Tuesday, July 27, 2021
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शाहीन बाग़ में फेंका गया पेट्रोल बम, जनता कर्फ्यू से ध्यान खींचने की साजिश बता रहे लोग

कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने आगाह किया है कि कहीं भी भीड़ न जुटाएँ लेकिन शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने पूरी दिल्ली को ख़तरे में डाल रखा है। तबरेज नामक प्रदर्शनकारी कोरोना वायरस का शिकार भी हो गया। उसकी बहन को भी कोरोना हो गया था, जो सऊदी से इस्लामी तीर्थयात्रा कर के लौटी थी।

शाहीन बाग़ के लोग रविवार (मार्च 22, 2020) को भी धरने पर बैठे हुए हैं, जब पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ने के लिए जनता कर्फ्यू का पालन करने में लगा हुआ है। अब उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन स्थल पर किसी ने पेट्रोल बम फेंक कर मारा है। दिल्ली के हालिया हिन्दू-विरोधी दंगों में देखा गया था कि दंगाई मुस्लिम भीड़ ने पेट्रोल बम का खतरनाक रूप से इस्तेमाल किया था और कई हिन्दुओं को निशाना बनाया गया था। अभी तक साफ़ नहीं है कि शाहीन बाग़ में पेट्रोल बम किसने फेंका।

तस्वीरों में देखा जा सकता है कि शाहीन बाग़ एंटी-सीएए प्रदर्शन स्थल के नजदीक आग लगी हुई है और लोग उसे बुझाने में लगे हुए हैं। एएनआई की ट्वीट के अनुसार, ये घटना रविवार की सुबह हुई है। सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई है कि हो सकता है कि शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने जनता कर्फ्यू से ध्यान खींचने के लिए ऐसा किया हो। हालाँकि, इस सम्बन्ध में अभी तक कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है।

कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने आगाह किया है कि कहीं भी भीड़ न जुटाएँ लेकिन शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने पूरी दिल्ली को ख़तरे में डाल रखा है। तबरेज नामक प्रदर्शनकारी कोरोना वायरस का शिकार भी हो गया। उसकी बहन को भी कोरोना हो गया था, जो सऊदी से इस्लामी तीर्थयात्रा कर के लौटी थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शाहीन बाग़ में कोरोना के ख़तरों से जुड़े सवालों को टाल दिया। कोरोना को लेकर जिस तरह से सोशल मीडिया पर विज्ञान और डॉक्टरों की सलाह को धता बताते हुए मजहबी विडियो शेयर किए जा रहे हैं, इससे लगता नहीं है कि ये समाज इस समस्या के प्रति गंभीर है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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