Monday, January 18, 2021
Home देश-समाज 9वीं सदी के चोल राजाओं से IAS अधिकारी ने ली प्रेरणा, 2020 में बदल...

9वीं सदी के चोल राजाओं से IAS अधिकारी ने ली प्रेरणा, 2020 में बदल दी पानी को तरस रहे एक जिले की सूरत

विक्रांत राजा को यह सब करने की प्रेरणा 9वीं शताब्दी के चोल राजवंश से मिली। बकौल राजा, उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि स्कूल के समय इतिहास के जिस हिस्से ने उन्हें बेहद प्रभावित किया था उसे जिलाधिकारी के तौर पर अमल में लाने का मौका मिलेगा।

हर साल देश के कई राज्य सूखे की चपेट में आते हैं। जलस्तर लगातार नीचे गिरता चला जा रहा है। इसके पीछे के कारण नए नहीं हैं। जल संचयन के परंपरागत तरीकों से दूरी इसका एक प्रमुख कारण है। लेकिन, अब एक बार फिर सरकारें उन्हीं परंपराओं की ओर लौटने को मजबूर हैं, जिन्हें विकास के नाम पर पीछे धकेल दिया गया था।

केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी के कराईकल ज़िले को पिछले साल बारिश की कमी और कावेरी नदी से पानी की आपूर्ति न मिलने के कारण सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया था। सूखे के कारण यहाँ के लोग बेहद निराश थे। जिले में सूखे से परेशान किसान अपनी जमीन का केवल पाँचवां हिस्सा ही खेती के लिए प्रयोग करते थे। एक बाल्टी पानी के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता था। अत्यधिक दोहन के कारण भू जलस्तर 200 से 300 फीट नीचे चला गया था।

हालात कुछ ऐसे थे कि लोग गाँव छोड़कर दूर शहरों में जाने लगे। जो लोग गाँव में रह गए वह बद से बदतर ज़िंदगी जीने को मजबूर थे। ऐसे समय में विक्रांत राजा जिलाधिकारी बन कराईकल आते हैं। सूखे की मार झेल रहे लोगों की समस्याओं को दूर करना राजा की असली परीक्षा थी। राजा ने बिना देरी किए लोगों की प्यास बुझाने की एक योजना बनाई।

29 वर्षीय विक्रांत राजा ने द बेटर इंडिया से बातचीत में कहा, “तमिलनाडु का मूल निवासी होने के नाते, मैंने
कराईकल जैसी जगहों के बारे में पर्याप्त किस्से सुने थे। मुझे अपनी कृषि गतिविधियों के लिए ‘द राइस बाउल’ कहकर बुलाया जाता था। मॉनसून और कावेरी नदी पर निर्भरता के कारण सूखे ने कराईकल की कमर तोड़ दी थी। इसके बाद प्रदूषित जल निकायों और अतिक्रमणों की समस्या पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता थी।”

योजना के मुताबिक राजा ने ‘नाम नीर ‘(हमारा जल) नाम से एक परियोजना की शुरुआत की। योजना को नाम के अनुरूप स्थानीय लोगों, शैक्षणिक संस्थानों, मंदिर अधिकारियों, कॉरपोरेट्स और सरकारी अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों से लागू किया गया। विक्रांत राजा उपदेश की बजाय जमीनी कार्य पर यकीन करते हैं। तालाब पुनरुद्धार के लिए सरकारी अधिकारियों को सामाजिक जिम्मेदारी सौंपी गई। राजा और उनकी टीम ने इसकी शुरूआत कराईकल के प्रसिद्ध मंदिर, थिरुनलारु से जुड़े तालाब से की। शुरुआत भी कुछ ऐसे कि तीन हफ्तों से भी कम समय में उनके पास एक तालाब था। जैसा वह चाहते थे।

राजा बताते है कि पहली सफलता के बाद हम लोक निर्माण और आम जनता जैसे अन्य विभागों के अधिकारियों का ध्यान अपनी कार्यों की ओर आकर्षित करने में कामयाब रहे। यह सब तब और तेज हुआ कि जब सरकारी अधिकारियों द्वारा करीब 35 तालाबों को पूरी तरह से व्यवस्थित कर दिया गया। इसके बाद तो राजा ने एक महीने के लिए ज़िले में जागरूकता अभियान चलाया। राजा ने इस अभियान से जुड़ने के लिए लोगों को स्वयंसेवक बनाने का अनुरोध किया।

