Sunday, October 17, 2021
Homeदेश-समाज'पिंक बूथ' मतदान केंद्रों पर 'नारी शक्ति': बड़ी संख्या में मुस्लिम महिला वोटरों को...

‘पिंक बूथ’ मतदान केंद्रों पर ‘नारी शक्ति’: बड़ी संख्या में मुस्लिम महिला वोटरों को जोड़ने की पहल

बड़ी संख्या में बुर्के में महिलाएँ वोट डालने के लिए आईं, जहाँ फूल देकर उनका स्वागत किया गया। मगर, व्यक्तिगत सशक्तिकरण से ज्यादा ये "नारी शक्ति" का बड़ा सामाजिक संदेश है, जो समाज को दिया गया है।

राजधानी दिल्ली में आज (मई 12, 2019) मतदान के दौरान 17 मतदान केंद्रों पर ‘नारी शक्ति’ साफ तौर पर देखने को मिला। इन 17 मतदान केंद्रों को ऐसे बनाया गया था, जिसमें सिर्फ महिला स्टाफ ही थीं। ये महिला मतदान केंद्र दिल्ली की सभी सातों लोकसभा सीटों पर बनाए गए, जिनमें पीठासीन अधिकारी से लेकर अन्य स्टाफ तक सिर्फ महिलाएँ ही थीं। इन मतदान केंद्रों पर महिला वोटर खासकर, मुस्लिम महिला वोटरों की संख्या काफी रही।

दिलचस्प बात ये है कि दिल्ली की सात में से चार जिला निर्वाचन एवं रिटर्निंग ऑफिसर भी महिलाएँ ही हैं। वो इस तरह के सकारात्मक पहल के प्रभाव को देखकर खासी उत्साहित हैं। चांँदनी चौक लोकसभा सीट की रिटर्निंग ऑफिसर तन्वी गर्ग ने कहा कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने महिला मतदान केंद्र की कल्पना की थी और इसका मकसद महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था, जो कि कारगर साबित हुआ।

तन्वी गर्ग ने बताया कि उन्होंने ऐसे दो मतदान केंद्र बनवाए। एक मटिया महल विधानसभा में और दूसरा मॉडल टाउन विधानसभा में। सभी मतदान कर्मियों ने काफी मेहनत की और सभी महिलाएँ एक अखिल महिला टीम का हिस्सा बनकर काफी खुश हैं। महिला मतदाता भी इससे काफी खुश थीं। बता दें कि 17 मतदान केंद्रों में से 10 पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में, दो चाँदनी चौक और उत्तर पूर्वी दिल्ली में बनाए गए तो वहीं पश्चिम दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली और उत्तर पश्चिम दिल्ली निर्वाचन क्षेत्रों में एक-एक महिला मतदान केंद्र बनाया गया।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली की रिटर्निंग अधिकारी शशि कौशल ने कहा कि यह पहल बहुत कामयाब रही। कौशल ने बताया कि उन्होंने मुस्लिम आबादी वाले इलाके के जीनत महल स्कूल में गुलाबी मतदान केंद्र बनाया। सुबह बड़ी संख्या में बुर्के में महिलाएँ वोट डालने के लिए आईं, जहाँ फूल देकर उनका स्वागत किया गया। मगर, व्यक्तिगत सशक्तिकरण से ज्यादा ये “नारी शक्ति” का बड़ा सामाजिक संदेश है, जो समाज को दिया गया है।

इसके साथ ही कौशल ने बताया कि उत्तर पूर्वी जिले में एक मतदान केंद्र में सभी स्टाफ दिव्यांग हैं, जबकि इसी जिले के ताहिरपुर के लेप्रॉसी होम कॉम्प्लेक्स में एक मतदान केंद्र सिर्फ दिव्यांगों के लिए है। तन्वी गर्ग और शिव कौशल के अलावा नई दिल्ली की रिटर्निंग ऑफिसर पूजा जोशी और दक्षिणी दिल्ली की रिटर्निंग ऑफिसर निधि श्रीवास्तव भी महिला ही हैं। राजधानी में 1.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 78,73,022 पुरुष और 64,43,431 महिलाएँ एवं 669 थर्ड जेंडर हैं। ये मतदाता 164 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे, जिनमें 18 महिला प्रत्याशी शामिल हैं।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘और गिरफ़्तारी की बात मत करो, वरना सरेंडर करने वाले साथियों को भी छुड़ा लेंगे’: निहंगों की पुलिस को धमकी, दलित लखबीर को बताया...

दलित लखबीर की हत्या पर निहंग बाबा राजा राम सिंह ने कहा कि हमारे साथियों को मजबूरन सज़ा देनी पड़ी, क्योंकि किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।

CPI(M) सरकार ने महादेव मंदिर पर जमाया कब्ज़ा, ताला तोड़ घुसी पुलिस: केरल में हिन्दुओं का प्रदर्शन, कइयों ने की आत्मदाह की कोशिश

श्रद्धालुओं के भारी विरोध के बावजूद केरल की CPI(M) सरकार ने कन्नूर में स्थित मत्तनूर महादेव मंदिर का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,325FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe