Wednesday, June 26, 2024
Homeदेश-समाजअलवर में मंदिर गिराने के 3 किरदार, SDM-EO और कॉन्ग्रेस MLA की भूमिका पर...

अलवर में मंदिर गिराने के 3 किरदार, SDM-EO और कॉन्ग्रेस MLA की भूमिका पर उठे सवाल: महंत प्रकाश दास और ब्रज विकास परिषद ने दर्ज कराई शिकायत

"सिर्फ एक घंटे पहले हमें बताया गया कि अपने भगवान को समेट लो। हम इतने समय में कैसे कर पाते। अचानक ही मशीनों से शिवाला को कई टुकड़ों में तोड़ दिया गया।"

राजस्थान के अलवर जिले (Alwar in Rajasthan) के राजगढ़ में वर्षों पुराने हिंदू मंदिर को बुलडोजर से जमींदोज करने को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी है। इस बीच पुलिस को दो शिकायतें दी गई है। इनमें स्थानीय अधिकारियों और सत्ताधारी दल कॉन्ग्रेस के विधायक की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। एक शिकायत महंत प्रकाश दास ने और दूसरी शिकायत ब्रज विकास परिषद के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने दी है।

महंत प्रकाश दास की शिकायत में 2 नाम हैं। इनमें से एक राजगढ़ SDM केशव कुमार मीणा हैं और दूसरे स्थानीय नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) बनवारी लाल मीणा हैं। शिकायत में धार्मिक भावनाओं को आहत करने और अधिकारियों द्वारा मंदिर परिसर में जूते पहनकर घुसने का आरोप लगाया है। साथ ही मूर्तियों को ड्रिल मशीन और हथौड़े से भी तोड़ने की बात कही गई है।

महंत प्रकाश दास ने एसडीओ और ईओ को किया है आरोपित

दूसरी शिकायत में 3 आरोपित

ब्रज विकास परिषद की शिकायत में तीन नाम हैं। राजगढ़ SDM केशव कुमार मीणा और EO बनवारी लाल मीणा के अलावा इसमें कॉन्ग्रेस के स्थानीय विधायक जौहरी लाल मीणा पर भी आरोप लगाया गया है। इसके मुताबिक, “SDM, EO और विधायक ने मिलकर हिन्दू धर्म की आस्थाओं के खिलाफ साजिश रची। इसी साजिश के तहत 17 अप्रैल 2022 (रविवार) को 3 मंदिरो को ध्वस्त कर दिया गया। मंदिर की मूर्तियों को खंडित कर दिया गया।”

शिकायत में कहा गया है कि हिंदुओं की आस्था पर बुलडोजर और JCB चलाई गई। मूर्तियों को नाले में फेंक दिया गया। इसे दंगा-फसाद करवाने की साजिश करार दिया गया है। इसमें कहा गया है, “कार्रवाई करने वालों ने जूते चप्पल पहन रखे थे। उन पर विनती कर रहे लोगों की फरियाद का कोई असर नहीं पड़ा।” शिकायत में मंदिर फिर से बनवाने की माँग की गई है।

ब्रज विकास परिषद की ओर से की गई शिकायत की कॉपी

कॉन्ग्रेस विधायक ही मुख्य जिम्मेदार: शिकायतकर्ता

बृज विकास परिषद के अध्यक्ष और शिकायतकर्ता पंकज गुप्ता ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया, “मंदिर के पुजारी बेहद डरे हुए थे। कोई शिकायत करने को सामने ही नहीं आ रहा था। ख़ामोशी देख कर हम लोगों ने शिकायत करने का फैसला किया। हमारी शिकायत पर अभी तक FIR कॉपी नहीं दी गई है। अभी तक किसी भी दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस घटना के मुख्य जिम्मेदार कॉन्ग्रेस विधायक जौहरी मीणा हैं। उनका और उनके बेटे का आपराधिक इतिहास बहुत बुरा है।”

भगवान की मूर्ति बचाने की माँग पर SHO ने मारे थप्पड़: मंदिर भूस्वामी

ऑपइंडिया ने तोड़े गए मंदिर के भूस्वामी विजय से बात की। उन्होने बताया, “सिर्फ एक घंटे पहले हमें बताया गया कि अपने भगवान को समेट लो। हम इतने समय में कैसे कर पाते। अचानक ही मशीनों से शिवाला को कई टुकड़ों में तोड़ दिया गया। हमने स्थानीय SHO विनोद सामरिया से ऐसा न करने के लिए कहा तो उन्होंने मेरे पिता को 2 थप्पड़ मार कर जेल में डालने की धमकी दी। हम जैसे-तैसे उन्हें बचा पाए। हमारा मंदिर 200 साल से ज्यादा पुराना था। वह इलाके में ‘बावड़ी वालों का मंदिर’ नाम से प्रसिद्ध है। हमारी माँग है कि देवताओं की मूर्तियों को तोड़ने वाले अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।”

भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने शनिवार (23 अप्रैल 2022) को प्रभावित इलाके का दौरा कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की। उन्होंने ऑपइंडिया को बताया, “कॉन्ग्रेस हम पर मंदिर गिराने का आरोप लगा रही है, जिसे भारत में कोई भी व्यक्ति स्वीकार नहीं करेगा। भाजपा मंदिरों और संस्कृति की संरक्षक है। मंदिरों से विरोध कॉन्ग्रेस का है। इनके मुखिया राहुल गाँधी बुलडोजर को संविधान के विरुद्ध बताते हैं, लेकिन खुद उनकी पार्टी की सरकार में मंदिरों पर बुलडोजर चलवाया जा रहा है। राजगढ़ में मंदिर तोड़े जाने के मुख्य जिम्मेदार यहाँ के कॉन्ग्रेस पार्टी के विधायक हैं। हमारे प्रयासों का फल है कि मंदिर को फिर से बनाए जाने की बात कही जा रही है।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बड़ी संख्या में OBC ने दलितों से किया भेदभाव’: जिस वकील के दिमाग की उपज है राहुल गाँधी वाला ‘छोटा संविधान’, वो SC-ST आरक्षण...

अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन SC-ST आरक्षण में क्रीमीलेयर लाने के पक्ष में हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इस वर्ग का छोटा का अभिजात्य समूह जो वास्तव में पिछड़े व वंचित हैं उन तक लाभ नहीं पहुँचने दे रहा है।

क्या है भारत और बांग्लादेश के बीच का तीस्ता समझौता, क्यों अनदेखी का आरोप लगा रहीं ममता बनर्जी: जानिए केंद्र ने पश्चिम बंगाल की...

इससे पहले यूपीए सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता के पानी को लेकर लगभग सहमति बन गई थी। इसके अंतर्गत बांग्लादेश को तीस्ता का 37.5% पानी और भारत को 42.5% पानी दिसम्बर से मार्च के बीच मिलना था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -