150 MBBS छात्रों के सर मुड़वाने पर UP सरकार और MCI सख्त, लग सकता है 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना

150 MBBS छात्रों के सर मुड़वाने और परेड करते हुए चलने के मामले को 'परंपरा' बताकर डीन ने खारिज करना चाहा था जबकि सच्चाई यह है कि...

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने सैफई मेडिकल कॉलेज के कुलपति को नोटिस जारी कर MBBS छात्रों के साथ हुई रैगिंग के संबंध में 24 घंटों के भीतर जवाब माँगा है। इतना ही नहीं, एमसीआई ने उन्हें चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटों के भीतर वो जवाब नहीं दे पाते तो उन्हें 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना देना पड़ेगा। एमसीआई ने ये भी स्पष्ट किया है कि आने वाले एक साल के लिए अब वह अपने यहाँ न सीटों को बढ़ा सकते हैं और न ही कोई नया पाठ्यक्रम शुरू कर सकते हैं। इस प्रतिबंध को ‘गलत से समझौता’ करने के कारण आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस मामले में ईटावा के डीएम द्वारा रिपोर्ट जमा कराने के बाद इस संबंध में प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने मामले की जाँच के लिहाज से 3 लोगों की कमिटी बनाई है।

वहीं, यूनिवर्सिटी के रजिट्रार एससी शर्मा का कहना है कि एमसीआई के नोटिस का जवाब गुरुवार को भेज दिया गया है। उनके मुताबिक विश्वविद्यालय द्वारा की गई शुरुआती जाँच में अभी कुछ नहीं पता चला है। उन्होंने जाँच के बारे में बताते हुए कहा, “पूरी जाँच कल दोपहर तक पूरी होगी। निष्कर्ष जो भी आएगा उसे सरकार और प्रशासन को भेजा जाएगा।”

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रजिट्रार के मुताबिक उन्होंने यूनिवर्सिटी स्तर पर भी 12 सदस्यों की टीम का गठन किया है, जिसमें एक पुलिस, एक पत्रकार और एक तहसीलदार शामिल हैं। यह टीम अपनी रिपोर्ट की डिटेल 28 अगस्त तक जमा करवा देगी।

इस मामले के मद्देनजर एमसीआई ने संस्थान से साफ़ कह दिया है कि अगर उन्हें 24 घंटे के अंदर जवाब नहीं मिला तो वह प्रति छात्र एक लाख रुपए का जुर्माना संस्थान पर लगाएँगे। इसके मुताबिक 150 छात्रों का 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना संस्थान को भरना होगा। इसके अलावा एमसीआई ने ये भी जवाब तलब किया है कि अभी तक सीनियर छात्रों को एक महीने के लिए सस्पेंड क्यों नहीं किया गया?

बता दें कि बीते दिनों सैफई मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एमबीबीएस के नए छात्रों (फर्स्ट ईयर) के सिर के बाल मुंडवाकर परेड कराए जाने के मामला सामने आया था। मामला प्रकाश में उस समय आया जब ये सभी छात्र सिर झुकाए अपने कॉलेज पहुँचे। घटना का पता चलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने इस मामले को ‘परंपरा’ बताकर खारिज करना चाहा। खुद वहाँ के डीन ने कहा कि छात्रों ने अपनी मर्जी से ही सिर के बाल मुड़वाए हैं, वैसे भी ये परंपरा है जो सभी जूनियर छात्र अपनी मर्जी से अपनाते हैं। फिर भी रैगिंग जैसी कोई बात सामने आती है तो वे कार्रवाई करेंगे।

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