वहीं सरकारी तंत्र से भी अभियान को कुछ इस तरह से मदद की गई कि मनरेगा योजना के तहत प्रत्येक गाँव को एक तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए कहा गया। यह इतना सफल रहा कि इस अभियान से 85 तालाब का
पुनरुद्धार हुआ। अधिकांश तालाब मंदिरों के किनारे होते हैं तो उनके अधिकारियों से उसकी सफाई कराने को कहा गया। इससे करीब 30 तालाबों का पुनरुद्धार हुआ। इसके लिए मंदिर समितियों ने अपने स्तर पर मंदिर के धन का प्रयोग किया।

इसके अलावा, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के जरिए 20 तालाबों को प्रमुख नहर से जोड़ा गया। इससे कावेरी नदी से कृषि क्षेत्रों तक पानी का प्रवाह सुलभ हुआ। सबसे अच्छी बात यह कि ज्यादातर मामलों में लोगों और संगठनों ने पैसा न देकर मुफ्त सेवाओं या सामग्री की पेशकश की। इस अभियान को लोगों तक पहुँचाने के लिए प्रशासन की ओर से एक अपील की गई। इसमें कहा गया कि लोग अपने पसंदीदा अभिनेताओं या परिवार या दोस्तों के जन्मदिन के अवसर पर तालाब की सफाई करें। इस अभियान से छात्र बड़ी संख्या में जुड़े और यह बेहद सफल रहा। कुल मिलाकर इस अभियान के तहत 450 प्रदूषित क्षेत्रों और पूरी तरह से सूख चुके 178 जल स्रोतों को तीन माह के अंदर पुनर्जीवित कर दिया गया।

इतनी ही नहींं इसके बाद जल केंद्रों से जुड़े क्षेत्रों का सौन्दर्यीकरण करने के लिए सभी लोगों ने करीब 25,000 पौधे लगाए। इस अभियान का असर कुछ इस तरह हुआ कि पोवम नामक एक छोटे से गाँव में किसानों ने 15 साल बाद कृषि कार्य फिर से शुरू कर दिया।

विक्रांत राजा को यह सब करने की प्रेरणा 9वीं शताब्दी के चोल राजवंश से मिली। बकौल राजा, उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि स्कूल के समय इतिहास के जिस हिस्से ने उन्हें बेहद प्रभावित किया था उसे जिलाधिकारी के तौर पर अमल में लाने का मौका मिलेगा।

आपको बता दें कि एक समय था जब चोल वंश के तहत 400 से अधिक जलाशयों के साथ कराईकल जिला फलता-फूलता था। बाढ़ प्रबंधन के कारण कावेरी के पानी को कृषि क्षेत्रों में बहने से रोक दिया गया था। इसके चलते चोल शासकों के अधीन इंजीनियरों ने वर्षा जल को संरक्षित करने वाले चैनलों और बंडों का एक नेटवर्क बनाया, जिसके माध्यम से प्रचुर मात्रा में उपयोग के लिए पानी सुनिश्चित किया गया।

डिप्टी कलेक्टर (आपदा प्रबंधन) एस. भास्करण बताते हैं कि जब लोग तालाब पर निर्भर थे, तो उन्होंने इसकी देखभाल की। जब कुएँ पर आए, तो वे तालाबों को भूल गए। जब हैंडपंप आया तो कुएँ उपेक्षित हो गए। जब पाइप से पानी की आपूर्ति शुरू हुई तो हैंड पंपों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। जिले में लगातार भूजल स्तर का गिरना जल स्त्रोतों की उपेक्षा का ही परिणाम है।

इस सफल अभियान पर डिप्टी कलेक्टर (राजस्व) एस प्रवेश कहते हैं कि पर्यावरण की रक्षा करने के लिए सार्वजनिक भागीदारी सबसे बड़ी कुंजी है। हमें ग्रामीणों को यह समझाने की आवश्यकता है कि ये संसाधन उनके अपने हैं। ‘नाम नीर’ ने लोगों को यह संदेश देने में पूरी सफलता प्राप्त की। केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए विक्रांत राजा ने बताया कि 2018-2019 के बीच कराईकल के भूजल स्तर में 10 फीट की वृद्धि हुई है।

