बिहार के रोहतास जिले के सासाराम में शिक्षण संस्थान में जबरन धर्मांतरण और रेप के मामले का खुलासा हुआ है। इंद्रपुरी के सिकरिया गाँव में स्थित जेम्स इंग्लिश स्कूल और उससे जुड़े जेम्स टेलरिंग इंस्टीट्यूट में धर्मांतरण और नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण की घटना सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह खुलासा रोहतास जिला बाल कल्याण समिति की जाँच में हुआ है। समिति ने हाल ही में स्कूल परिसर की जाँच की थी और अपनी रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट भारत सरकार के गृह सचिव, डीएम समेत कई अधिकारियों को भेजी गई है और उच्चस्तरीय जाँच की सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाँच के दौरान समिति को पता चला कि जेम्स टेलरिंग इंस्टीट्यूट में गरीब परिवार के बच्चों को झांसा देकर लाया जाता था और उनका धर्मांतरण करा दिया जाता था।
मामला कैसे आया सामने?
27 अगस्त 2025 को गया जिले की एक किशोरी लापता हो गई थी। उसकी माँ ने 30 अगस्त को इंद्रपुरी थाने में FIR दर्ज कराई। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने 8 सितंबर 2025 को स्कूल परिसर में जाँच की। जाँच टीम में समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार, सदस्य ददन पांडेय, गायत्री कुमारी, इंद्रपुरी की थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी और प्रधान प्रोबेशन पदाधिकारी प्रशांत सिंह विष्ट शामिल थे।
जब समिति के लोग जेम्स टेलरिंग इंस्टीट्यूट पहुँचे तो वहाँ 7-8 बच्चियों को सिलाई सिखाई जा रही थी। जाँच के दौरान बच्चियों का नामांकन रजिस्टर, हाजिरी पंजी या अन्य कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। संस्था कब से चल रही है, किस आधार पर बच्चियों को रखा गया है इसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इस दौरान टीम ने देखा कि एक लड़की जोर-जोर से रो रही थी और दो लोग उसे खींचकर ले जा रहे थे। पूछने पर कहा गया कि उसके पेट में दर्द है। बताया गया कि वह ऐसे ही करती रहती है। इंद्रपुरी थानाध्यक्ष व समिति सदस्य गायत्री कुमारी ऊपर गई। लड़की को चुप कराकर नीचे आ गईं।
इसके बाद लड़की को पीटा जाने लगा। टीम ने उसे रेस्क्यू कर गंभीर अवस्था में इलाज के लिए भेजा, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद उसे समिति में लाया गया। महिला काउंसलर से बात करने पर लड़की ने बताया कि चार लोगों ने उसके साथ रेप किया था। मेडिकल जाँच के बाद उसे बालिका गृह भेजा गया।
आगे की कार्रवाई
9 सितंबर 2025 को समिति की सदस्य गायत्री कुमारी की निगरानी में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन और इंद्रपुरी थाना अध्यक्ष की टीम ने वहाँ से कुल सात बच्चियों को मुक्त कराया। समिति ने बताया कि इन सभी बच्चियों को बालिका गृह में शिफ्ट कर दिया गया है।
टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट में बच्चियों के बयान दर्ज हैं। उनमें से कई बच्चियों ने नामांकन फॉर्म में जो जानकारी दी थी, उससे यह संदेह हुआ कि वहाँ धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियाँ चल रही थीं। इस आधार पर समिति ने जिलाधिकारी से माँग की है कि एक उच्चस्तरीय जाँच समिति बनाई जाए और पूरे मामले की गहराई से जाँच की जाए।
सासाराम के एसपी रौशन कुमार ने भी कहा है कि डीएम स्तर से जाँच टीम का गठन किया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।


