Sunday, April 21, 2024
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‘मेरी पुलिस में खूब चलती है’ : हिस्ट्रीशीटर इकबाल ने शैलेश बन लड़की को फँसाया, असराज के साथ मिल किया गैंगरेप

राजस्थान की इस घटना में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध घेरे में है। पीड़ित पक्ष ने बताया कि जब वह घटना वाले दिन शिकायत लेकर गए थे तो किसी ने उनका केस दर्ज नहीं किया और बाद में वहीं पुलिसकर्मी जाँच टीम में शामिल हो हए।

राजस्थान के कुचामन में एक कोचिंग जाने वाली छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में पुलिस ने 2 आरोपितों को पकड़ा। इनमें एक का नाम असराज है और दूसरे का नाम इकबाल पता चला है। पुलिस ने जाँच में पाया कि लड़की से दुष्कर्म करने वाला इकबाल क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है जिसने अपनी पहचान शैलेश बता रखी थी। इस पूरे केस में राजस्थान पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। कहा जा रहा है आरोपित की पुलिस से पहचान थी। उसने पीड़िता को बताया भी हुआ था कि उसकी थाने में खूब चलती है।

9 अक्टूबर को दैनिक नवज्योति में प्रकाशित संबंधित खबर

मामले में पीड़ित पक्ष ने बताया कि उनकी बेटी सिटी में एक इंस्टिट्यूट पर पढ़ने के लिए जाने का कहकर घर से निकली। उसके बाद शाम को सूचना मिली कि वह कुचामन सिटी के  होटल के पास बेहोशी की हालत में गिरी हुई है, जब उसे घर लाया गया तो वो होश में नहीं थी। पीड़िता ने अपने घरवालों को बताया कि उसे ‘शैलेश’ अग्रवाल और असराज कार में ले गए थे और कोल्डड्रिंक में कुछ मिलाकर पिला दिया। वह होश में नहीं थी तो उसे सीट पर लिटाया गया और जब होश में आई तो उसकी हालत खराब थी। पीड़िता के घरवालों ने मामले में अपहरण और रेप का आरोप मढ़ा। साथ ही कहा कि आरोपितों ने उसकी वीडियो भी बनाई है।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित संबंधित रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस केस को दर्ज नहीं किया गया था, लेकिन बाद में इस पर कार्रवाई शुरू हुई और पीड़िता द्वारा बताए गए बिंदुओं (फोन कॉल डिटेल आदि) पर कार्रवाई करते हुए जाँच अधिकारी ने दोनों आरोपितों को पकड़ा। दोनों लड़की को पहले से जानते थे। इकबाल, शैलेश बनकर उससे फोन पर बातें कर रहा था। घटना वाले दिन दोनों लड़की के जन्मदिन के बहाने उससे मिले थे।

6 अक्टूबर को लड़की के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया गया। मुख्य आरोपित के बारे में बता दें वह स्पा चलाता था और दूसरा आरोपित डांस क्लास देता था। दोनों ने लड़की के जन्म दिन के 4 दिन बाद इस वारदात को अंजाम दिया और कुछ पुलिसकर्मियों ने मामले को दर्ज करना भी जरूरी नहीं समझा। बाद में जब गिरफ्तारी हुई तो वही पुलिसकर्मी जाँच टीम का हिस्सा बन गए जिसके कारण स्थानीय लोगों में गुस्सा भर गया और बवाल देखते हुए आरोपितों का बचाव करने वाले पुलिसवालों को सस्पेंड किया गया। 

दूसरी ओर छानबीन में पता चला कि शैलेश का नाम इकबाल है जो कि क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और पहले से कई मुकदमों में आरोपित है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनकी बेटी का फोन खो गया था। ऐसे में डांस सिखाने वाले असराज ने उसे इकबाल से बात करने को कहा और बोला कि मोबाइल ढुँढवा देगा। पीड़िता ने जब उसे संपर्क किया तो उसने कहा कि उसकी पुलिस में खूब चलती है वह मोबाइल ढुँढवा देगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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