करीब तीन साल तक इस जिले को देने के बाद बीत दिनों राजा को मुख्यमंत्री वी नारायणसामी के सचिव के रूप में तैनाती मिली है। उनकी शुरू की गई परियोजना का दूसरा चरण इस साल मॉनसून के बाद शुरू होगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पाकिस्तानी नैरेटिव के लिए वाड्रा कॉन्ग्रेस और एंटी-रिपब्लिक ने की थी बैटिंग, देशहित से किया था खिलवाड़: अर्णब

अर्णब गोस्वामी ने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद बालाकोट वाली जवाबी कार्रवाई का इन्तजार पूरे भारत को था और सभी लोग जानते थे कि केंद्र सरकार कुछ 'बड़ा' कदम उठाएगी।

26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली होगी या नहीं – पुलिस तय करेगी: SC ने कहा – ‘कानून-सम्मत कार्रवाई के लिए स्वतंत्र’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसे दिल्ली की सीमा के भीतर रैली निकालने की अनुमति देनी है, किसे नहीं या कितने लोग आएँगे - ये सब कुछ पुलिस तय करेगी।

‘कॉन्ग्रेस से ₹10 करोड़ लेकर किसान नेता ने की खट्टर सरकार गिराने की डील, टिकट भी माँगा’: संयुक्त मोर्चा की बैठक में हंगामा

भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी पर आंदोलन के नाम पर एक कॉन्ग्रेस नेता से 10 करोड़ रुपए लेने के आरोप लगे हैं।

योगी सरकार का किसानों के लिए काम: खरीदा लक्ष्य से ज्यादा धान, गन्ना-गेहूँ-धान का किया रिकॉर्ड भुगतान

योगी सरकार के सामने 55 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य था। लेकिन उन्होंने 60 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद कर रिकार्ड कायम किया।

राम मंदिर के लिए डोनेशन माँग रहे हिन्दू कार्यकर्ताओं पर हमला: घेर कर लगाई आग, बचाने आई गुजरात पुलिस पर भी पत्थरबाजी

यह मामला गुजरात के कच्छ का है, जहाँ गाँधीधाम के किदाना गाँव में राम मंदिर डोनेशन रैली को लेकर दो समुदायों के बीच संघर्ष हो गया।

‘1 इंच भी नहीं देंगे’: CM उद्धव के ‘कर्नाटक का क्षेत्र मिलाएँगे महाराष्ट्र में’ ऐलान पर भड़के कन्नड़ नेता और लोग

सीएम उद्धव ने कहा था कि वो कर्नाटक के उन क्षेत्रों को महाराष्ट्र में मिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहाँ मराठी भाषी रहते हैं। भड़के कन्नड़ नेता।

प्रचलित ख़बरें

प्राइवेट वीडियो, किसी और से शादी तक नहीं करने दी… सदमे से माँ की मौत: महाराष्ट्र के मंत्री पर गंभीर आरोप

“धनंजय मुंडे की वजह से मेरी ज़िंदगी और करियर दोनों बर्बाद हो गए। उसने मुझे किसी और से शादी तक नहीं करने दी। जब मेरी माँ को..."

शिवलिंग पर कंडोम: अभिनेत्री सायानी घोष को नेटिजन्स ने लताड़ा, ‘अकाउंट हैक’ थ्योरी का कर दिया पर्दाफाश

अभिनेत्री सायानी घोष ने एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें एक महिला पवित्र हिंदू प्रतीक शिवलिंग के ऊपर कंडोम डालते हुए दिख रही थी।

‘नंगा कर परेड कराऊँगा… ऋचा चड्ढा की जुबान काटने वाले को ₹2 करोड़’: भीम सेना का ऐलान, भड़कीं स्वरा भास्कर

'भीम सेना' ने 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को दलित-विरोधी बताते हुए ऋचा चड्ढा की जुबान काट लेने की धमकी दी। स्वरा भास्कर ने फिल्म का समर्थन किया।

‘अगर तलोजा वापस गए तो मुझे मार डालेंगे, अर्नब का नाम लेने तक वे कर रहे हैं किसी को टॉर्चर के लिए भुगतान’: पूर्व...

