Monday, July 4, 2022
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‘कबाड़ रख कर कब्ज़ा रखी है सड़क, आए दिन करते हैं झगड़ा’: रेहड़ी वालों ने सुनाया जहाँगीरपुरी का हाल, कहा – धंधा-पानी ठप्प

सब्जी की दुकान लगाने वाली एक महिला ने बताया कि जिस दिन बवाल हुआ था, उस दिन उन्होंने वहीं पर सब्जी लगाई थी। उन्होंने बताया कि अचानक से जब लोग उधर से भागे तो वो भी तराजू लेकर भागीं।

जहाँगीरपुरी में हनुमान जयंती के मौके पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा के बाद इसके पीड़ित एक-एक कर अपनी व्यथा को बताने के लिए आगे आ रहे हैं। इलाके में धारा-144 लागू होने के कारण यहाँ पर रोजमर्रा की कमाई करने वाले छोटे दुकानदारों का भी काफी नुकसान हो रहा है। इसी को लेकर ऑपइंडिया ने ग्राउंड पर जाकर लोगों से बात की और उनके दर्द को जाना।

बदायूँ की रहने वाली महिला गुड्डी जहाँगीरपुरी के उसी ब्लॉक में सब्जी का ठेला लगाती हैं, जहाँ पर हनुमान जयंती के मौके पर हिंसा हुई थी। गुड्डी ने ऑपइंडिया को बताया, “धारा-144 लागू है। इसलिए पुलिसवाले अब हमें यहाँ सब्जी के ठेले नहीं लगाने दे रहे है। पुलिसवाले कहते हैं कि अगर झगड़ा बढ़ गया तो पब्लिक कहाँ जाएगी। कर वो लोग रहे हैं, लेकिन हमें परेशानी हो रही है। बीते शनिवार से हमारा धंधा ठप पड़ा हुआ है और इसके अलावा रोजी-रोटी का कोई और जरिया भी नहीं है। यहाँ तो झगड़े होते ही रहते हैं।”

एक अन्य महिला ने कहा कि ये लोग आए दिन लड़ाई झगड़े करते ही रहते हैं। इससे हमारा काफी नुकसान होता है, लेकिन क्या करें? इन लोगों से हम लोग नहीं भिड़ते, अगर ये कुछ करते हैं तो हम वहाँ से हट जाते हैं, नहीं तो हम ही पिटेंगे। महिला ने प्रशासन से माँग की कि उसे किसी और जगह सब्जी का ठेला लगाने की जगह मिल जाए। उन्होंने बताया, “ये लोग बहुत परेशान करते हैं। यहाँ जेबकतरे बहुत हैं। बैग में कोई मोबाइल लेकर भी जा रहा हो तो ये उसे निकाल लेते हैं।”

एटा की रहने वाली एक महिला ने कहा कि बंगाली वाली गली में बंगालियों ने एक तरफ की सड़क को कब्जा रखा है। उन्होंने सड़कों पर कबाड़ रखा हुआ है। बंगालियों की तरफ भी एक बाजार लगता है। वो लोग उधर ही सब्जी लेने जाते हैं। हम लोग उधर नहीं जाते।

सब्जी की दुकान लगाने वाली एक महिला ने बताया कि जिस दिन बवाल हुआ था, उस दिन उन्होंने वहीं पर सब्जी लगाई थी। उन्होंने बताया कि अचानक से जब लोग उधर से भागे तो वो भी तराजू लेकर भागीं। उन्हीने बताया, “कोई भागने का कारण नहीं बता रहा था। जब भी किसी से पूछते तो वो कहता कि हिंदू-मुस्लिम हो गया। हम लोग यहीं पर सब्जियाँ छोड़कर भागे। इससे एक महीने पहले भी एक मुस्लिम ने हिंदू को मार दिया था। 62 साल की हो गई हूँ, अभी तक हमारी पेंशन तक नहीं बनी है। कहीं भी लफड़ा होता है तो सबसे पहले रेहड़ी वालों को भगाते हैं।” एक अन्य महिला ने कहा कि हम लोग गरीब हैं, हमारे बच्चे भी शरीफ हैं।

उक्त महिला ने बताया, “हम लोग लड़ाई नहीं करते, हम डरते हैं। ऐसे सब दारू पी-पी के ये ही लोग नशेड़ी-गँजेड़ी सब लड़ाई करते हैं।” इस बीच एक अन्य महिला ने कहा मुख्य बात क्या है भाई साब कि इस मंडी के अंदर सिक्योरिटी नहीं है।

जहाँगीरपुरी हिंसा

गौरतलब है कि 16 अप्रैल, 2022 को हनुमान जयंती के मौके पर हिंदुओं द्वारा निकाली गई शोभा यात्रा पर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया था। हिंदुओं पर पत्थर बरसाए गए, तलवार, बोतल औऱ पत्थर बरसाए गए। यहीं नहीं गोलियाँ भी चलीं, जिसमें एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया था।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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