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अयोध्या में राम मंदिर: नसीर, शबाना सहित 100 हस्तियों ने कहा- पुनर्विचार याचिका से कौम को नुकसान

“हम इस बात से सहमति रखते हैं कि फैसला न्यायिक रूप से त्रुटिपूर्ण है, लेकिन हमारा मजबूती से मानना है कि अयोध्या विवाद को जीवित रखना भारतीय मुस्लिमों को नुकसान पहुँचाएगा और उनकी मदद नहीं करेगा।”

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आज (नवंबर 26, 2019) सुन्नी वक्फ बोर्ड की अहम बैठक है।
बोर्ड इस बात पर फैसला करेगा कि सुप्रीम कोर्ट के ​आदेशानुसार वह मस्जिद बनाने के लिए पॉंच एकड़ जमीन कबूल करेगा या नहीं। हालॉंकि फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करने की बात वह पहले ही कह चुका है।

इस अहम बैठक से पहले जानी-मानी 100 मुस्लिम हस्तियों ने एक अपील की है। इनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की ओर से रिव्यू पीटिशन नहीं दाखिल करना बेहतर होगा। उल्लेखनीय है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा ए हिंद ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का पिछले दिनों फैसला किया था।

सोमवार (नवंबर 25, 2019) को अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी समेत देश भर की 100 जानी-मानी शख्सियतों ने कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले के कुछ पक्षकारों का पुनर्विचार दायर करने से विवाद जिंदा रखेगा और यह मुस्लिम समुदाय को नुकसान पहुँचाएगा।

इसमें कहा गया है, “हम इस बात से सहमति रखते हैं कि फैसला न्यायिक रूप से त्रुटिपूर्ण है, लेकिन हमारा मजबूती से मानना है कि अयोध्या विवाद को जीवित रखना भारतीय मुस्लिमों को नुकसान पहुँचाएगा और उनकी मदद नहीं करेगा।” बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में इस्लामी स्कॉलर से लेकर म्यूजिशियन, पत्रकार, शायर, फिल्मकार और स्टूडेंट भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अपने ऐतिहासिक फैसले में राम जन्मभूमि रामलला को सौंप दी थी। वहॉं मंदिर बनाने के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने में ट्रस्ट का गठन करने के निर्देश दिए थे। साथ ही मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही कहीं और पॉंच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को कहा था।

फैसला आने से पहले मुस्लिमों पक्षों ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी निर्णय हो वह उन्हें मान्य होगा। लेकिन, फैसले के बाद शरीयत का हवाला दे अपने स्टैंड से पीछे हट गए। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय किया है।

वहीं, सुन्नी वक्फ बोर्ड पॉंच एकड़ जमीन को लेकर असमंजस में है। बोर्ड ने लोगों से सुझाव भी माँगा था कि 5 एकड़ जमीन का क्या करें। कई लोगों ने वहाँ स्कूल और कॉलेज बनवाने का सुझाव दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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