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बलात्कार के दोषी को जज ने सुनाई 10 साल की सजा, सुनते ही कोर्ट में काट ली अपनी गर्दन

ओंकार ने सजा सुनते ही अदालत के भीतर अपनी पतलून से चाकू निकालते हुए गर्दन काट ली। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उसके खिलाफ 28 अक्तूबर 2015 को बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था।

मध्यप्रदेश के छतरपुर की जिला अदालत में मंगलवार (सितंबर 17, 2019) को एक बलात्कारी ने अपने कुकर्मों की सजा सुनने के बाद कोर्ट में जज के सामने ही अपनी गर्दन चाकू से काट ली। घटना के तुरंत बाद दोषी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहाँ उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दोषी शख्स मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना का निवासी है। उसका नाम ओंकार अहिरावर है और उसकी उम्र 32 वर्ष है। वह बीना में ही तेल रिफाइनरी में काम करता था और उसने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के माध्यम से छतरपुर की सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली एक छात्रा से दोस्ती की थी। जिसके बाद दोनों लिव-इन में रहने लगे। लेकिन कुछ दिन बाद लड़की ने अहिरावर पर रेप का आरोप लगाते हुए मामले को दर्ज करवा दिया। तब से मामले की सुनवाई मध्यप्रदेश की कोर्ट में चल रही थी।

ओंकार के वकील राजेश सक्सेना के मुताबिक छतरपुर सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने ओंकार अहिरवार पर 28 अक्तूबर 2015 को बलात्कार का मामला दर्ज किया था। बाद में उसका चालान न्यायालय में पेश हुआ था, जिसके बाद दोषी को जमानत मिल गई थी और तब से वह जमानत पर बाहर था।

वकील के अनुसार मामले में अपर सत्र के न्यायाधीश नौरिन निगम की अदालत ने फैसला सुनाते हुए ओंकार को दोषी करार दिया गया है। साथ ही उसे 5,000 का अर्थदंड भी लगाया गया। वकील की मानें तो ओंकार ने सजा सुनते ही अदालत के भीतर अपनी पतलून से चाकू निकालते हुए गर्दन काट ली। जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे ग्वालियर भेज दिया गया।

अब सवाल उठता है कि ओंकार चाकू के साथ अदालत में दाखिल कैसे हुआ? इसके जवाब छतरपुर के एसपी का कहना है कि वह जमानत पर था और सीधे कोर्ट रूम आया था। इसलिए, वह चाकू लाने में सफल रहा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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