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‘शेषनाग’ ने ‘एनाकोंडा’ का तोड़ा रिकॉर्ड: इंडियन रेलवे ने पटरी पर रचा नया कीर्तिमान, देखें वीडियो

गुरुवार को ट्रेन की पटरी पर उतारे गए शेषनाग ने 6 घंटे में करीब 260 किलोमीटर के सफर को पूरा किया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुताबिक 251 वैगन के साथ 2.8 किलोमीटर लंबी 'शेषनाग' ट्रेन को नागपुर डिवीजन से कोरबा के बीच चलाया गया। यह अनोखा प्रयोग माल ढुलाई में लगने वाले समय की बचत के लिए किया गया है।

देश में जारी लॉकडाउन के बीच इंडियन रेलवे एक के बाद एक नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। इस बार इंडियन रेलवे ने ट्रेन की पटरियों पर 2.8 किलोमीटर लंबे शेषनाग को उतारकर एक नए और विशेष कीर्तिमान को अपने नाम कर लिया है। इससे पहले रेलवे ने 2 किलोमीटर लंबे एनाकोंडा को पटरियों पर उतारा था। और अब रेलवे ने पटरियों पर शेषनाग को उतारकर अपने ही बनाए रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार (02 जुलाई, 2020) को ट्रेन की पटरी पर उतारे गए शेषनाग ने 6 घंटे में करीब 260 किलोमीटर के सफर को पूरा किया। इसके लिए रेलवे को चार इंजनों का इस्तेमाल करना पड़ा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुताबिक 251 वैगन के साथ 2.8 किलोमीटर लंबी ‘शेषनाग’ ट्रेन को नागपुर डिवीजन से कोरबा के बीच चलाया गया। दरअसल, यह अनोखा प्रयोग माल ढुलाई में लगने वाले समय की बचत के लिए किया गया है।

जानकारी के मुताबिक शेषनाग ट्रेन को पटरी पर दौड़ाने के लिए इसमें 6000 हॉर्स पावर की क्षमता वाले 4 इलेक्ट्रिक इंजन लगाए गए थे।

इससे पहले बुधवार (1 जुलाई, 2020) को इंडियन रेलवे ने 2 किलोमीटर लंबी सुपर एनाकोंडा ट्रेन को पटरी पर उतारकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया था। इस ट्रेन में रेलवे ने 6000 हॉर्स पावर की क्षमता वाले 3 इलेक्ट्रिक इंजन लगाए थे। सुपर एनाकोंडा ट्रेन में 177 लोडेड वैगन थे। इस सुपर एनाकोंडा ट्रेन को ओडिशा के लाजकुरा और राउरकेला के बीच दौड़ाया गया था।

आपको बता दें कि सुपर एनाकोंडा ट्रेन में 15 हजार टन का वजन लोड किया गया था। साथ ही ट्रेन से 1 करोड़ रुपए से ज्यादा के सामान को एक जगह से दूसरे जगह पहुँचाया गया था। इसकी अधिकतम रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा रही, जिसके चलते ट्रेन ने 2:15 घंटे में अपना सफर पूरा किया था।

गौरतलब है कि बुधवार (1 जुलाई, 2020) को रेलवे ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया था। दरअसल, एक जुलाई को 24 घंटे के दौरान पूरे देश में कुल 201 पैसेंजर ट्रेनें चलीं थीं। चौंकाने वाली बात यह कि एक दौरान एक भी ट्रेन लेट नहीं हुई।

यहाँ तक कि सभी 201 ट्रेनें अपने तय समय से चलकर तय समय पर ही स्टेशन तक पहुँचीं। इंडियन रेलवे के 167 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ था कि जब किसी एक दिन के अंदर सभी ट्रेनों ने अपने टाइम के मुताबिक सफर को पूरा किया था।

बता दें कि भारतीय रेलवे ने पैसेंजर ट्रेन्स के आवागमन के संचालन के लिए प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी हेतु निवेदन जारी किया है। रूट्स के 109 पेयर्स और 151 आधुनिक ट्रेनों के संचालन के लिए ये निवेदन भारतीय रेलवे द्वारा जारी किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट से रेलवे में प्राइवेट सेक्टर से 30,000 करोड़ का निवेश आने वाला है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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