्रेसी नेता हैं आफताब साहब। उन्होंने कहा कि अगर गाँव में पुलिस वाले आएँ तो उनके हाथ-पैर तोड़ दो। उनकी चिंदी-चिंदी कर दो। उन्होंने कहा कि आफताब मेवात में ही रहते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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