Homeदेश-समाजजोधपुर में फिर चले पत्थर, 2 मई को भी हुई थी CM गहलोत के...

जोधपुर में फिर चले पत्थर, 2 मई को भी हुई थी CM गहलोत के गृह जिले में अल्लाह-हू-अकबर के नारों के साथ हिंसा: भारी पुलिस बल तैनात

दो मई को हुई हिंसा के बाद सीसीटीवी फुटेज की पड़तान से पता चला था कि यह पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था। हिंसा से पहले दंगाइयों ने मोहल्ले में की रेकी की थी। उसके बाद तलवार, सरिया, लाठी और तेजाब की बोतलें लेकर आए और हमला किया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर (Jodhpur) में फिर से सांप्रदायिक हिंसा की घटना हुई है। तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही दो मई से लागू धारा 144 को जारी रखने का फैसला किया गया है। हालाँकि पुलिस का कहना है कि यह सांप्रदायिक घटना नहीं।

रिपोर्ट के अनुसार झगड़ा झुड़ाने आए दो युवकों की पिटाई के बाद मंगलवार (7 जून 2022) शाम को तनाव पैदा हो गया है। इस दौरान जमकर पथराव हुआ। यह घटना अतिसंवेदनशील माने जाने वाली सूरसागर के रॉयल्टी के पास हुई। तनाव इतना बढ़ा गया कि पाँच थानों की पुलिस को मोर्चा सँभालना पड़ा। इस मामले में अभी तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दो युवकों के घायल होने की खबर है। फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इलाके में धारा 144 लगा दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो युवकों के बीच विवाद बाइक पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था। मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि वहाँ पर ईंट-पत्थर चलने लगे। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें मौके पर पहुँचे एक पुलिस वाले को आपस में झगड़ते युवकों को छुड़ाते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद दोनों ही समुदाय के लोग बाहर आए। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों से शांति कायम करने की अपील की है।

गौरतलब है कि इससे पहले 2 मई को (ईद के मौके पर) भी जोधपुर में अल्लाह-हू-अकबर के नारों के साथ हिंसा हुई थी। स्वतंत्रता सेनानी बिस्सा जी की प्रतिमा पर कट्टरपंथी मुस्लिम इस्लामी झंडे लगा रहे थे। इसका विरोध किए जाने के बाद हिंसा भड़क उठी थी। जोधपुर के जिन पाँच इलाकों में दंगाइयों ने उत्पात मचाया था, जब वहाँ लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया तो पता चला कि ये सब पहले से योजनाबद्ध था। सोनारो का बास मोहल्ले में एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी से पता चला था कि पहले दंगाइयों ने मोहल्ले में आकर वहाँ के हालात की रेकी की थी। उसके बाद दंगाइयों की भीड़ तलवार, सरिया, लाठी और तेजाब की बोतलें लेकर वहाँ आए और हमला किया। इस दौरान लोगों के घरों पर तेजाब भी फेंका गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -