Homeदेश-समाजराजस्थान: 2 महीने में छठे पुलिसकर्मी ने की आत्महत्या, घर की टंकी में तैरता...

राजस्थान: 2 महीने में छठे पुलिसकर्मी ने की आत्महत्या, घर की टंकी में तैरता मिला कॉन्स्टेबल का शव

ताजा मामला सीकर के डोढ थाना क्षेत्र का है। कॉन्स्टेबल योगिन्द्र सिंह का शव रविवार को पानी के टैंक में तैरता मिला। योगिन्द्र की सगाई हो चुकी थी और आने वाले समय में उनकी शादी होनी थी।

राजस्थान में पुलिसकर्मियों की आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बीते दो महीने के कम समय में 6 पुलिसकर्मी अपनी जान ले चुके हैं। ताजा मामला सीकर के डोढ थाना क्षेत्र का है। कॉन्स्टेबल योगिन्द्र सिंह का शव रविवार (अगस्त 9, 2020) को पानी के टैंक में तैरता मिला।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉन्सटेबल योगिन्द्र सिंह अपने रूम से लापता थे। इसके बाद उनका शव पानी के टैंक से मिला। डोढ थाने के एसएचओ अमित कुमार ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि कॉन्स्टेबल 6-7 महीने से मेडिकल लीव पर थे। उनका डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। रविवार को परिवार वाले उनके कमरे में गए तो वह वहाँ नहीं मिले। इसके बाद उन्हें ढूँढने की कोशिश की गई। अंत में उनका शव घर की टंकी में मिला।

लीव पर जाने से पहले मृतक की पोस्टिंग भनक्रोटा पुलिस थाने में थी। वह पिछले 6 साल से ड्यूटी में थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस फौरन घटनास्थल पर पहुँची। उन्हें अस्पताल लेकर गई, जहाँ मृत घोषित कर दिया गया।

परिजनों ने बताया कि योगिन्द्र चार भाई थे। एक भाई बीएसएफ में है जबकि वह खुद राजस्थान पुलिस में थे। परिजन कहते हैं कि योगिन्द्र की सगाई हो चुकी थी और आने वाले समय में उनकी शादी होनी थी।

गौरतलब है कि राजस्थान में पुलिसकर्मियों की मौत का सिलसिला जारी है। लगभग दो महीने के समय में 6 पुलिसकर्मी अपनी जान ले चुके हैं। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इन घटनाओं को लेकर चिंता है। क्योंकि अभी तक किसी मामले में सुसाइड का पक्का कारण नहीं मालूम चल सका है। पुलिस अलग-अलग कोणों से इन मामलों की तहकीकात कर रही है।

23 मई को सबसे पहले एसएचओ विष्णुदत्त बिश्नोई की आत्महत्या का मामला सामने आया था। उन्होंने अपने सरकारी क्वार्टर में पँखे से फाँसी का फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली थी। घटना की जानकारी होते ही पुलिस खेमे में हड़कंप मच गया था। इस मामले कॉन्ग्रेस नेता व विधायक कृष्णा पूनिया पर भी सवाल उठे थे।

26 मई को श्रीगंगानगर में गार्ड कमांडर जसविंदर सिंह ने ड्यूटी के दौरान सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। वहीं 30 मई को दौसा में हेडकॉन्सटेबल गिरिराजसिंह ने अपने क्वार्टर में फाँसी लगा ली। 31 मई को जयपुर जिला पुलिस के जवान सुरेश यादव ने पुलिस लाइन के वाटर टैंक के पास फंदे पर लटक कर जान देने की कोशिश की। हालाँकि, अन्य जवानों की नजर पड़ने के कारण सुरेश को बचा लिया गया।

इसके बाद 31 मई को ही जैसलमेर के पोकरण में को कॉन्स्टेबल मायाराम मीणा ने होटल में ख़ुदकुशी कर ली और फिर 4 जुलाई को राज्य के टोंक जिले में अदालत परिसर के अंदर कथित तौर पर फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -