Thursday, August 5, 2021
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‘नर्स के साथ तबलीगियों ने छेड़छाड़ की तो वो सबूत के तौर पर फटे कपड़े दिखाए’ – Live TV पर घटिया तर्क

तबलीगी जमात के प्रवक्ता मुजीबुर रहमान को नर्स के साथ छेड़छाड़ का भरोसा नहीं हुआ। उन्होंने तबलीग जमात के लोगों का बचाव करते हुए नई माँग कर दी। रहमान ने कहा कि जो नर्स तबलीगी जमात के सदस्यों पर हमले का आरोप लगा रही हैं, वह सबूत के तौर पर फटे हुए कपड़े सामने लाकर दिखाएँ।

जमातियों द्वारा नर्सों से की गई छेड़छाड़ पर तबलीगी जमात के प्रवक्ता ने एक बार फिर शर्मनाक बयान दिया है। निजामुद्दीन स्थित मरकज के प्रवक्ता मुजीबुर रहमान ने कहा है कि जो स्वास्थ्यकर्मी और नर्स तबलीगी जमात के सदस्यों पर क्वारंटीन सेंटर में मारपीट और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा रही है, वह सबूत के तौर पर अपने फटे हुए कपड़े लाकर दिखाए।

इंडिया टीवी पर हुए एक शो में रहमान ने तबलीगी जमात के उन सदस्यों के पक्ष में बहस की, जिन्हें देश में कोरोना वायरस के सबसे बड़े केन्द्र रूप में उभरकर सामने आए निजामुद्दीन स्थित मरकज से दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से बाहर निकाला था।

दरअसल एक मुद्दे पर इंडिया टीवी द्वारा एक बहस आयोजित की गई थी, जिसमें तबलीगी जमात के प्रवक्ता मुजीबुर रहमान भी पैनल का एक हिस्सा थे। चैनल पर बहस शुरू होने से पहले दिल्ली स्थित अस्पताल की एक नर्स का साक्षात्कार चलाया गया, जिसमें नर्स ने क्वारंटाइन किए गए जमातियों पर छेड़छाड़ सहित कई गंभीर आरोप लगाए।

रिपोर्टर द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए नर्स ने इंडिया टीवी के कैमरे के सामने कहा, “तबलीगी जमात से जुड़ी आए दिन आ रही खबरों पर मैं पहले यकीन भी नहीं करती थी कि ये लोग ऐसा भी कुछ कर सकते हैं, लेकिन जब मेरे साथ घटना घटी तो मुझे यकीन हो गया कि ये लोग कुछ भी कर सकते हैं। पीड़ित नर्स ने कैमरे पर बताया कि कैसे तबलीगी जमात के लोगों ने उनके साथ छेड़छाड़ की और फिर किस तरह खाना खिलाने के लिए मजबूर किया।”

नर्स ने कहा कि “मैं इन लोगों पर फिर से भरोसा नहीं कर सकती हूँ। तबलीगी जमात के सदस्यों के बारे में मेरे सारे भ्रम टूट गए हैं। उन्होंने मुझे पीछे से गर्दन पकड़कर मुँह में भोजन डालने की कोशिश की। इस बीच मैं किसी तरह उनकी पकड़ से मुक्त होकर वहाँ से अपनी जान बचाकर भाग निकली, लेकिन उन्होंने इसके बाद भी मुझे पीछे से पकड़कर अपनी ओर खींचने की कोशिश की।”

नर्स ने आगे बताते हुए कहा कि जमातियों के इस तरह से मेरे ऊपर किए हमले से मैं डर गई और सोचा कि एक महिला पर हमला करने की क्या जरूरत थी? अगर उन्हें खाना पसंद नहीं था, तो वे इसे खाने से मना कर सकते थे। मुझ पर हमला क्यों किया? मैं बस अपना कर्तव्य निभाते हुए उन्हें भोजन उपलब्ध करा रही थी, जो क्वारंटाइन केन्द्र के लिए हमें उपलब्ध कराया गया था।

नर्स ने कहा कि मैंने कई बार तो इनके मनचाहे भोजन की माँग को पूरा करने के लिए अपनी जेब से भुगतान कर भोजन मँगाया। इस बीच इंडोनेशिया के जमाती सदस्यों ने मुझसे चाय के लिए अनुरोध किया। इस पर मैंने चाय की सामग्री खरीदी और उनकी मदद भी की।

हालाँकि नर्स द्वारा किए गए दावों पर तबलीगी जमात के प्रवक्ता मुजीबुर रहमान को भरोसा नहीं हुआ और तब्लीगी जमात के लोगों का बचाव करते हुए इंडिया टीवी के एंकर से एक नई माँग कर दी। रहमान ने कहा कि जो नर्स तबलीगी जमात के सदस्यों पर हमले का आरोप लगा रही हैं, वह सबूत के तौर पर फटे हुए कपड़े सामने लाकर दिखाएँ।

रहमान ने कहा, क्योंकि आपका टीवी रिपोर्टर नर्स के साथ है, इसलिए आप नर्स को उसके फटे कपड़े दिखाने के लिए क्यों नहीं कहते। उन्होंने अपने फटे कपड़े नहीं दिखाए। एक बार जब वे दिखा देंगे, तब मैं अपनी बात रखुँगा। इस पर टीवी के एंकर आग बबूला हो गए और रहमान को सबूत के तौर पर नर्स से फटे हुए कपड़े माँगने को लेकर आड़े हाथों ले लिया। एंकर ने कहा कि आपको शर्म आनी चाहिए कि आप लगातार अपनी बेशर्मी का परिचय देते हुए तबलीगी जमात के गलत कामों का बचाव कर रहे हैं।

दरअसल पिछले दिनों में देश भर से ऐसी कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिनमें तबलीगी जमात के सदस्यों ने डॉक्टरों, नर्सों, वार्ड बॉय और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की है। दिल्ली में डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल क्वारेंटाइन सेंटर और आरपीएफ बैरक क्वारंटाइन सेंटर में क्वारंटाइन किए गए तबलीगी जमात से जुड़े सदस्यों के नखरे, भोजन को फेंकते और अनुचित भोजन की माँग करने के रूप में सामने आ चुके हैं।

इतना ही नहीं, ये जमाती क्वारंटाइन सेंटर में डॉक्टरों, नर्सों और उनके साथ रहने वाले अन्य कर्मचारियों के साथ गंदी हरकतें करते हैं और उनके ऊपर भी थूकते भी हैं। इसके अलावा गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती तबलीगी जमात के सदस्यों ने नग्न होकर अस्पताल में महिला कर्मचारियों के सामने अश्लील इशारे किए थे। इसकी जानकारी खुद गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गाजियाबाद पुलिस को पत्र लिखकर दी थी। इसके बाद सरकार ने आदेश दिया था कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी इन महिलाओं को दूर रखा जाएगा।

दिल्ली के नरेला क्वारंटाइन केंद्र में भी तबलीगी जमात के सदस्यों ने सुविधाओं को लेकर हंगामा किया था। इस मामले में एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी जिसमें कहा गया था कि जब सफाई कर्मचारी सफाई करने के लिए गए तो दो लोगों को कमरा नंबर 212 के बाहर शौचालय के पास पाया गया था। शिविर प्रभारी ने कहा कि तब्लीगी जमात के सदस्य अपने लापरवाह व्यवहार के माध्यम से रोकथाम के उपाय कर रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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