Sunday, June 23, 2024
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गैंगरेप के बाद जन्मा जो बच्चा, उसने 28 साल बाद माँ को दिलाया न्याय: नकी और गुड्डू हसन ने किया था सामूहिक बलात्कार, तब 12 साल की थी पीड़िता

महिला दोनों भाइयों और उनके परिवार की परिचित थी, जिसका उन्होंने कई बार गैंगरेप किया था। बेटे के जन्म के बाद उसे उसको छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में 27 वर्षों के बाद गैंगरेप के आरोपित को धर-दबोचा गया है। सामूहिक बलात्कार के समय पीड़िता की उम्र मात्र 12 साल थी। 28 साल बाद यूपी पुलिस ने न सिर्फ प्राथमिकी दर्ज की, बल्कि आरोपित को भी गिरफ्तार कर के जेल भेजा। नगर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने जानकारी दी कि 1994 में दो सगे भाइयों ने 12 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप किया था। उसके बाद पीड़िता ने एक बेटे को भी जन्म दिया।

जब बेटे ने अपनी माँ से पिता का नाम पूछा, तब उसे इस घटना की सच्चाई पता चली और उसने अपनी माँ को न्याय दिलाने के लिए कानून का सहारा लिया। 4 मार्च, 2021 को थाना सदर बाजार में इस मामले की FIR दर्ज की गई थी। दोनों आरोपितों में से एक गुड्डू हसन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नकी हसन फरार चल रहा है। 48 वर्षीय मोहम्मद राज़ी उर्फ़ गुड्डू हसन हैदराबाद में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि उसके भाई नकी हसन का लोकेशन ओडिशा में कहीं ट्रेस हुआ है।

पुलिस ने उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लेने का आश्वासन दिया है। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र गुप्ता ने कहा कि गिरफ्तार आरोपित ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और उसने कहा कि उसे कभी इसकी उम्मीद नहीं थी कि इतने सालों बाद ये केस फिर से खुल जाएगा। महिला दोनों भाइयों और उनके परिवार की परिचित थी, जिसका उन्होंने कई बार गैंगरेप किया था। बेटे के जन्म के बाद उसे उसको छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।

साथ ही धमकी दी गई थी कि अगर उसने FIR दर्ज कराया तो अच्छा नहीं होगा। लेकिन, फिर उसी बेटे ने बड़े होकर आरोपितों को ढूँढ निकालने के लिए प्रयास शुरू किया और कानूनी लड़ाई लड़ी। अदालत के आदेश पर FIR दर्ज हुई। शाहजहाँपुर के SSP एस आनंद ने बताया कि शिकायत पुष्ट लग रही थी, लेकिन आरोपितों के नाम-पता स्पष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि चूँकि महिला ने बचपन में काफी कुछ झेला था, इसीलिए पुलिस ने न्याय दिलाने के लिए कोशिश शुरू की।

तत्पश्चात बृहद खोजबीन के बाद पता चला कि आरोपित शहर के हद्दाफ क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने पीड़िता को पहचानने तक से इनकार कर दिया। इसके बाद जुलाई 2021 में DNA टेस्ट के लिए सैम्पल भेजा गया, जिसके परिणाम जुलाई 2022 में पॉजिटिव आए। मोहम्मद राज़ी उस लड़के का बायोलॉजिकल पिता निकला। लेकिन, तब तक दोनों भाई फरार हो चुके थे। पुलिस तलाशी में लगी। सर्विलांस टीम ने इसमें काफी मदद की। हैदराबाद के एक थर्मल पॉवर प्लांट में काम करता राज़ी फिर पकड़ा गया।

इस घटना का पता चलने के बाद पीड़िता के पति ने भी उसे छोड़ दिया था, जो गाजीपुर का रहने वाला है। गैंगरेप के बाद जो बच्चा हुआ था, उसे उधमपुर हरदोई में रहने वाले एक व्यक्ति को दे दिया गया था। महिला लखनऊ में रह रही थी। बेटे ने अपनी माँ को ढूँढ निकाला और पिता का नाम पूछने पर इस घटना की उसे जानकारी मिली। इस तरह लगभग 3 दशक बाद ये मामला खुला। नकी हसन की पुलिस को तलाश है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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