Homeदेश-समाजराजस्थान कर्जमाफी का धोखा: बैंक नोटिस से परेशान किसान ने की आत्महत्या, 2 दिन...

राजस्थान कर्जमाफी का धोखा: बैंक नोटिस से परेशान किसान ने की आत्महत्या, 2 दिन से शव लेकर धरने पर बैठे लोग

कर्जमाफी का वादा करके कॉन्ग्रेस ने तीन राज्यों में सत्ता हासिल की लेकिन वो अपने वादे को निभाने में कामयाब नहीं हो पाई। नतीजा ये है कि किसान परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के जैतसर थाना क्षेत्र में चार लाख रुपए का......

किसानों को लेकर देश में लगातार कई बड़ी-बड़ी बातें होती हैं लेकिन उन पर अमल लगभग न के बराबर ही हो पाता है। कर्जमाफी का वादा करके कॉन्ग्रेस ने तीन राज्यों में सत्ता हासिल की लेकिन वो अपने वादे को निभाने में कामयाब नहीं हो पाई। नतीजा ये है कि किसान परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के जैतसर थाना क्षेत्र में चार लाख रुपए का बैंक का कर्ज न चुका पाने और इसकी अदायगी के लिए बैंक द्वारा डाले जा रहे दबाव से परेशान होकर एक किसान ने कीटनाशक दवा का सेवन करके आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, रघुनाथपुरा का 40 वर्षीय किसान नेतराम नाथ बैंक का कर्जा न चुका पाने से मिल रहे नोटिस से काफी परेशान था। हालाँकि, बैंक प्रबंधन का कहना है कि बैंक की तरफ से किसान को कोई नोटिस नहीं दिया गया।

नेतराम नाथ की मौत से किसानों में काफी आक्रोश है। मृतक किसान के परिजन और कुछ किसान नेता किसान नेतराम का शव लेकर गुरुवार (जुलाई 4, 2019) से शमशान घाट पर धरने पर बैठ गए हैं। मौके पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और किसानों से बातचीत की। जिसका नतीजा बेअसर रहा। किसान के परिजन और किसान नेता 20 लाख रुपए के मुआवजे और बैंक की सम्पूर्ण कर्जमाफी की माँग कर रहे हैं। 

इसके साथ ही उन लोगों ने बैंक लोन चुकाने के लिए दबाव बनाने वाले बैंककर्मियों के खिलार्फ कानूनी कार्रवाई करने की भी माँग सरकार के सामने रखी है। पुलिस और प्रशासन से वार्ता बेनतीजा रहने के बाद शुक्रवार (जुलाई 5, 2019) को महापंचायत बुलाने का फैसला किया गया है, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। धरने पर बैठे लोगों ने माँग पूरी न होने पर किसान के शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की चेतावनी दी है।

गौरतलब है कि, इससे पहले राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के ठीकरी गाँव में रविवार (जून 23 2019) को 45 वर्षीय किसान सोहनलाल ने कर्जमाफी न होने के कारण जहर खाकर अपनी जान दे दी थी। सोहनलाल ने मरने से पहले एक वीडियो और दो पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि गहलोत सरकार चुनाव से पहले किए अपने वादों को पूरा करने में असफल रही और उन्हीं के कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

PM की सुरक्षा के लिए खाली कराई गई 100 एकड़ जमीन, सिर्फ़ एक मस्जिद पर क्यों मचा है बवाल?

नई दिल्ली में PM आवास के पास रेसकोर्स रोड के आसपास लगभग 100 एकड़ भूमि को खाली करवाया जा रहा है। Evacuation की इस कार्रवाई में हिंदू-मुस्लिम सभी के घर तोड़े जा रहे हैं। जिन लोगों के घर टूट रहे हैं उन्हें सरकार फ़्लैट बनाकर दे रही है।

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।
- विज्ञापन -