Thursday, April 22, 2021
Home देश-समाज 'लव जिहाद' के खिलाफ बने कानूनों पर रोक लगाने से SC का इनकार, तीस्ता...

‘लव जिहाद’ के खिलाफ बने कानूनों पर रोक लगाने से SC का इनकार, तीस्ता सीतलवाड़ जैसों ने लगाई थी कई याचिकाएँ

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि किसी भी शादी को लेकर ये साबित करना कि ये धर्मांतरण के लिए नहीं किया गया है - कपल्स पर ही इसका सारा दारोमदार थोप दिया गया है, जो आपत्तिजनक है। लेकिन, जब उन्होंने इन कानूनों के लागू होने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की माँग की, तो...

हाल ही में विभिन्न राज्य सरकारों ने ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनाया, ताकि महिलाओं की प्रताड़ना रोकी जा सके। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और असम में ऐसे कानून बने, जबकि कर्नाटक, मध्य प्रदेश और हरियाणा में इसकी तैयारी चल रही है। ये सभी भाजपा शासित राज्य हैं। इन कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में धड़ल्ले से याचिकाएँ दाखिल की गई हैं, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन कानूनों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

हालाँकि, इन याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई हेतु स्वीकार भी कर लिया है। इन याचिकाओं में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ बने राज्य सरकारों के कानूनों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने इस बात का डर जताया है कि अन्य राज्यों में भी इसी तरह के कानून आ रहे हैं, जो ठीक नहीं है। इन कानूनों को धोखे से शादी और जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया गया है, ताकि महिलाएँ इसका शिकार न बनें।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि किसी भी शादी को लेकर ये साबित करना कि ये धर्मांतरण के लिए नहीं किया गया है – कपल्स पर ही इसका सारा दारोमदार थोप दिया गया है, जो आपत्तिजनक है। लेकिन, जब उन्होंने इन कानूनों के लागू होने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की माँग की, तो मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इसके लिए याचिएकाकर्ताओं को उन राज्यों के हाईकोर्ट्स में जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इन मुद्दों पर चर्चा कर के दलीलें सुनने के पक्ष में है, बजाए कि इसे अभी रोकने के। इस मामले में राज्य सरकारों का पक्ष जानने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (जनवरी 4, 2021) को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों को नोटिस भी जारी किया। इस पीठ में जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम और जस्टिस एएस बोपन्ना भी शामिल थे। विकास ठाकरे और तीस्ता सीतलवाड़ के NGO ने ये याचिकाएँ दायर की हैं।

इन याचिकाकर्ताओं ने अपने वकीलों के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया कि ‘लव जिहाद’ कानून की आड़ में पुलिस ने कई निर्दोष लोगों को उठा लिया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि इलाहबाद हाईकोर्ट में ऐसी याचिकाओं पर पहले से ही सुनवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि जब कई हाईकोर्ट्स में केस पेंडिंग हैं तो सुप्रीम कोर्ट को सुनना चाहिए। CJI ने कहा कि वो देखेंगे कि ये कानून ‘दमनकारी’ (आरोपों के हिसाब से) हैं या नहीं।

हाल ही में उत्तर प्रदेश में लव जिहाद पर बने कानून के खिलाफ 104 रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखते हुए इसे नफरत की राजनीति का केंद्र बताया था। जिस पर योगी सरकार के मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि उन अधिकारियों को सेवा के दौरान गलत तरीके से हासिल की गई संपत्ति को खोने का डर सता रहा है। हालाँकि, इससे दोगुने से भी ज्यादा अधिकारियों ने पत्र लिख कर कानून का समर्थन भी किया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मतुआ समुदाय, चिकेन्स नेक और बांग्लादेश से लगे इलाके: छठे चरण में कौन से फैक्टर करेंगे काम, BJP से लोगों को हैं उम्मीदें

पश्चिम बंगाल की जनता उद्योग चाहती है, जो उसके हिसाब से सिर्फ भाजपा ही दे सकती है। बेरोजगारी मुद्दा है। घुसपैठ और मुस्लिम तुष्टिकरण पर TMC कोई जवाब नहीं दे पाई है।

अंबानी-अडानी के बाद अब अदार पूनावाला के पीछे पड़े राहुल गाँधी, कहा-‘आपदा में मोदी ने दिया अपने मित्रों को अवसर’

राहुल गाँधी पीएम मोदी पर देश को उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाते ही रहते हैं। बस इस बार अंबानी-अडानी की लिस्ट में अदार पूनावाला का नाम जोड़ दिया है।

‘सरकार ने संकट में भी किया ऑक्सीजन निर्यात’- NDTV समेत मीडिया गिरोह ने फैलाई फेक न्यूज: पोल खुलने पर किया डिलीट

हालाँकि सरकार के सूत्रों ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रांतिपूर्ण बताया क्योंकि इन रिपोर्ट्स में जिस ऑक्सीजन की बात की गई है वह औद्योगिक ऑक्सीजन है जो कि मेडिकल ऑक्सीजन से कहीं अलग होती है।

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।

गुजरात: अली मस्जिद में सामूहिक नमाज से रोका तो भीड़ ने पुलिस पर किया हमला, वाहनों को फूँका

गुजरात के कपड़वंज में पुलिस ने जब सामूहिक नमाज पढ़ने से रोका तो भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। चौकी और थाने में तोड़फोड़ की।

पाकिस्तानी फ्री होकर रहें, इसलिए रेप की गईं बच्चियाँ चुप रहें: महिला सांसद नाज शाह के कारण 60 साल के बुजुर्ग जेल में

"ग्रूमिंग गैंग के शिकार लोग आपकी (सासंद की) नियुक्ति पर खुश होंगे।" - पाकिस्तानी मूल के सांसद नाज शाह ने इस चिट्ठी के आधार पर...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,783FansLike
82,897FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe