Tuesday, June 15, 2021
Home देश-समाज स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती: अराधना में थे लीन जब गोलियों से भूना, शव को कुल्हाड़ी...

स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती: अराधना में थे लीन जब गोलियों से भूना, शव को कुल्हाड़ी से काटा

1970 से दिसंबर 2007 के बीच स्वामी लक्ष्मणानंद पर 8 बार जानलेवा हमले हुए। आखिरकार 23 अगस्त 2008 जब वे जन्माष्टमी समारोह में भगवान् श्रीकृष्ण की आराधना में लीन थे माओवादियों ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी।

महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की निर्मम तरीके से हत्या की गई। करीब 12 साल पहले ओडिशा में इसी तरह निर्ममता से स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और उनके चार शिष्यों की हत्या की गई थी। उस वक्त भी इसके पीछे ईसाई मिशनरियों और माओवादियों का कनेक्शन सामने आया था।

पालघर के जिस इलाके में साधुओं की मॉब लिंचिंग हुई वहॉं भी ईसाई मिशनरी सक्रिय हैं। घटना के वक्त मौके पर एनसीपी और सीपीएम नेताओं के मौजूद रहने की बात सामने आई है। हिंदू धर्म आचार्य सभा ने महाराष्ट्र के गवर्नर को जो पत्र लिखा है उसमें स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस इलाके के लोगों का ब्रेनवाश कर हिन्दू धर्म के प्रति उनके मन में घृणा पैदा की गई है।

23 अगस्त 2008 को कंधमाल में स्वामी लक्ष्मणानंद और उनके शिष्यों की हत्या भी सुनियोजित तरीके से की गई थी। जलेसपट्टा स्थित उनके आश्रम में हत्यारे घुसे और उन्हें गोलियों से भून डाला। उनके मृत शरीर को कुल्हाड़ी से काट डाला। चार अन्य साधुओं की भी हत्या कर दी गई।

कौन थे स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती

स्वामी लक्ष्मणानंद ओडिशा के वनवासी बहुल फुलबनी (कन्धमाल) जिले के गाँव गुरुजंग के रहने वाले थे। बचपन में ही उन्होंने दुखी-पीड़ितों की सेवा में जीवन समर्पित कर देने का संकल्प ले लिया। हिमालय से साधना साधना कर लौटने के बाद वे गोरक्षा आंदोलन से जुड़ गए। प्रारंभ में उन्होंने वनवासी बहुल फुलबनी के चकापाद गाँव को अपनी कर्मस्थली बनाया था।

धर्मांतरण कर ईसाई बनाए गए लोगों की हिंदू धर्म में वापस लाने के लिए उन्होंने अभियान शुरू किया। उनकी प्रेरणा से 1984 में चकापाद से करीब 50 किलोमीटर दूर जलेसपट्टा नामक वनवासी क्षेत्र में कन्या आश्रम, छात्रावास तथा विद्यालय की स्थापना हुई। आज भी उस कन्या आश्रम छात्रावास में सैकड़ों बालिकाएँ शिक्षा ग्रहण करती हैं।

1970 से दिसंबर 2007 के बीच स्वामी लक्ष्मणानंद पर 8 बार जानलेवा हमले हुए। आखिरकार 23 अगस्त 2008 जब वे जन्माष्टमी समारोह में भगवान् श्रीकृष्ण की आराधना में लीन थे माओवादियों ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। उनकी हत्या के बाद समूचा कंधमाल उबल पड़ा था। ओडिशा के अन्य भागों में भी प्रदर्शन व आन्दोलन हुए।

निशाने पर क्यों थे स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती?

ओडिशा के घने जंगलों में मिशनरी की संदिग्ध और धर्मांतरण की गतिविधियों के खिलाफ जोरदार अभियान चलाने वाले तथा आदिवासियों को चर्च के चंगुल में जाने से बचाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की लगातार साजिश रची जा रही थी। स्वामीजी वहाँ व्यापक तौर पर सामाजिक सेवा के कार्य में लगे थे। आदिवासी लड़कियों के लिए स्कूल व हॉस्टल चलाते थे। उनके इस काम को मिशनरी के लोग धर्मांतरण के अपने मिशन में बाधा के तौर पर देखते थे।

उनकी हत्या का सूत्रधार और मुख्य आरोपी माओवादी नेता सब्यसाची पांडा था। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में माओवादी नेता पांडा सहित उसके 14 साथियों के खिलाफ़ विरुद्ध आरोप-पत्र दाखिल किया था। बाद में नौ आरोपी ही गिरफ्तार किए जा सके। दुर्योधन सुना मांझी, मुंडा बडमांझी, सनातन बडमांझी, गणनाथ चालानसेठ, बिजय कुमार सनसेठ, भास्कर सनमाझी, बुद्धदेव नायक और माओवादी नेता उदय को सजा सुनाई गई। क्राइम ब्रांच ने सोमनाथ दंडसेना को भी इस मामले में गिरफ्तार किया था। लेकिन अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उसे बाद में बरी कर दिया था।

