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सावन के आखिरी सोमवार को शिवभक्त मंदिर जाते हैं, न दें बकरीद पर कुर्बानी: कलीम हैदर नकवी

इससे पहले बकरीद पर कुर्बानी को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना केआर फिरंगी महली ने सभी से अपील करते हुए कहा था कि सड़कों पर जानवरों की कुर्बानी न दी जाए।

सावन का अंतिम सोमवार 12 अगस्त को है और उसी दिन बकरीद भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के शिया नेता और यूनाइटेड शिया मूवमेंट के महासचिव कलीम हैदर नकवी ने समुदाय वालों से 12 अगस्त को ईद-अल-अजहा के मौके पर कुर्बानी न देने की अपील की है। संगठन के इस पहल को शिया जामा मस्जिद के इमाम जुमा मौलाना शम्सुल हसन खाँ ने भी अपना पूरा समर्थन दिया है।

कलीम हैदर नकवी ने तमाम शिया समुदाय से अपील करते हुए कहा है कि सावन के सोमवार के आखिरी दिन बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर जाते हैं। ऐसे में लोग 12 अगस्त को जानवरों की कुर्बानी न दें और इस दिन केवल नमाज पढ़ें।

इस पर संगठन शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जब्बाद और मौलाना यासूब अब्बास से भी बातचीत कर अपील जारी करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। प्रवक्ता समर अब्बास जैदी ने बताया कि शिया मूवमेंट की ओर से अपील में कहा गया कि ईद-उल-अजहा की नमाज सोमवार को ही सभी मस्जिदों में अपने निर्धारित समय पर होगी। शिया समुदाय से मंगलवार को कुर्बानी करने की अपील की गई है।

गौरतलब है कि, इससे पहले बकरीद पर कुर्बानी को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना केआर फिरंगी महली ने सभी से अपील करते हुए कहा था कि सड़कों पर जानवरों की कुर्बानी न दी जाए। उनका कहना था कि कुर्बानी घर या मदरसे को अंदर दी जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल उन्हीं पशुओं की दी जानी चाहिए, जो कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित न हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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