Saturday, July 27, 2024
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हिन्दू-बहुल इलाके में भी डरा हुआ, पुलिस से निराश ‘काफिर’ लाठियाँ रखने को मजबूर

अपने राज में सबको सुरक्षा देने का दावा करने वाली भाजपा को भी यह सोचना होगा कि क्या उसकी "सबका" की परिभाषा से हिन्दू गायब हो रहे हैं?

मथुरा हिन्दू-बहुल है- पत्रकारिता के समुदाय विशेष, ‘शैम्पेन लिबरल्स’ और वामपंथियों के हिसाब से यहाँ मजहब विशेष वालों को डर कर रह रहा होना चाहिए। मथुरा जिस उत्तर-प्रदेश में है, वहाँ भाजपा का शासन है- भाजपा और मीडिया दोनों बताते हैं कि हिन्दू भाजपा-शासन में भयमुक्त हैं (दोनों का मतलब अलग-अलग होता है “भयमुक्त” या “बेख़ौफ़” का, लेकिन दावा एक ही होता है)। लेकिन फिर ऐसा क्यों होता है कि हिन्दू-बहुल, भाजपा-शासित मथुरा के चौक बाजार में पंकज और भरत यादव की इस्लामी भीड़ का एक झुंड भरपूर पिटाई करता है, “बेख़ौफ़” होकर करता है, लोकसभा निर्वाचन जब चल रहे होते हैं, हर तरफ कड़ा पहरा होता है, तब कर देता है? कैसे उस झुण्ड में मौजूद औरत कह देती है कर दे एफआईआर, नहीं डरते, छूट जाएँगे?

स्वराज्य पत्रिका की संवाददाता स्वाति गोयल शर्मा जब ग्राउंड रिपोर्टिंग करने उतरतीं हैं 18 मई को हुई दो भाईयों की उनकी ही लस्सी दुकान पर हुई ‘मॉब-लिंचिंग’ की, तो रूह फना कर देने वाली चीज़ें उनके कैमरे में कैद होतीं हैं। भरत की तो एक हफ्ते बाद सिर पर लगी गंभीर चोटों से मृत्यु हो गई, लेकिन पंकज बच गए। स्वाति के कैमरे पर वह बताते हैं कि कैसे उस झुण्ड में शामिल औरत उन्हें काफ़िर कह रही थी, कैसे गल्ले से ₹10,000 उठा लिए गए, माँ-बहन की गालियाँ दी गईं, हाथ-पैर जोड़कर माफ़ी माँगने और वहाँ से चले जाने की गुज़ारिश की भाईयों ने।

एक चश्मदीद गवाह कैमरे के सामने तो नहीं आते, लेकिन माइक पर वह भी वही ब्यौरा देते हैं, कि कैसे समुदाय विशेष वालों ने खुद ही “मोदी-योगी से हम नहीं डरते” कह कर मारपीट की।

मुस्लिम महिला को पूरा विश्वास था, आसानी से मिल जाएगी जमानत।

भाजपा- राज में भी क्या सुरक्षित हैं हिन्दू?

अपने राज में सबको सुरक्षा देने का दावा करने वाली भाजपा को भी यह सोचना होगा कि क्या उसकी “सबका” की परिभाषा से हिन्दू गायब हो रहे हैं? यह कैसी विडंबना है कि एक ओर मीडिया मोदी-राज, योगी-राज, भाजपा-राज को हिन्दुओं की गुंडागर्दी का पर्याय बता रहा है, दूसरी ओर हिन्दू बता रहे हैं कि उन्हें थाने से भगाने को उत्सुक पुलिस “मोहम्मडन लेडीज़” की आवभगत में लग गई? मथुरा के हिन्दुओं को भाजपा-राज में पुलिस पर इतना भी भरोसा नहीं कि अब वह अपनी सुरक्षा के लिए लाठी-डंडे दुकानों में रख रहे हैं।

हिन्दुओं के अच्छे दिन कब आने वाले हैं?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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