मामले को दबाने की कोशिश

स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती पर तमाम तरह के झूठे आरोप लगाए गए। एक फादर के घर की नौकरानी को नन बताकर बलात्कार का झूठा प्रचार किया गया। स्थानीय माओवादी नेताओं ने भी इस बात को दबाने की बहुत कोशिश की। उस वक्त भाजपा महासचिव पृथ्विराज हरिचंदन ने कहा था कि यह हत्या प्रायोजित थी। राज्य सरकार इस हत्याकांड पर पर्दा डालना चाहती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार घटना के चार साल बीत जाने के बावजूद जानबूझकर मुख्यमंत्री के निर्देश के कारण हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया था। लगातार विश्व हिंदू परिषद् द्वारा हत्या में शामिल दोषियों की गिरफ्तारी की माँग की गई। साथ ही ओडिशा सरकार से परिषद् के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की जाँच के लिए बने दो न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने को भी कहा गया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सूना पड़ा प्रोपेगेंडा का फिल्मी टेम्पलेट! या खुदा शर्मिंदा होने का एक अदद मौका तो दे 

कितने प्यारे दिन थे जब हर दस-पंद्रह दिन में एक बार शर्मिंदा हो लेते थे। जब मन कहता नारे लगा लेते। धमकी दे लेते थे कि टुकड़े होकर रहेंगे, इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह।

‘मुस्लिम जज’ ने दिया था सरेआम गाय काटने का आदेश, अंग्रेजी तोप के सामने उड़ा दिए गए थे 66 नामधारी: गोहत्या विरोधी कूका आंदोलन

सिख सम्राट रणजीत सिंह जब तक जीवित थे, तब तक उनके साम्राज्य में गोहत्या पर प्रतिबंध रहा। लेकिन, हिन्दुओं और सिखों के लिए दुर्भाग्य ये रहा कि महाराजा का 1839 में निधन हो गया।

अब्दुल की दाढ़ी काटने से लेकर आफ़ताब की हत्या तक: 19 घटनाएँ, जब झूठ निकला जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाने वाला दावा

मीडिया को हिन्दू प्रतीक चिह्नों से इतनी नफरत है कि 'जय श्री राम' जैसे पवित्र शब्द को बदनाम करने के लिए कई सालों से कोशिश की जा रही है, खासकर भाजपा के सत्ता में आने के बाद से।

राम मंदिर की जमीन पर ‘खेल’ के दो सूत्र: अखिलेश यादव के करीबी हैं सुल्तान अंसारी और पवन पांडेय, 10 साल में बढ़े दाम

भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय 'पवन' और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से सुल्तान के काफी अच्छे रिश्ते हैं।

गलवान में चीन के 45 फौजियों को मारा, फिर 43% भारतीय ने नहीं खरीदा चीनी माल: बीजिंग की ऐसे कमर तोड़ रहा है भारत

इस अवधि में जिन लोगों ने चीनी सामान खरीदे भी, उनमें से भी 60% का कहना है कि उन्होंने चीन में बने 1-2 से ज्यादा उत्पाद नहीं खरीदे। गलवान संघर्ष के बाद ये बदलाव आया।

‘इस बार माफी पर न छोड़े’: राम मंदिर पर गुमराह करने वाली AAP के नेताओं ने जब ‘सॉरी’ कह बचाई जान

राम मंदिर में जमीन घोटाले के बेबुनियाद आरोपों के बाद आप नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की माँग हो रही है।

प्रचलित ख़बरें

राम मंदिर में अड़ंगा डालने में लगी AAP, ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश: जानिए, ‘जमीन घोटाले’ की हकीकत

राम मंदिर जजमेंट और योगी सरकार द्वारा कई विकास परियोजनाओं की घोषणाओं के कारण 2 साल में अयोध्या में जमीन के दाम बढ़े हैं। जानिए क्यों निराधार हैं संजय सिंह के आरोप।

‘हिंदुओं को 1 सेकेंड के लिए भी खुश नहीं देख सकता’: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से पहले घृणा की बैटिंग

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि जीते कोई भी, लेकिन ये ट्वीट ये बताता है कि इस व्यक्ति की सोच कितनी तुच्छ और घृणास्पद है।

केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिर होने वाली थी पिटाई? लोगों से पहले ही उतरवा लिए गए जूते-चप्पल: रिपोर्ट

केजरीवाल पर हमले की घटनाएँ कोई नई बात नहीं है और उन्हें थप्पड़ मारने के अलावा स्याही, मिर्ची पाउडर और जूते-चप्पल फेंकने की घटनाएँ भी सामने आ चुकी हैं।

सिख विधवा के पति का दोस्त था महफूज, सहारा देने के नाम पर धर्मांतरण करा किया निकाह; दो बेटों का भी करा दिया खतना

रामपुर जिले के बेरुआ गाँव के महफूज ने एक सिख महिला की पति की मौत के बाद सहारा देने के नाम पर धर्मांतरण कर उसके साथ निकाह कर लिया।

6 साल के पोते के सामने 60 साल की दादी को चारपाई से बाँधा, TMC के गुंडों ने किया रेप: बंगाल हिंसा की पीड़िताओं...

बंगाल हिंसा की गैंगरेप पीड़िताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बताया है कि किस तरह टीएमसी के गुंडों ने उन्हें प्रताड़ित किया।

‘मुस्लिम बुजुर्ग को पीटा-दाढ़ी काटी, बुलवाया जय श्री राम’: आरोपितों में आरिफ, आदिल और मुशाहिद भी, ज़ुबैर-ओवैसी ने छिपाया

ओवैसी ने लिखा कि मुस्लिमों की प्रतिष्ठा 'हिंदूवादी गुंडों' द्वारा छीनी जा रहीहै । इसी तरह ज़ुबैर ने भी इस खबर को शेयर कर झूठ फैलाया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
104,008FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe