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यूपी पुलिस की SIT ने 50 ‘किसानों’ को भेजा नोटिस, 11 से पूछताछ: लखीमपुर खीरी में BJP कार्यकर्ताओं को पीट-पीटकर मारने का मामला

बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या मामले की जाँच के दौरान 15 किसानों ने भी एसआईटी के सामने पेश होकर अपना बयान रिकॉर्ड कराया। जाँच टीम के एक अधिकारी ने कहा कि वो लोग दोनों एफआईआर पर जाँच कर रहे हैं।

लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को हुई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में 50 किसानों को यूपी पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगिशन टीम (SIT) ने समन किया है। इसी केस की पड़ताल में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा से जुड़े 4 लोग भी गिरफ्तार हुए हैं। इनमें सुमित जायसवाल भी हैं जिन्होंने घटना के बाद किसानों पर क्रॉस एफआईआर करवाई थी। उन्होंने मीडिया में भी बयान दिया था कि कैसे उन पर हमला हुआ और बाद में गाड़ी ने अपना कंट्रोल खोया।

याद दिला दें कि घटना की एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चली थी। जहाँ जायसवाल गाड़ी छोड़कर भागते दिख रहे थे। उन्हें देख कई लोगों ने कयास लगाए कि वो सांसद के बेटे आशीष मिश्रा हैं। लेकिन बाद में पता चला कि वो सुमित जायसवाल हैं।

पुलिस द्वारा पकड़े गए अन्य तीन आरोपितों की पहचान शिशुपाल (तीसरी एसयूवी चलाने वाले), नंदन सिंह बिष्ट और सत्य प्रकाश त्रिपाठी के तौर पर हुई है। कौशांबी जिले में स्थिति त्रिपाठी के आवास से 3 बुलेट और लाइसेंसी पिस्तौल बरामद हुई है। वह घटना वाले दिन दूसरी फॉर्च्युनर में थे।

बता दें कि जायसवाल जहाँ भाजपा कार्यकर्ता हैं और लखीमपुर के वार्ड मेंबर हैं वहीं नंदन सिंह बिष्ट अंकित दास का अकॉउंटेंट है। जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी अधिकारियों ने कहा कि 4 को उनके आवास से पकड़ा गया है। जो उस दिन घटनास्थल पर थे।

विशेष अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि चारों आरोपितों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। टीम अपनी पूछताछ कर रही है। हो सकता है अगर जरूरत पड़ी तो इनकी रिमांड कस्टडी माँगी जाए।

इस बीच 15 किसान भी एसआईटी के सामने पेश हुए थे। उनके बयान रिकॉर्ड किए गए थे। जाँच टीम के एक अधिकारी ने कहा कि वो लोग दोनों एफआईआर पर जाँच कर रहे हैं। किसानों को बुलाकर पूछताछ हुई थी और फिर उन्हें वापस भेज दिया गया था। हर किसान से उनके वकील मोहम्मद अमान की मौजूदगी में 15 मिनट बात की गई। 

वहीं भारतीय सिख संगठन के अध्यक्ष जसबीर सिंह वर्क ने कहा 15 किसानों में से सिर्फ 11 ने अपना बयान दर्ज कराया। उनसे टीम ने घटना से जुड़े सवाल किए और वही बयान दोनों एफआईआर के लिए रिकॉर्ड किए। उनसे पूछा गया कि उन्हें कैसे पता चला कि वो खतरें में हैं। उन्होंने क्या किया जब किसानों पर गाड़ी चढ़ी आदि।

उल्लेखनीय है कि 3 अक्टूबर 2021 को, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ‘किसानों’ की एक भीड़ ने भाजपा के काफिले पर पत्थर और लाठियों से हमला किया। इसके बाद हुए हंगामे के बीच प्रदर्शनकारियों के ऊपर एक वाहन दौड़ता देखा गया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया। लोगों को वाहन के अंदर से घसीटा और पीट-पीटकर मार डाला गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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