Wednesday, July 17, 2024
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मंदिर में नहीं हुआ निकाह: VHP ने हिमाचल प्रदेश में हुई शादी का बताया ‘सच’, जाँच को बनाई समिति

मंदिर के मैनेजर विनय ने मंदिर में हुए निकाह में लव जिहाद के एंगल को इनकार करते हुए बताया है कि लड़का और लड़की दोनों मुस्लिम हैं। मैनेजर का कहना है कि निकाह मंदिर में नहीं बल्कि मंदिर परिसर में बने कम्युनिटी हॉल में हुई।

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में स्थित सत्य नारायण मंदिर में निकाह होने की खबर सामने आई थी। मंदिर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ट्रस्ट का है। इसलिए विहिप पर मंदिर में इस्लामिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा था। हालाँकि अब इसको लेकर विश्व हिंदू परिषद ने बयान जारी कर कहा है कि उनका इस निकाह से कोई लेना देना नहीं है। वहीं, मंदिर के मैनेजर का कहना है कि निकाह मंदिर में नहीं बल्कि मंदिर परिसर में बने कम्युनिटी हॉल में हुई।

दरअसल, मंदिर में हुए निकाह को लेकर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष लेखराज राणा ने मंगलवार (7 मार्च 2023) को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मंदिर में मुस्लिम लड़की और मुस्लिम लड़के के निकाह की खबर उन्हें मिली है। मंदिर विश्व हिंदू परिषद के ट्रस्ट का है। लेकिन इसका उपयोग स्थानीय लोगों द्वारा किया जाता है। निकाह मंदिर परिसर के सराय में हुआ है। लेखराज राणा के अनुसार निर्धारित शुल्क देकर लोग शादी समेत अन्य धार्मिक कार्यों के लिए इस सराय का उपयोग करते हैं।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि निकाह का विश्व हिंदू परिषद से कोई लेना देना नहीं है। साथ ही, विश्व हिंदू परिषद मंदिर में निकाह जैसी इस्लामिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं है। इसके अलावा विज्ञप्ति में जाँच समिती गठित कर जाँच व कार्रवाई करने की भी बात कही गई है।

इस पूरे मामले को लेकर ऑपइंडिया ने मंदिर के मैनेजर विनय शर्मा से बात की है। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि निकाह मंदिर में नहीं बल्कि मंदिर परिसर में पीछे की ओर बने कम्युनिटी हॉल में हुआ है। स्थानीय लोग इस हॉल का उपयोग शादी-विवाह से लेकर अन्य सभी तरह के धार्मिक व सामाजिक कार्यों के लिए करते हैं। चूँकि, यह मंदिर छोटे से गाँव में है, जहाँ जगह की काफी कमी रहती है। इसलिए मुस्लिम परिवार ने भी इसे किराए में लेकर इस्तेमाल किया।

मंदिर के मैनेजर विनय ने मंदिर में हुए निकाह में लव जिहाद के एंगल को इनकार करते हुए बताया है कि लड़का और लड़की दोनों मुस्लिम हैं। चूँकि लड़की की दादी हिंदू थी, इसलिए उन्होंने लड़की के पिता का नाम हिंदुओं के नाम की तरह महेंद्र सिंह मलिक रखा था।

विनय ने ऑपइंडिया को यह भी बताया है कि मंदिर परिसर में बने कम्युनिटी हॉल को किराए पर देने से पहले कई तरह की शर्तें रखी जाती हैं। इसमें सबसे बड़ी शर्त शुद्धता की होती है। इस निकाह में भी किसी तरह के मांस, मदिरा आदि का उपयोग नहीं हुआ। बल्कि शुद्ध शाकाहारी भोजन बना था। खाना बनाने वाले लोगों से लेकर बैंड वाले तक सभी हिंदू थे। विनय ने आगे कहा है कि इस निकाह में सबसे बड़ी बात यह रही कि निकाह शुरू होने से पहले बैंड वालों ने सबसे पहले हिंदू धर्म की प्रार्थना ‘ॐ जय जगदीश हरे…’ बजाई थी।

बता दें कि मंदिर परिसर में रविवार (5 मार्च 2023) को निकाह हुआ था। निकाह के वक्त मौलवी और गवाहों के अलावा वकील भी मौजूद थे। इस निकाह को लेकर दुल्हन के पिता महेंद्र सिंह मलिक ने कहा था कि मंदिर परिसर में हुए बेटी के निकाह में शहर के लोगों ने चाहे वह विश्व हिंदू परिषद के हों या फिर मंदिर ट्रस्ट के, सभी ने सकारात्मक और सक्रिय रूप से उनका सहयोग किया।

हालाँकि सोशल मीडिया पर इस निकाह की तस्वीर वायरल होने के बाद यूजर्स काफी आक्रोशित हो गए। जहाँ कुछ लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बता रहे थे, वहीं कुछ लोग इस निकाह को इस्लाम में हराम बता रहे थे। एक यूजर का कहना था, “विशुद्ध चू#यापा है ये। मंदिरों को बैंक्वेट हॉल मत बनाओ। कल को इफ्तार पार्टी देना और फिर वहीं बीफ पकाने लगना। शिमला के लोग इस मंदिर के पुजारी को पूछें कि धर्म में कहाँ ऐसे प्रावधान हैं? हाँ, ये लोग हिन्दू बनकर, हिन्दू रीति से विवाह करें तो समस्या नहीं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

विवेक मिश्र ने लिखा, “जैसे ही कॉन्ग्रेस की सरकार किसी राज्य में बनती है, ऐसी घटनाएँ प्रारंभ हो जाती हैं। क्या यह कोई साजिश है, सनातनियों के खिलाफ?”

सरगना नाम की यूजर ने हिंदू मंदिर में निकाह करने पर कहा, “ये इस्लाम में हराम है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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