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लाल किले के भीतर दंगाइयों का आंतक: चकनाचूर हुए काउंटर पर लगे शीशे, उखाड़ दिए गए रेलिंग व बैनर

जारी तस्वीरों में देख सकते हैं। शीशे चकनाचूर पड़े हैं। काउंटर को पलट दिया गया है। सारी चीजें तितर-बितर हैं। एजेंसी का कहना है कि ये तस्वीर टिकट काउंटर, मेटल डिटेक्टर गेट की हैं। जहाँ टूटे शीशों के अलावा लाल किले में पुलिसकर्मियों की टोपियाँ भी पड़ी हैं।

दिल्ली के लाल किले पर गणतंत्र दिवस के दिन किसान दंगाइयों ने खूब उत्पात मचाया। न केवल तिरंगे का अपमान करते हुए उन्होंने वहाँ सिख झंडा किले से फहराया बल्कि अंदर भी काफी तोड़फोड़ की। आज घटना की अगली सुबह सारे नुकसान की तस्वीरें सामने आ गई हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा जारी तस्वीरों में देख सकते हैं। शीशे चकनाचूर पड़े हैं। काउंटर को पलट दिया गया है। सारी चीजें तितर-बितर हैं। एजेंसी का कहना है कि ये तस्वीर टिकट काउंटर, मेटल डिटेक्टर गेट की हैं। जहाँ टूटे शीशों के अलावा लाल किले में पुलिसकर्मियों की टोपियाँ भी पड़ी हैं।

न्यूज 18 के अनुसार, लाल किले में घुसी भीड़ ने उपद्रव के दौरान न केवल टिकट काउंटर को पूरी तरह फोड़ा। उन्होंने इसके साथ लगे बोर्डों को भी निकाल कर फेंक दिया। वहीं एसी और रेलिंग को उखाड़कर भी नीचे कर दिया गया है।

यहाँ मालूम हो कि किसान ट्रैक्टर रैली के बाद जहाँ लाल किला को काफी हानि पहुँची है, वहीं पूरे आयोजन का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। आज सुबह तक इस हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मियों की संख्या 109 हो गई है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार ने कहा कि ट्रैक्टर रैली में पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

बता दें कि कल उपद्रवी किसानों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने रखे बैरिकेड्स को तोड़ने के साथ ही पुलिस वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। आईटीओ में कुछ प्रदर्शनकारी एक पुलिसकर्मी को निर्ममता से पीटते दिखे थे। इस बीच एक हिस्से ने उस पुलिसकर्मी को बचाया भी। दूसरी जगह ट्रैक्टर पर बैठे प्रदर्शनकारी ने पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने कोशिश की थी। आईटीओ में खड़ी सरकारी बसों में तोड़फोड़ हुई थी। घोड़े पर बैठे निहंगों ने बैरिकेडिंग को तोड़ा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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