पत्नी समरजनी कहती हैं कि पार्थो ने पुकारा, "मुझे छोड़कर मत जाओ... अगर वे मुझे तलोजा जेल वापस ले जाते हैं, तो वे मुझे मार डालेंगे। वे कहेंगे कि सब कुछ ठीक है और मुझे वापस ले जाएँगे और मार डालेंगे।”

‘मैं सभी को मार दूँगा, अल्लाहु अकबर’: जर्मन एयरपोर्ट पर मचाई अफरातफरी

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर मास्क न पहनने की वजह से टोके जाने पर एक शख्स ने 'अल्लाहु अकबर' का नारा लगाते हुए जान से मारने की धमकी दी।

‘भूखमरी वाले देश में राम मंदिर 10 साल बाद नहीं बन सकता?’: अक्षय पर पिल पड़े लिबरल्स

आनंद कोयारी नामक यूजर ने उन्हें अस्पतालों और स्कूलों के लिए चंदा इकट्ठा करने की सलाह दे दी और दावा किया कि कोरोना काल में एक भी मंदिर काम नहीं आया।

‘तांडव’ से हटाएँ भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य: BSP सुप्रीमो मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने हिंदूफोबिक कंटेंट को लेकर विवादों में आई 'तांडव' के आपत्तिजनक दृश्य हटाने की माँग की है।

पाकिस्तानी नैरेटिव के लिए वाड्रा कॉन्ग्रेस और एंटी-रिपब्लिक ने की थी बैटिंग, देशहित से किया था खिलवाड़: अर्णब

अर्णब गोस्वामी ने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद बालाकोट वाली जवाबी कार्रवाई का इन्तजार पूरे भारत को था और सभी लोग जानते थे कि केंद्र सरकार कुछ 'बड़ा' कदम उठाएगी।

सोनिया गाँधी ने किया था वादा, लेकिन पार्टी में चुनाव का अब तक कुछ पता नहीं: कपिल सिब्बल

कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव को लेकर पार्टी नेताओं द्वारा लगातार आवाज उठा जा रहा। नेतृत्व और बदलाव की माँग को लेकर कपिल सिब्बल ने...

26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली होगी या नहीं – पुलिस तय करेगी: SC ने कहा – ‘कानून-सम्मत कार्रवाई के लिए स्वतंत्र’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसे दिल्ली की सीमा के भीतर रैली निकालने की अनुमति देनी है, किसे नहीं या कितने लोग आएँगे - ये सब कुछ पुलिस तय करेगी।

‘कॉन्ग्रेस से ₹10 करोड़ लेकर किसान नेता ने की खट्टर सरकार गिराने की डील, टिकट भी माँगा’: संयुक्त मोर्चा की बैठक में हंगामा

भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी पर आंदोलन के नाम पर एक कॉन्ग्रेस नेता से 10 करोड़ रुपए लेने के आरोप लगे हैं।

‘नंगा कर परेड कराऊँगा… ऋचा चड्ढा की जुबान काटने वाले को ₹2 करोड़’: भीम सेना का ऐलान, भड़कीं स्वरा भास्कर

'भीम सेना' ने 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को दलित-विरोधी बताते हुए ऋचा चड्ढा की जुबान काट लेने की धमकी दी। स्वरा भास्कर ने फिल्म का समर्थन किया।

योगी सरकार का किसानों के लिए काम: खरीदा लक्ष्य से ज्यादा धान, गन्ना-गेहूँ-धान का किया रिकॉर्ड भुगतान

योगी सरकार के सामने 55 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य था। लेकिन उन्होंने 60 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद कर रिकार्ड कायम किया।

Pak को तोड़ कर सिंधूदेश बनाने की माँग, PM मोदी की फोटो के साथ हजारों-लाखों पाकिस्तानियों ने निकाली रैली

सिंध प्रांत के सन्न शहर में हजारों प्रर्दशनकारी पाकिस्तान से आज़ादी की माँग करते हुए सड़क पर उतरे। उनके हाथों में पीएम मोदी के पोस्टर्स भी थे।

राम मंदिर के लिए डोनेशन माँग रहे हिन्दू कार्यकर्ताओं पर हमला: घेर कर लगाई आग, बचाने आई गुजरात पुलिस पर भी पत्थरबाजी

यह मामला गुजरात के कच्छ का है, जहाँ गाँधीधाम के किदाना गाँव में राम मंदिर डोनेशन रैली को लेकर दो समुदायों के बीच संघर्ष हो गया।

‘1 इंच भी नहीं देंगे’: CM उद्धव के ‘कर्नाटक का क्षेत्र मिलाएँगे महाराष्ट्र में’ ऐलान पर भड़के कन्नड़ नेता और लोग

सीएम उद्धव ने कहा था कि वो कर्नाटक के उन क्षेत्रों को महाराष्ट्र में मिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहाँ मराठी भाषी रहते हैं। भड़के कन्नड़ नेता।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
382,000SubscribersSubscribe