Thursday, August 5, 2021
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गाय भगवान है तो मैं तुम्हारे भगवान को खाता हूँ: फ़िल्म निर्देशक ने इस महान राजा को भी दी ‘गाली’

'कबाली' व 'काला' जैसी बड़ी फ़िल्में निर्देशित कर चुके पा रंजीत ने जहर उगला है। गोहत्या का समर्थन करते हुए पा रंजीत ने कहा कि...

तमिल फ़िल्मों के निर्देशक पा रंजीत ने हिंदुत्व और महान तमिल शासक राजाराज चोल को लेकर ज़हर उगला है। सुपरस्टार रजनीकांत अभिनीत ‘कबाली’ व ‘काला’ जैसी बड़ी फ़िल्में निर्देशित कर चुके पा रंजीत शुरू से ही अपनी फ़िल्मों के जरिए वामपंथी विचारधारा का प्रचार करते रहे हैं। अब नया विवाद खड़ा करते हुए विवादित फ़िल्म डायरेक्टर ने कहा कि हिन्दुओं ने दलितों से ज़मीन छीन ली है। रंजीत ने हिन्दुओं व दलितों को अलग-अलग कर के देखने की कोशिश की। 2012 में रोमांटिक कॉमेडी ‘अताकथी’ से निर्देशन के क्षेत्र में क़दम रखने वाले रंजीत ने कहा कि सरकार को सभी मठों की ज़मीनें छीन कर उसे वापस दलितों को दे देना चाहिए।

पा रंजीत यहीं नहीं रुके। उन्होंने इतिहास की बात छेड़ते हुए महान तमिल शासक राजाराज चोल को एक ज़मीन हड़पने वाला बताया और कहा कि उनका शासन तमिल इतिहास के अन्धकार भरे युग में से एक था। उन्होंने दावा किया कि राजाराज चोल के समय ही जाति सम्बन्धी अत्याचार शुरू हुए थे। जबकि, इतिहास इसके एकदम उलट है। शैव सम्प्रदाय के पुरोधा राजाराज चोल ने वैष्णव सम्प्रदाय को भी बढ़ावा दिया और भगवान विष्णु के कई मंदिर बनवाए। उन्होंने कई बौद्ध स्थलों का भी निर्माण करवाया। उन्हें धर्मनिरपेक्ष और पंथनिरपेक्ष राजा के रूप में याद किया जाता है।

राजाराज चोल का साम्राज्य कलिंग से लेकर लंका तक फैला हुआ था। उस समय के शिलालेखों के अनुसार, भगवान श्रीराम से उनकी तुलना करते हुए लिखा गया है कि राजाराज चोल उनके सदृश ही श्री लंका में विजय पताका फहराने वाले भारतीय राजा थे। नौसेना के इस्तेमाल के लिए सुप्रसिद्ध राजाराज चोल एक बड़े योद्धा भी थे। मालदीव के कुछ हिस्सों पर भी उनका राज चलता था। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साईट के अंतर्गत आने वाला बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण भी राजाराज चोल ने ही करवाया था। बाद में मदुरई पर नियंत्रण रखने वाले मुस्लिम सुल्तानों ने मंदिर को खासा नुकसान पहुँचाया।

हिन्दुओं व राजाराज चोल के बारे में आपत्तिजनक बयान देने वाले पा रंजीत के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर लोगों ने गुस्सा जताया। गोहत्या का समर्थन करते हुए पा रंजीत ने आगे कहा कि अगर गाय हिन्दुओं की माता है तो वह हिन्दुओं के भगवान को खाने वाले व्यक्ति हैं। राजाराज चोल पर तमिल सिनेमा में कई फ़िल्में बन चुकी हैं और तमिल इंडस्ट्री के महान अभिनेता शिवाजी गणेशन उनका किरदार निभा चुके हैं। ऐसे में, हिन्दुओं के साथ-साथ राजाराज चोल और गाय को लेकर पा रंजीत का बयान समाज को बाँटने वाला है, ऐसा सोशल मीडिया पर लोगों ने करार दिया।

ये सारी बातें बोलते समय रंजीत ने ख़ुद को पेरियार और आंबेडकर का भक्त बताया। उन्होंने इस बात को नज़रंदाज़ कर दिया कि चीन से व्यापारिक संधि कर राजाराज चोल ने भारतीय दबदबा बढ़ाने का काम किया था। अभी पा रंजीत स्वतन्त्रता सेनानी बिरसा मुंडा पर फ़िल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए उन्होंने कहा कि राजाराज चोल के काल में सैकड़ों लड़कियों को वेश्यावृत्ति में ढकेल दिया गया था, जबकि इतिहास में ऐसा कोई तथ्य दर्ज नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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