Saturday, May 21, 2022
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देश के 70% लोगों को लग गए कोरोना के दोनों टीके, 156 करोड़ डोज के साथ वैक्सीनेशन का 1 साल पूरा: 93% वयस्कों को डोज

1989 से अब तक 32 साल में 92 फीसदी लोगों को टीबी का टीका लग पाया। लेकिन मोदी सरकार में 2021 में शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान में केवल एक साल के भीतर ही देश के 93 प्रतिशत लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं।

देश में कोरोना महामारी को मात देने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए विश्व के सबसे बड़े वैक्सीनेशन (Vaccination) अभियान के एक साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर केंद्र सरकार एक साल के आँकड़े शेयर किए हैं। ‘माई गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ हैंडल के मुताबिक, 1.3 बिलियन लोग एक साथ एक लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करते हैं तो क्या होता है।

देश में 16 जनवरी 2021 को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी, जो कि दिन ब दिन बढ़ती गई। वैक्सीनेशन अभियान के शुरू होने के एक साल के अंदर ही भारत में 156 करोड़ डोज देकर रिकॉर्ड कायम किया। इसी क्रम में 17 सितंबर 2021 का दिन वो दिन था जब एक दिन में 2.5 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन कर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया।

इसके अलावा कोरोना से इस लड़ाई में देश ने कई नए कीर्तिमान भी बनाए जैसे कि देश में कोरोना का पहला केस सामने आने के महज 11 महीने के भीतर ही वैक्सीनेशन की शुरुआत कर दी गई। जबकि, देश में पहली बहार डीएनए बेस्ड वैक्सीन भी बनाई गई। साथ ही Co-WIN ऐप के जरिए देश का सबसे बड़ा डिजिटल वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया, जिसमें 99 करोड़ लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया। वहीं अगर इसे महामारियों में भारत सरकार के आँकड़े के तौर पर देखें तो 1994-2014 तक 20 साल में देश के 97 फीसदी लोगों को पोलियो की खुराक दी गई। इसी तरह से 1989 से अब तक 32 साल में 92 फीसदी लोगों को टीबी का टीका लग पाया। लेकिन मोदी सरकार में 2021 में शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान में केवल एक साल के भीतर ही देश के 93 प्रतिशत लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं।

12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 100% वैक्सीन कवरेज

देश में वैक्सीनेश की आत्मनिर्भरता का ऐसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि देशभर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 100 फीसदी पहली डोज का कवरेज कर लिया गया है। जबकि, 26 राज्यों में कोरोना टीके की पहली खुराक को 90 प्रतिशत लोगों तक पहुँचाया जा चुका है। वहीं 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूर्ण टीकाकरण का 95 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। 18 साल से अधिक उम्र के 93 प्रतिशत लोगों ने अभी तक कम से कम पहली डोज लगवा लिया है, जबकि 69 फीसदी ने सेकंड डोज भी लगवा लिया है।

वैक्सीनेशन के स्केल के लिहाज से इसे देखा जाय तो देश हल्के हरे रंग वाले 3 राज्यों में 70-79% लोगों ने वैक्सीन की कम से कम पहली डोज ली है। हल्के पीले रंग वाले 4 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 80-89 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज ली है। जबकि, डार्क ग्रीन रंग वाले वो 14 राज्य हैं, जिनके 90-99 फीसदी लोगों ने कम से कम पहली डोज ले ली है। इसके अलावा नीले रंग वाले 12 राज्य वो है, जिसके 100 फीसदी लोग वैक्सीन की पहली खुराक ले चुके हैं। टीकाकरण के लिहाज से भारत दुनिया में सबसे आगे है। यहाँ देश के 93 फीसदी लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।

भारत अब तक अपनी 69 फीसदी आबादी का पूरी तरह से टीकाकरण कर दुनिया में शीर्ष पर है। इस मामले में 66 फीसदी के साथ सउदी अरब दूसरे स्थान पर है। वैक्सीनेशन के मामले में भारत समूचे विश्व का नेतृत्व कर रहा है। भारत इस समय 156 देशों का नेतृत्व कर रहा है। भारत अब तक 156 करोड़ लोगों को टीका लगा चुका है।

खास बात ये है कि ये टीकाकरण पूरी तरह से नि:शुल्क है। वहीं भारत वैक्सीन मैत्री अभियान के तहत अब तक 79 देशों को 11.54 करोड़ वैक्सीन की खुराक दे चुका है।

इसके अलावा देश में 15-17 साल के 3.3 करोड़ बच्चों को अब तक वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। ये इस आयुवर्ग का 44 फीसदी है। इसके अलावा 10 जनवरी 2022 से भारत सरकार ने हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए बूस्टरडोज की शुरुआत की गई है। इसके तहत केवल 5 दिन में ही 28 लाख से अधिक बूस्टर डोज दिए गए हैं। साथ ही इसी ताऱीख से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त और 60 साल से अधिक उम्र के 9 लाख लोगों को 5 दिन में एहतियात के तौर पर बूस्टर डोज दिए गए।

घर-घर टीकाकरण अभियान से बढ़ा वैक्सीन प्रतिशत

भारत सरकार ने 3 नवंबर 2021 को घर-घर जाकर टीके लगाने का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया था, जिसके तहत फर्स्ट डोज लेने वालों का वैक्सीनेशन कवरेज 12 फीसदी बढ़ा था। जबकि, 29 फीसदी लोगों ने सेकंड डोज लगवाई।

वहीं टीकाकरण के दौरान लैंगिग समानता का भी ख्याल रखा गया। इसमें 49 फीसदी महिलाएँ औऱ 51 फीसदी पुरुषों ने टीके लगवाए हैं। वैक्सीन लगवाने वालों में 18-44 आयुवर्ग के 93 करोड़ लोग हैं, 45-60 साल के 37 करोड़, 60+ वाले 23 करोड़ और 15-17 साल के 3 करोड़ लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं।

इसके अलावा वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों की क्षमता देखें तो सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (कोविशील्ड) एक महीने में 25 करोड़ डोज तैयार कर रही है। इसी तरह से भारत बायोटेक (कोवैक्सिन) 6 करोड़, जायकोव डी (जायडस कैडिला) एक करोड़, कार्बेवैक्स (बायो ई) 6 करोड़, कोवावैक्स (सीरम ) 10 करोड़ और जॉनसन बायो 5 करोड़ डोज तैयार कर रहा है। देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार को इस तरीके से समझा जा सकता है कि पहले 85 दिन में 10 करोड़ लोगों को टीके लगाए गए थे। जबकि अंतिम 14 दिनों में ही 10 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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