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हाथरस कांड: सिद्दीक कप्पन को 5 दिन की बेल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मीडिया से दूर रहना

5 अक्टूबर को मथुरा में गिरफ्तार हुए सिद्दीक कप्पन की जमानत का उत्तर प्रदेश सरकार ने विरोध किया, लेकिन अदालत ने कहा कि अपनी माँ की मृत्यु को लेकर कोई झूठ नहीं बोलता।

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित हाथरस मामले में कथित तौर पर हिंसा भड़काने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार सिद्दीक कप्पन को सुप्रीम कोर्ट ने पाँच दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सिद्दीक कप्पन को केरल में अपनी बीमार माँ से मिलने के लिए जमानत दी है।

सिद्दीक कप्पन ने अपनी जमानत याचिका में कहा था कि उनकी माँ की हालत ठीक नहीं है और वो मौत के कगार पर है। अदालत ने कप्पन को कुछ शर्तों के साथ ही सिद्दीक कप्पन की जमानत मंजूर की है।

5 अक्टूबर को मथुरा में गिरफ्तार हुए सिद्दीक कप्पन की जमानत का उत्तर प्रदेश सरकार ने विरोध किया, लेकिन अदालत ने कहा कि अपनी माँ की मृत्यु को लेकर कोई झूठ नहीं बोलता।

रिपोर्ट्स के अनुसार, चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस सिद्दीक कप्पन को उसके घर केरल लेकर जाएगी और घर की रखवाली करेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब सिद्दीक कप्पन अपनी बीमार माँ से मुलाकात करेगा, उस समय पुलिस वहाँ पर मौजूद नहीं रहेगी। 

साथ ही, अदालत ने उन्हें मीडिया से बात ना करने और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कुछ ना कहने/लिखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि सिद्दीक कप्पन अपनी माँ, रिश्तेदार, डॉक्टर और करीबी दोस्तों के अलावा किसी और से नहीं मिलेगा।

हाथरस कांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने मथुरा से पीएफआई और उसके सहयोगी संगठन सीएफआई के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। सिद्दीक कप्पन जो कि कथित तौर पर पत्रकार भी है, इन्हीं में शामिल था। इन लोगों पर पीएफआई के इशारे पर हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश रचने का आरोप था।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में सितंबर 14, 2020 को एक मामला सामने आया था, जिसमें दावा किया गया कि आरोपितों ने कथित तौर पर युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ काट दी, जिसके बाद पीड़िता की 29 सितंबर को दिल्ली में इलाज के बाद मौत हो गई। इस घटना को लेकर जमकर बवाल हुआ और विपक्षी राजनीतिक दलों ने इस पर जमकर राजनीति की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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